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कोविड-19 वैक्सीनेशन की शुरुआत :

कोविड-19 वैक्सीनेशन की शुरुआत :

कोविड-19 वैक्सीनेशन की शुरुआत : एक ही दिन में रिकॉर्ड 12641 को लगा टीका पहले दिन 45+ के 3318 ने लगवाई वैक्सीन 459 नए संक्रमित, 13 मरीजों ने तो

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कोविड-19 वैक्सीनेशन की शुरुआत : एक ही दिन में रिकॉर्ड 12641 को लगा टीका पहले दिन 45+ के 3318 ने लगवाई वैक्सीन

459 नए संक्रमित, 13 मरीजों ने तोड़ा दम, 19 वेंटिलेटर पर

लुधियाना : (पी9 ब्यूरो) :

कोरोना के बढ़ते केसों के मद्देनजर लोग वैक्सीनेशन के लिए आगे आने लगे हैं। वीरवार से जिले में मोबाइल वैक्सीनेशन कैंपों के जरिए कोविड-19 वैक्सीनेशन की शुरुआत की गई। लोगों को सुविधा के लिए डीसी वरिंदर शर्मा ने डोरस्टेप पर वैक्सीनेशन की पहल की। जिले में 71 सरकारी, 71 निजी अस्पतालों के अलावा 20 मोबाइल वैक्सीनेशन कैंप भी लगाए। वीरवार को जिले में रिकॉर्ड 12641 लोगों ने टीका लगवाया।
उधर, पहले दिन 45 से ज्यादा उम्र के 3318 लोगों ने वैक्सीन लगवाई। इससे पहले 45-60 साल के गंभीर बीमारियों वाले वर्ग के औसतन 1400 लोग वैक्सीन लगवा रहे थे, लेकिन अब ये सीमा न रहने से पहले दी वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या में दोगुना इजाफा हुआ। 60 ज्यादा उम्र के 3855 लाभार्थियों ने वैक्सीन लगवाई। फ्रंटलाइन वर्करों में 4152, सेहत कर्मियों में 379 ने वैक्सीन की पहली डोज लगवाई। 112 सेहत मुलाजिमों, 502 फ्रंटलाइन वर्करों, 45-60 साल के 74 और 60 साल से ज्यादा का 249 लाभार्थियों ने दूसरी डोज लगवाई। अब तक 172103 लाभार्थी वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज लगवा चुके हैं।

परेशानी : इंतजार करते रहे लोग देरी से पहुंचे वैक्सीनेटर, समय से पहले ही उठे

कुछ संस्थाओं की ओर से लगवाए गए वैक्सीनेशन कैंपों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके चलते कई लोगों को बिना वैक्सीन लगवाए ही लौटना पड़ा। यही नहीं वेक्सीनेटर जहां कैंपों में देरी से पहुंचे। वहीं, 3 बजे पोर्टल बंद होने की बात कह कर वैक्सीन लगवाने के लिए आए लोगों को यूं ही छोड़ कर वापस चले गए। इस बारे में डीसी वरिंदर शर्मा, सिविल सर्जन डॉ.सुखजीवन कक्कड़ और डीआईओ डॉ.किरन आहलुवालिया को शिकायत भी की गई।

डीसी, सिविल सर्जन और डीआईओ के पास पहुंची मामले की शिकायत

अन्न जल सेवा ट्रस्ट के प्रधान शिव राम सरोए ने बताया कि उनकी संस्था की तरफ से मोहल्ला अहाता शेर जंग के सरकारी प्राइमरी स्मार्ट स्कूल में कोविड वैक्सीनेशन कैंप लगाया गया। इसमें हर वर्ग के लोग जिन्हें वैक्सीन लगवाने के लिए अनुमति दी गई है, वो पहुंचे। मगर पहले तो वेक्सीनेटर तय समय से देरी से पहुंचे। कतारों में लोग खड़े थे, लेकिन ये बात कहकर वेक्सीनेटर चले गए कि 3 बजे पोर्टल बंद हो जाता है। ऐसे में वैक्सीनेशन नहीं हो सकेगी। एक तरफ तो कहा जा रहा है कि वैक्सीनेशन कैंप लगाए जाएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग वैक्सीन लगवाएं।
मगर ऐसे प्रबंधों में किस तरह से कैंप लगेंगे। हमने शिकायत भी की, लेकिन वेक्सीनेटर नहीं लौटे और सभी लोगों को वैक्सीन नहीं लग सकी। आगे ऐसी समस्या न आए ऐसे में प्रशासन और जिला सेहत विभाग को सही और कड़े कदम उठाने चाहिए। सभी लोगों को वैक्सीन लग सकेगी।

एक्टिव केसों का आंकड़ा 2930 तक पहुंचा

अप्रैल के पहले ही दिन जिले में 459 संक्रमित पाए गए। इनमें से लुधियाना के 376 और बाहरी जिलों-राज्यों के 83 संक्रमित पाए गए। जबकि 13 मरीजों की मौत हुई। इनमें 7 मरीज लुधियाना से संबंधित रहे। 368 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। अब तक 34786 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। इनमें से 30697 स्वस्थ हो चुके हैं। अब तक 1159 मरीजों की मौत हो चुकी है। 2930 एक्टिव केस हैं। एक्टिव केसों में 2174 होम आइसोलेशन में हैं। जबकि 395 मरीज अस्पताल में दाखिल हैं। इनमें 345 निजी और 50 सरकारी अस्पतालों में दाखिल हैं। 19 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। इनमें से 10 मरीज लुधियाना के हैं। वीरवार को 5049 सैंपल लिए गए। 295 सैंपल की रिपोर्ट पेंडिंग है।

डॉ. बाहिया ने मौत से पहले लिखा था खत

अस्पताल में बैड पर होते हुए भी शिक्षा की लौ जलाने के लिए प्रो. तरसेम बाहिया उतारू दिखे। प्रो. बाहिया ने अस्पताल के बैड से ही अपनी सारी ख्वाहिशें लिखी थी। यही नहीं गलती से उन्होंने तारीख भी पहली अप्रैल लिखी थी। प्रो. बाहिया ने मैं ते मैं नाम से खत लिखा था। इसमें उन्होंने अपने पैसों को धार्मिक जगह पर देने के बजाय शिक्षा के क्षेत्र में इस्तेमाल करने की भी ख्वाहिश जाहिर की थी। वहीं, वीरवार को भी लुधियाना के 7 मरीजों की मौत हुई। इनमें इकोलाहा से पुरुष (67), पखोवाल रोड से पुरुष(68), मोती नगर से पुरुष(70), धमोट से महिला(68), तरखाना से महिला(58), भट्टियां कलां से पुरुष(85), राजगुरु नगर से पुरुष(60) की मौत हुई। इनमें 4 लोग डायबिटीज और 3 हाइपरटेंशन के मरीज थे।

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