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उद्यमियों का बिजली संकट के खिलाफ प्रदर्शन

उद्यमियों का बिजली संकट के खिलाफ प्रदर्शन

उद्यमियों का बिजली संकट के खिलाफ प्रदर्शन-बिजली संकट हल नहीं हुआ तो सीएम को साैंपेंगे फैक्ट्री की चाबियां लुधियाना : (पी9 ब्यूरो) :  पंजाब में

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उद्यमियों का बिजली संकट के खिलाफ प्रदर्शन-बिजली संकट हल नहीं हुआ तो सीएम को साैंपेंगे फैक्ट्री की चाबियां

लुधियाना : (पी9 ब्यूरो) : 

पंजाब में गहराए बिजली संकट को लेकर औद्योगिक नगरी में उबाल आना आरंभ हो गया है। शुक्रवार को व्यापारियों की ओर से बाजारों में किए गए प्रदर्शन के बाद अब इंडस्ट्री पर सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आई है। शहर के प्रमुख औद्योगिक संगठनों की ओर से संयुक्त रुप से शिनवार काे गिल रोड स्थित साइकिल मार्केट में प्रदर्शन किया।
इस दौरान जहां सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई, वहीं मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का पुतला भी फूंका गया। इसके साथ ही उद्यमियों ने चेतावनी दी कि अगर शीघ्र बिजली समस्या का हल न हुआ, तो सारी इंडस्ट्री फैक्टरियों की चाबियां मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को सौंपने के लिए कुछ ही दिनों में चंडीगढ़ जाएगी। क्योंकि बिजली संकट के चलते न तो कारखाने चल पा रहे हैं और दामों में भी भारी इजाफा हो गया है। ऐसे में फैक्टरियों में काम करने वाले कर्मचारियों को वेतन तक देना मुश्किल हो रहा है। लेकिन सरकार हल की बजाए इसको दो दो दिन आगे बढ़ा रहे है। उद्यमियों ने कहा कि सरकार में प्लानिंग का अभाव है। इसी के चलते इंडस्ट्री को इस तरह के दौर से गुजरना पड़ रहा है। यह पंजाब उद्योगों के लिए काले दौर के रुप में याद किया जाएगा।

फास्टनर मैन्यूफेक्चरर एसोसिएशन के प्रधान नरिंदर भमरा ने कहा कि यह हमारे लिए बेहद बुरा दौर है, इसे सारा जीवन काले दौर के रुप में याद रखा जाएगा। कोविड के चलते पहले ही इंडस्ट्री बंद जैसी रही और अब अगर डिमांड आने लगी है, तो सरकार ने बिजली की मिस प्लानिंग से समस्या में डाल दिया है। इससे निकलने में कैसे इंडस्ट्री काम कर पाएगी। फोपसिया के अध्यक्ष बदीश जिन्दल ने कहा कि हमारे पास अब सड़कों पर उतरने के अलावा कोई हल नहीं है। अब हम अपनी फैक्टरी की चाबियां सरकार के दे देंगे, क्योंकि कारखाने वैसे भी अब काम करने के लिए कुछ रहा ही नहीं। इस माैके पर नरिंदर भमरा, बदीश जिंदल, राजकुमार सिंगला, कुलदीप सिंह डंग, महेश गुप्ता, राजेश सोनी, विक्रमजीत भंवरा, राजा किंग, जुगल किशोर, रुपिंदर ओबराय, गुरजीत सिंह, तेजिंदर सिंह सहित भारी संख्या में उद्योगपति मौजूद थे।

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