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सिद्धू पंजाब कांग्रेस के ‘कैप्टन’ बने :

कैप्टन की टी पार्टी से बीच में ही गए, प्रियंका के कहने पर लौटे

सिद्धू पंजाब कांग्रेस के ‘कैप्टन’ बने :

सिद्धू पंजाब कांग्रेस के 'कैप्टन' बने : अमरिंदर बोले- सिद्धू पैदा हुए थे तब मैं बॉर्डर पर तैनात था, नवजोत सिद्धू ने कांग्रेस हाईकमान का छुड़ाया पसीना

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सिद्धू पंजाब कांग्रेस के ‘कैप्टन’ बने : अमरिंदर बोले- सिद्धू पैदा हुए थे तब मैं बॉर्डर पर तैनात था, नवजोत सिद्धू ने कांग्रेस हाईकमान का छुड़ाया पसीना, नवजोत बोले- मेरी चमड़ी मोटी, मुझे फर्क नहीं पड़ता

कैप्टन की टी पार्टी से बीच में ही गए, प्रियंका के कहने पर लौटे

चंडीगढ़ : (पी9 ब्यूरो) : 

पंजाब कांग्रेस भवन में सिद्धू ने एक बार फिर अपने तेवर दिखाए। जब वह भाषण देने के लिए खड़े हुए तो भगवान को याद किया, क्रिकेट शॉट मारने का एक्शन किया। अपने दाईं ओर बैठे कैप्टन और हरीश रावत को इग्नोर करते हुए आगे बढ़े और पूर्व मुख्यमंत्री रजिंदर कौर भट्‌ठल और लाल सिंह के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद वे भाषण देने खड़े हुए। सिद्धू ने कहा- मेरा दिल चिड़े के दिल जैसा नहीं है। जो मेरा विरोध करेंगे, वो मुझे और मजबूत बनाएंगे। मेरी चमड़ी मोटी है। मुझे किसी के कहने-सुनने से कोई फर्क नहीं पड़ता।

15 अगस्त से कांग्रेस भवन में लगेगा बिस्तरा

सिद्धू ने अपने भाषण में विरोधियों को खूब ललकारा। वे बोले- परखने से कोई अपना नहीं रहता, किसी भी आइने में ज्यादा देर चेहरा नहीं रहता। सिद्धू ने कहा कि आज सारे कांग्रेस कार्यकर्ता प्रधान बन गए क्योंकि कार्यकर्ताओं के सहयोग के बिना कोई पार्टी राजनीति में टिक नहीं सकती। इस बीच सिद्धू ने भाजपा को घेरते हुआ कहा कि जिनके मत से बनती हैं सरकारें, आज दर बदर सड़कों पर भटक रहे बेचारे। सिद्धू की यह बात किसानों को लेकर थी। वे बोले-15 अगस्त से मेरा बिस्तर कांग्रेस भवन में लगेगा। उन्होंने मंत्रियों से अपील है कि वे भी 3-3 घंटे निकालकर कांग्रेस भवन में आएं और लोगों की समस्याएं सुनें। बोले- पंजाब मॉडल को आगे ले जाकर दिल्ली मॉडल को फेल करना है। इस वक्त सबसे बड़ा मसला ये है कि हमारे किसान दिल्ली में बैठे हैं। मैं किसानों से मिलना चाहता हूं। इसके अलावा बेअदबी का मसला है। इटीटी टीचर सड़कों पर हैं। डॉक्टर हड़ताल पर हैं। कंडक्टर, ड्राइवर धरने पर हैं। इन सभी के मसले हमें हल करने हैं। इसके लिए उनकी समस्याएं सुननी होंगी। मैं सभी के बीच जाऊंगा, बात करुंगा और उन्हें हर संभव तरीके से अपने साथ लेकर आऊंगा। नाश्ते की टेबल पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ फोटो में बैठे नजर आ रहे नवजोत सिंह सिद्धू को देखकर यह दिखाने का प्रयास जरूर किया गया कि दोनों के बीच मतभेद खत्म हो गए हैं, लेकिन इस मेज तक सिद्धू को लाने में एक बार फिर से हाईकमान के पसीने छूट गए। कांग्रेस भवन में पदभार ग्रहण करने के मौके पर भी जहां मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार पर लगे आरोपों का बचाव किया, वहीं सिद्धू का हमलावर रुख ऐसा था जैसे वह अपनी पार्टी पर नहीं बल्कि विपक्षी पार्टी पर बरस रहे हों।

टी पार्टी में बैठे सिद्धू, कैप्टन व हरीश रावत

क्या अंदर सचमुच ऐसा था, जैसा दिखाया गया। ऐसा बिल्कुल नहीं था। मुख्यमंत्री जैसे ही पंजाब भवन पहुंचे तो नवजोत सिद्धू उन्हें सिर्फ नमस्कार कहकर लौट गए। वह विधायकों के साथ बात करने लगे और वापस लौट गए। जब मुख्यमंत्री ने उनके बारे में पूछा तो उन्हें बताया गया कि सिद्धू वापस चले गए हैं। कैप्टन अमरिंदर के सहयोगियों ने इस बारे में पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश रावत से पूछा तो उन्होंने बताया कि सिद्धू नीचे समारोह में हैं, लेकिन जब उन्हें पता चला कि सिद्धू लौट गए हैं तो रावत खासे नाराज दिखे। 
हरीश रावत ने तुरंत नवजोत सिद्धू को फोन किया और लौटने को कहा। पता चला कि सिद्धू ने इस बारे में ना नुकर की। हरीश रावत ने तुरंत प्रियंका गांधी को सारी बात बताई और उनसे कहा कि वह सिद्धू से बात करें। सूत्रों का कहना है कि प्रियंका गांधी के कहने पर ही सिद्धू दस मिनट बाद फिर से लौट आए। सिद्धू के चेहरे पर बनावटी हंसी स्पष्ट नजर आ रही थी। लौटते ही उन्होंने कैप्टन को नमस्कार कहा और कहा कि उनके आने की उन्हें खुशी है।

सिद्धू के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में बैठे कैप्टन, सिद्धू व जाखड़

कैप्टन ने उनके दिखाई न देने के बारे में पूछा तो सिद्धू ने कहा कि वह अरदास करने गए थे। वह कैप्टन के ठीक सामने वाली कुर्सी पर बैठने ही वाले थे कि खेल मंत्री राणा सोढी ने उन्हें कैप्टन के साथ वाली कुर्सी पर बैठने को कहा। वह तुरंत ही कैप्टन के साथ वाली कुर्सी पर लौट आए। मुख्यमंत्री ने उनसे समारोह के समय के बारे में जानकारी हासिल की। कुछ ही देर में नाश्ता करके सभी यहां से कांग्रेस भवन की ओर लौट गए। 

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