HomeHeathFitness

श्री हनुमान जी की विजय गाथा का प्रतीक है सुंदरकांड पाठ : अमन जैन

श्री हनुमान जी की विजय गाथा का प्रतीक है सुंदरकांड पाठ : अमन जैन

राम काजु सबु करिहहु तुम्ह बल बुद्धि निधान। आसिष देई गई सो , हरिष चलेऊ हनुमान। प्रधान स्व.अशोक जैन जी की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में श्री बालाजी मंदि

धार्मिक यात्राएं मानव मन को भटकने से रोक कर आपसी भाईचारा बढ़ाती हैं : एडवोकेट बिक्रम सिद्धू
पंजाब विधानसभा चुनाव : लुधियाना में 26.50 लाख मतदाता 14 हलकों के भाग्य विधाता
गरीब जनता को गली सड़ी गेहूं बांट उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालो पर हो कड़ी कारवाई : हरकेश मित्तल

राम काजु सबु करिहहु तुम्ह बल बुद्धि निधान। आसिष देई गई सो , हरिष चलेऊ हनुमान।

प्रधान स्व.अशोक जैन जी की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में श्री बालाजी मंदिर में हुआ सुंदरकांड पाठ, दिल्ली से विशेष रूप से श्री रसराज जी महाराज ने किया पाठ 

श्री हनुमान जी की विजय गाथा का प्रतीक है सुंदरकांड पाठ  : अमन जैन 

लुधियाना  : (पी9 ब्यूरो) : 

सिद्व पीठ महाबली संकटमोचन श्री हनुमान मंदिर जोशी नगर धाम हैबोवाल कलां में श्रंखलाबद्ध हवन यज्ञ व संध्या चौंकी का आयोजन किया गया।आयोजन प्रधान अमन जैन की अध्यक्षता में किया गया।इस अवसर पर मन्दिर के आचार्यों पंडित देवी दयाल जी,पंडित विष्णु जी,पंडित संजय जी,पंडित राम जी,पंडित सुरेश जी,पंडित विश्राम जी द्वारा हवन यज्ञ किया गया जिसमें आयोजक परिवार नरिंदर नंदू, परिवार द्वारा मंगल कामनाओं के साथ आहुतियां डाली गई।संध्या चौंकी पर मंदिर कमेटी की तरफ से भक्तों के लिए भंडारे का प्रबंध किया गया।संध्या चौंकी पर प्रधान स्व.अशोक जैन की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में दिल्ली से विशेष रूप से पधारे श्री रसराज जी महाराज द्वारा मंदिर में रामचरितमानस के पंचम सोपान सुंदरकांड का पाठ कर श्रद्धांजलि दी गई। श्री रसराज जी महाराज ने सुंदरकांड पाठ का महत्व बताते हुए कहा कि संपूर्ण श्रीरामचरितमानस भगवान श्रीराम कें गुणों और उनके पुरुषार्थ को दर्शाती हैं, सुंदरकांड एकमात्र ऐसा अध्याय है जो श्रीराम के भक्त हनुमान जी की विजय का है। प्रधान अमन जैन ने कहा कि ऐसा माना जाता है कि सभी देवताओं में केवल पवनपुत्र भगवान श्री हनुमान जी ही ऐसे देवता हैं जो आज भी धरती पर विचरण करते हैं। इसलिये सुंदरकांड का पाठ करने से हनुमान जी अवश्य प्रसन्न होते हैं। मान्यता है कि जो भी जातक श्रद्धापूर्वक सुंदरकांड का पाठ करता है तो उसके जीवन में कई सकारात्मक बदलाव आते हैं। ऐसे जातक की मन की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं।सेवक अनुज मदान ने कहा कि वास्तव में श्री रामचरितमानस के सुंदरकांड की कथा सबसे अलग हैं।मनोवैज्ञानिक नजरिए से देखा जाए तो यह आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति बढ़ाने वाला कांड हैं, सुंदरकांड के पाठ से व्यक्ति को मानसिक शक्ति प्राप्त होती हैं व् किसी भी कार्य को पूूर्ण करने के लिए आत्मविश्वास मिलता है।इस अवसर पर प्रधान अमन जैन व् अनुज मदान ने श्री रसराज जी महाराज जी का विशेष रूप से मंदिर का स्मृति छनिह देकर सम्मान किया। इस अवसर पर  इस अवसर पर सोमनाथ मड़कन, ऋषि जैन, अरविंद टिल्लू, सौरभ जैन, ज्योति गुप्ता, संजय गुप्ता, मदन लाल मदान, दीपक घई, सुनील कैटर, सन्दीप धमीजा, नरिंदर नंदू, विश्वनाथ सेठी, भारती सोनी, सतीश डंग, निशांत चोपड़ा, बलजीत सिंह पीता, रोहित डंग, अशोक गुप्ता आदि उपस्थित हुए।

COMMENTS

WORDPRESS: 0
DISQUS: 0