बलिदान दिवस पर झांसी की रानी को किया नमन लुधियाना : (पी9 ब्यूरो) : शिवसेना शिरोमणि के राष्ट्रीय अध्यक्ष विशाल मदान ने महारानी झांसी की रानी की
बलिदान दिवस पर झांसी की रानी को किया नमन
लुधियाना : (पी9 ब्यूरो) :
शिवसेना शिरोमणि के राष्ट्रीय अध्यक्ष विशाल मदान ने महारानी झांसी की रानी की पुण्यतिथि पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा की वीरांगना नाम सुनते ही मस्तिष्क में महारानी लक्ष्मीबाई की छवि उभरने लगती है। भारतीय वसुंधरा को अपने वीरोचित भाव से गौरवांवित करने वाली झांसी की रानी की पुण्यतिथि पर शिवसेना शिरोमणि के राष्ट्रीय अध्यक्ष विशाल मदान ने समारोह का आयोजन किया। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष विशाल मदान ने कहा, लक्ष्मीबाई सच्चे अर्थों में वीरांगना ही थीं। वे भारतीय महिलाओं के समक्ष अपने जीवन काल में ही ऐसा आदर्श स्थापित करके विदा हुईं, जिससे हर कोई प्रेरणा ले सकता है। वह वर्तमान में महिला सशक्तिकरण की जीवंत मिसाल भी है। कहा जाता है कि सच्चे वीर को कोई भी प्रलोभन अपने कर्तव्य से विमुख नहीं कर सकता। ऐसा ही रानी लक्ष्मीबाई का जीवन था। उन्हें अपने राज्य और राष्ट्र से एकात्म स्थापित करने वाला प्यार था। वीरांगना के मन में हमेशा यह बात कचोटती रही कि देश के दुश्मन अंग्रेजों को सबक सिखाया जाए। इसी कारण उन्होंने यह घोषणा की कि मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी। इतिहास बताता है कि इस घोषणा के बाद रानी ने अंग्रेजों से युद्ध किया। वीरांगना लक्ष्मीबाई के मन में अंग्रेजों के खिलाफ किस कदर घृणा थी कि जब रानी का अंतिम समय आया, तब ग्वालियर की भूमि पर स्थित गंगादास की बड़ी शाला में रानी ने संतों से कहा कि कुछ ऐसा करो कि मेरा शरीर अंग्रेज न छू पाएं। इसके बाद रानी स्वर्ग सिधार गईं और बड़ी शाला में स्थित एक झोंपड़ी को चिता का रूप देकर रानी का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान महारानी लक्ष्मीबाई को शत शत नमन करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मोके पर शिवसैनिकों ने महारानी झांसी की रानी की पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए उनको प्रेरणा स्तोत्र माना और कहा की हर औरत को झाँसी की रानी की तरह निडर होना चाहिए तथा उनकी जीवनी से प्रेरणा लेनी चाहिए।

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