प्रधान स्व श्री अशोक जैन की चौथी पुण्यतिथि पर नम आंखों से दी श्रद्धांजलि : अमन, ऋषि जैन /अनुज मदान, सौरव जैन मंदिर के समस्त अधिकारी, पदाधिकारी व
प्रधान स्व श्री अशोक जैन की चौथी पुण्यतिथि पर नम आंखों से दी श्रद्धांजलि : अमन, ऋषि जैन /अनुज मदान, सौरव जैन
मंदिर के समस्त अधिकारी, पदाधिकारी व सेवादारों भगतों ने प्रधान स्व. अशोक जैन के पदचिन्हों पर चलने का लिया प्रण, हवन व अमृतवाणी का पाठ कर दी श्रद्धांजलि
लुधियाना : (रवि वर्मा ब्यूरो) :





सिद्धपीठ महाबली संकटमोचन श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में प्रधान स्व. अशोक जैन की चौथी पुण्यतिथि पर मंदिर में विधि-विधान के साथ श्रद्धांजलि दी गई। जैन परिवार के पारिवारिक सदस्यों धर्मपत्नी आशा जैन, मंदिर प्रधान अमन जैन, सुपुत्र सरप्रस्त ऋषि जैन, सलोनी जैन, अर्चना जैन, कृष जैन, वंश जैन, वैभव जैन, लव्य जैन के साथ मंदिर के समस्त अधिकारी, पदाधिकारी व सेवादारों भगतों तथा महानगर के विभिन्न धार्मिक, सामाजिक, राजनितिक संगठनों ने जिनमें मुख्य रूप से अनुज मदान, सौरव जैन, सोमनाथ मड़कन, अरविंद टिल्लू, सन्दीप धमीजा, नरिंदर नंदू, विश्वनाथ सेठी, भारती सोनी, राहुल ऑप्टिकल, तमन्ना बुद्धिराजा, शिवानी धमीझा, शीतल घई, अनु अग्रवाल, वंदना गुप्ता, कोमल जैन, मुकेश जैन, राकेश जैन, नीलम जैन आदि गणमान्य द्वारा श्रद्धासुमन भेंट किए गए। पुण्यतिथि अवसर पर मंदिर में हवन किया गया, जिसमें पूर्ण आहुति पारिवारिक सदस्यों द्वारा मंदिर के आचार्यो पंडित देवी दयाल, पंडित विष्णु, पंडित सुरेश, पंडित राम, पंडित दीपक नारायण, पंडित संजय, पंडित विश्रराम ने विधि-विधान के साथ सम्पूर्ण की। उपरांत प्रधान स्व. अशोक जैन को श्रद्धांजलि दी गई। इसके उपरांत मंदिर प्रांगण में श्री अश्वनी बेदी जी द्वारा अमृतवाणी का पाठ कर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधान अमन जैन ने कहा कि आज भी मंदिर के प्रधान स्व. अशोक जैन ही है। हम उनके दर्शाये मार्ग का अनुसरण कर मंदिर में विकास कार्य में एक सेवादार है। सपुत्र ऋ षि जैन ने कहा कि पूज्य पिता ने उनको सनातन धर्म की जो ध्वजा थमाई है हम उनका प्रचार क प्रसार करने का प्रयास जारी रखेंगे।
सेवक अनुज मदान ने कहा कि श्री बालाजी महाराज के परम भक्त एवं उनके गुरु स्व. अशोक जैन ने मंदिर की ख्याति एवं सनातन धर्म की ध्वजा पूरे विश्व में फहराई है जोकि विरला भक्त ही कर सकता है ओर ऐसे संत रूपी गुरु को पाकर उनका जीवन भी धन्य हुआ है जोकि पुण्य की बात है। सभी भक्तों ने एक साथ सनातन धर्म का प्रचार व मंदिर का विकास करने का प्रण लिया। श्रद्धांजलि देते हुए सौरव जैन, सोमनाथ मड़कन, अरविन्द टिल्लू ने कहा कि आज बहुत गर्व महसूस होता है क्योंकि आज भक्तों के दिल ओर कंठ में श्री बाला जी के बाद प्रधान अशोक जैन का नाम स्मरण करने को मिलता है।

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