पंजाब डीजीपी ने आइएसआइ व एसएफजे की बड़ी साजिश से उठाया पर्दा, बाेले-गैंगस्टरों व डिसमिस पुलिस कर्मियाें का कर रही इस्तेमाल लुधियाना : (पी9 ब्यूरो)
पंजाब डीजीपी ने आइएसआइ व एसएफजे की बड़ी साजिश से उठाया पर्दा, बाेले-गैंगस्टरों व डिसमिस पुलिस कर्मियाें का कर रही इस्तेमाल
लुधियाना : (पी9 ब्यूरो) :
काेर्ट कांप्लेक्स परिसर ब्लास्ट में मारा गया पुलिस का बर्खास्त हवलदार गगनदीप आतंकी संगठन सिख फार जस्टिस (एसएफजे) व पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ का एकमात्र माेहरा था। आंतकवादी गतिविधियों में संलिप्त दोनों एजेंसियाें को पंजाब का माहौल खराब करने के लिए उपयुक्त लोग नहीं मिल रहे हैं। इसलिए वह जेल में बंद गैंगस्टरों, नशा तस्करों तथा पुलिस विभाग से बर्खास्त कर्मियाें की पहचान करके उन्हें साथ जोड़ रही है। आइएसआइ को ऐसे लोग चाहिए, जो पुलिस से तनावग्रस्त हैं। उनके साथ मिलकर वह नारको टेरेरिज्म विद माफिया फैलाना चाहती है। डीजीपी पंजाब सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने एक साक्षात्कार में यह बात कही।
डीजीपी ने कहा कि आतंकवाद के दौर में पाकिस्तान हथियार ज्यादा भेजा करता था। जबकि ड्रग्ज बहुत कम हुआ करते थे। मगर अब पाकिस्तान से ड्रग्स ज्यादा आ रहे हैं। उनके साथ थोड़े बहुत हथियार भी आ रहे हैं। बार्डर पर पहले कंटीली तारें नहीं थी। उस समय थोड़ी तस्करी होती थी। खालिस्तान मूवमेंट के बाद तारों की बाड़ की गई। उससे काफी फर्क पड़ा। मगर अब ड्रोन आने से नया खतरा पैदा हो गया। अब उसका भी आप्शन देखा जा रहा है। जल्दी ही उसकी रोक के लिए कदम उठाए जाएंगे।
डीजीपी ने माना है कि पंजाब की जेलें गैंगस्टरों व आतंकियाें के लिए सेफ जाेन बन गई हैं। वहां बड़े स्तर पर कार्रवाई करने की जरूरत है। जेल में 14 हजार में आराम से मोबाइल फोन मिल जाता है। तस्कर अंदर बैठ कर ड्रग्ज रैकेट चला रहे है। उन्होंने कहा कि जेल मंत्री, गृह मंत्री, वो खुद और एडीजीपी जेल उन पर लगामा कसने के लिए लगातार बैठकें कर रहे हैं। जल्दी ही ठोस कार्रवाई की जाएगी। ताकि उन पर नकेल कसी जाए।
जर्मनी और पाकिस्तान के साथ जुड़ने के बाद पुलिस और जांच एजेंसियां सतर्क
उन्होंने कहा कि लुधियाना बम ब्लास्ट के तार जर्मनी और पाकिस्तान के साथ जुड़ने के बाद पुलिस और जांच एजेंसियां पहले से अधिक सतर्क हो गईं हैं। सभी शहरों के पुलिस नाके एक्टिवेट कर दिए हैं। हर जिले के एसएसपी और कमिश्नर को निर्देश जारी करके पुलिस को एक्टिवेट कर दिया गया है। डीजीपी ने कहा कि लुधियाना ब्लास्ट आईएसआई की बहुत बड़ी साजिश का एक छोटा सा हिस्सा था। शुरूआत में पंजाब के क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को डराना उनका मकसद था। उन्होंने केवल एक बम तैयाार करके नहीं भेजा है। उसके लिए और भी एक्सप्लोसिव आए हैं। उसमें सिख फार जस्टिस के अलावा आइएसआइ का अहम रोल है। उस एक्सप्लोसिव का इस्तेमाल दिल्ली व मुंबई समेत और भी कई जगहों पर होने वाला था। उनके मंसूबों को कुचलने के लिए उचित कार्रवाई की जा रही है।
एसएफजे पंजाब के लोगों को कर रहा गुमराह
डीजीपी ने कहा कि सिख फार जस्टिस (एसएफजे) केवल अपनी पहचान बनाए रखने के लिए पंजाब के लोगों को गुमराह कर रही है। लोगों को भड़काने की बजाय गुरपतवंत सिंह पन्नू अपने बेटे को जंग लड़ने के लिए पंजाब में क्यों नहीं भेज रहा है। यह लोग खालिस्तान के नाम पर पैसा इकट्ठा करते हैं। गुरुओं और गुरुद्वारों के नाम पर कुछ नहीं कर रहे हैं। सिखी धर्म के लिए भी कुछ नहीं कर रहे हैं।

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