लुधियाना में फर्जी कॉल सेंटर का मामला : पकड़े आरोपियों का खुलासा-दिल्ली से फॉरवर्ड होती थी काल, जांच में बड़ा सवाल-कैसे मिले विदेशी नंबर? लुधियाना
लुधियाना में फर्जी कॉल सेंटर का मामला : पकड़े आरोपियों का खुलासा-दिल्ली से फॉरवर्ड होती थी काल, जांच में बड़ा सवाल-कैसे मिले विदेशी नंबर?
लुधियाना : (रवि वर्मा ब्यूरो) :


पंजाब के लुधियाना में 2 दिन पहले पुलिस ने चीमा चौक नजदीक आर के रोड पर चलाए जा रहे फर्जी कॉल सेंटर पर रेड मार 12 लोगों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में अब पुलिस के हाथ बड़ा दिल्ली कनेक्शन आया है। दिल्ली में बैठे मुख्य आरोपी दिल्ली से कॉल को लुधियाना फॉरवर्ड करते थे, जिसके बाद यहां से काल सेंटर बना आरोपी विदेशों में बैठे लोगों से जालसाजी करते थे।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लुधियाना पुलिस की एक टीम दिल्ली पहुंच चुकी है। इस बीच, लुधियाना पुलिस ने सभी 13 आरोपियों को अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपियों से पूछताछ के लिए पुलिस को चार दिन का रिमांड दिया है।
विदेशी नंबर कहां से मिले इस पर जांच जारी
अदालत में पुलिस ने कहा है कि फर्जी कॉल सेंटर से जुड़े और भी आरोपी गिरफ्तार किए जाने अभी बाकी हैं। वे यह जानने के लिए जांच कर रहे हैं कि उन्होंने विदेश में बैठे लोगों से कितने पैसे ठगे थे। अभी यह पता लगाया जाना बाकी है कि वे विदेशी नागरिकों के फोन नंबर और ईमेल आई डी सहित विवरण कैसे प्राप्त करते थे। ये बड़ा सवाल अभी पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है।
ये आरोपी हो चुके गिरफ्तार
लुधियाना पुलिस ने रैकेट के सरगना चंडीगढ़ रोड सेक्टर 32 निवासी अंकुश बस्सी, उसके सहयोगी केतन सूद, साचू सुभाष, जोबनप्रीत सिंह, प्रणव अरोड़ा, ऋतिक कालरा, कपिल बलिया, मनिंदरपाल सिंह, रेशव सिंह, मनप्रीत सिंह, रोहित ठाकुर, अविराज सिंह, जपानदीप सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपी ई-वॉलेट से कुछ राशि काटे जाने की बात कहते हुए पे-पाल के उपयोगकर्ताओं को बल्क ईमेल और एसएमएस भेजते थे। वे रिफंड का दावा करने के लिए ईमेल के अंत में अपने टोल फ्री नंबर का उल्लेख करते थे। जब पे-पाल उपयोगकर्ता कॉल करते हैं तो अभियुक्त उनसे एक फॉर्म भरवाते हैं और स्पूफिंग करके उनके महत्वपूर्ण विवरण प्राप्त कर लेते हैं। इन जानकारियों का इस्तेमाल कर आरोपी लोगों के खातों से पैसे निकाल लेते थे।
रात को चलता था ठगी का कारोबार
थाना डिवीजन नंबर 8 के एसएचओ इंस्पेक्टर नीरज चौधरी ने कहा कि आरोपी नाइट शिफ्ट में रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक काम करता था। आरोपी के खिलाफ थाना डिवीजन नंबर 8 में आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी, सूचना एवं प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 (सी) और 66 (डी) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

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