प्राइवेट आपरेटर्स बाेले-निजी बसों में भी महिलाओं का किराया फ्री करे पंजाब सरकार, रोडवेज व पी आर टी सी की तर्ज पर हाे भुगतान लुधियाना : (रवि वर्मा
प्राइवेट आपरेटर्स बाेले-निजी बसों में भी महिलाओं का किराया फ्री करे पंजाब सरकार, रोडवेज व पी आर टी सी की तर्ज पर हाे भुगतान
लुधियाना : (रवि वर्मा ब्यूरो) :

कैप्टन सरकार ने महिलाओं के लिए राज्य में फ्री बस सेवा शुरू की। लेकिन यह सेवा सिर्फ पंजाब रोडवेज व पीआरटीसी की बसों में दी जा रही है। पंजाब के प्राइवेट बस आपरेटरों ने सरकार से मांग की है कि उनकी बसों में भी महिलाओं का किराया फ्री किया जाए। रोडवेज व पीआरटीसी की तर्ज पर महिलाओं के किराये का भुगतान उन्हें सरकार दे। बस आपरेटरों ने कहा कि सरकार चाहे तो महिलाओं के किराए की राशि उनके टैक्स में एडजस्ट करे। बस आपरेटरों का तर्क है कि सरकार की इस योजना के कारण प्राइवेट बसों को सवारियां नहीं मिल रही हैं और प्राइवेट आपरेटर घाटे में चल रहे हैं।
इकबाल सिंह व शुभकरण सिंह बराड़ ने कहा कि कई बस आपरेटर आजादी के पहले से काम कर रहे हैं और उनकी चार चार पीढ़ियां इसी कारोबार में निकल गई। अब सरकार व कुछ राजनीतिक लोग अपने फायदे के लिए प्राइवेट बस आपरेटरों को माफिया कह रहे हैं। जिस पर उन्हें घोर आपत्ति है। उन्होंने कहा कि पंजाब में 2500 के करीब प्राइवेट बसें हैं, जिसमें से 329 बादल परिवार की हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी बस आपरेटर दो नंबर का काम नहीं कर रहा है।
काेरोना काल में प्राइवेट बस आपरेटरों पर पड़ी मार
पूर्व ट्रांसपोर्ट मंत्री अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अकाली नेताओं की बसों के परमिट रद किए तो उन्हें हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक की फटकार लगी। जिससे साफ है कि बसें गलत तरीके से नहीं चल रही थी। उन्होंने कहा कि कोरोना काल से पहले बस आपरेटर अपना टैक्स समय पर भर रहे थे लेकिन काेरोना काल में सबसे ज्यादा प्राइवेट बस आपरेटरों पर मार पड़ी। उन्होंने तब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह व वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने भरोसा दिलाया था कि जितनी देर 50 फीसद सवारियों वाला नियम रहेगा उतनी देर का उनसे टैक्स नहीं लिया जाएगा। लेकिन मुख्यमंत्री बदलते ही बस आपरेटरों को यह छूट नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि एक तो सरकार ने महिलाओं के लिए यात्रा फ्री कर दी जिसकी वजह से महिलाएं उनकी बसों में नहीं बैठ रही, जिससे उनको नुकसान हो रहा है।
इस मौके पर न्यू फतेहगढ़ बस लुधियाना के सुमेर सिंह लिबड़ा, अमृत ट्रांसपोर्ट लुधियाना के गुरिंदर जीत सिंह, मालवा बस मोगा के शुभकरम सिंह बराड़, शेखुपुरिया बस सर्विस लुधियाना के इकबाल सिंह, ग्रेवाल बस लुधियाना कुलविंदर सिंह, राजगुरू बस सर्विस के गुरजीत सिंह, जुझार के गुरदीप सिंह, अंबाला बस सिंडिकेट रोपड़ के अमरिंदर सिंह व अन्य आपरेटर शामिल हुए।

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