Homeमहाराष्ट्र

आज सुबह 6 से रात 8 बजे तक ट्रांसपोर्ट और बाजार बंद रखने का ऐलान

आज सुबह 6 से रात 8 बजे तक ट्रांसपोर्ट और बाजार बंद रखने का ऐलान

जीएसटी और तेल कीमतों के खिलाफ भारत बंद : आज सुबह 6 से रात 8 बजे तक ट्रांसपोर्ट और बाजार बंद रखने का ऐलान, समर्थन में 8 करोड़ व्यापारी मुंबई : (पी9

निजी स्कूल फीस माफी का मुद्दा : अनशन पर बैठी महिला स्कूल संचालक की तबीयत बिगड़ी
IN FOUR YEARS GST HAS BECOME COLONIAL TAXATION SYSTEM-Harkesh Mittal President CAIT Punjab
कुंभनगरी में पहले शाही स्नान का आगाज : हरिद्वार कुम्भ में पहली बार शामिल हुआ किन्नर अखाड़ा

जीएसटी और तेल कीमतों के खिलाफ भारत बंद : आज सुबह 6 से रात 8 बजे तक ट्रांसपोर्ट और बाजार बंद रखने का ऐलान, समर्थन में 8 करोड़ व्यापारी

मुंबई : (पी9 ब्यूरो) :

शुक्रवार को देशभर में 1,500 स्थानों पर धरना दिया जाएगा। यह बंद कुछ व्यापारिक संगठनों ने बुलाया है। (फाइल)

ई-वे बिल, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें और गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) को लेकर द कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने 26 फरवरी को भारत बंद बुलाया है। सड़क परिवहन क्षेत्र की सर्वोच्च संस्था ऑल इंडिया ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन (AITWA) और अन्य संगठनों ने भी बंद के समर्थन का ऐलान किया है।

देशभर में 1,500 जगहों पर धरना प्रदर्शन

कैट के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा- शुक्रवार को देशभर में 1,500 स्थानों पर धरना दिया जाएगा। सभी बाजार बंद रहेंगे। 40 हजार से ज्यादा व्यापारिक संगठनों से जुड़े करीब 8 करोड़ कारोबारी बंद को समर्थन दे रहे हैं।

जीएसटी संशोधन में अधिकारियों को ज्यादा अधिकार, व्यापारियों के लिए मुसीबत

कैट के मुताबिक, पिछले साल 22 दिसंबर और उसके बाद जीएसटी नियमों में कई बदलाव किए गए। इसमें अधिकारियों को बहुत ज्यादा अधिकार दिए गए। अब कोई भी अधिकारी कोई भी कारण लेकर किसी भी व्यापारी का जीएसटी रजिस्ट्रेशन नंबर सस्पेंड या कैंसिल कर सकता है। बैंक अकाउंट और संपत्ति भी जब्त कर सकता है। खास बात यह है कि ऐसा करने से पहले कारोबारी को कोई नोटिस नहीं दिया जाएगा। यह कारोबारियों के मौलिक अधिकारों का हनन है।

ई-वे बिल में बदलाव से ट्रांसपोर्टर्स और कारोबारी परेशान

एक जनवरी से प्रभावी होने वाले नए ई-वे बिल नियम से ट्रांसपोर्ट और कारोबारी फिक्रमंद हैं, क्योंकि ई-वे बिल की लिमिट 100 किलोमीटर से बढ़ाकर 200 किलोमीटर कर दी गई है। दरअसल 2021-22 के बजट में ई-वे बिल के सेक्शन 129 में बदलाव किया गया। इसके मुताबिक यदि बिल में कोई गलती होती है, तो टैक्स और पेनल्टी दोनों लगेंगी। साथ ही जो टैक्स पहले वापस हो जाता था, वह अब नहीं होगा। यानी अनजाने में अगर छोटी गलती हो जाए तो पेनल्टी और जुर्माना दो गुना वसूला जाएगा।

विरोध में ट्रांसपोर्ट ऑफिस बंद रहेंगे

सभी स्टेट ट्रांसपोर्ट यूनियन्स ने भी नए ई-वे बिल कानून के विरोध में कैट का समर्थन किया है। इस दौरान ट्रांसपोर्ट ऑफिस बंद रहेंगे। माल की बुकिंग, डिलिवरी, लोडिंग और अनलोडिंग बंद रहेगी। सभी ट्रांसपोर्ट कंपनियों को सुबह 6 से शाम 8 बजे के बीच गाड़ियां पार्क रखने को कहा गया है।

कुछ संगठन शामिल नहीं

ट्रांसपोर्ट सेक्टर के अलावा बड़ी संख्या में राष्ट्रीय व्यापारिक संगठनों ने भी बंद का समर्थन किया है। इनमें ऑल इंडिया FMCG डिस्ट्रिब्यूटर्स फेडरेशन, फेडेरेशन ऑफ एल्यूमीनियम यूटेंसिल्स मैन्यूफैक्चरर्स एंड ट्रेडर्स एसोसिएशन, नॉर्थ इंडिया स्पाईसिस ट्रेडर्स एसोसिएशन, ऑल इंडिया वूमेन एंटेरप्रेनियर्स एसोसिएशन, ऑल इंडिया कम्प्यूटर डीलर एसोसिएशन और ऑल इंडिया कॉस्मेटिक मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन आदि शामिल हैं।
जबकि ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) और भाईचारा ऑल इंडिया ट्रक ऑपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन (BAITOWA) विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे।

COMMENTS

WORDPRESS: 0
DISQUS: 0