किसान अब गोली खाने को भी तैयार : सरकार से पहले दौर की बातचीत बेनतीजा, किसान बोले- कुछ तो हासिल करेंगे, भले ही गोली हो या हल केंद्र ने बैठक में किस
किसान अब गोली खाने को भी तैयार : सरकार से पहले दौर की बातचीत बेनतीजा, किसान बोले- कुछ तो हासिल करेंगे, भले ही गोली हो या हल
केंद्र ने बैठक में किसानों को प्रस्ताव दिया कि कृषि कानूनों पर चर्चा के लिए कमेटी बना दी जाए
किसानों ने इस पर कहा- कानून ही खत्म करें, क्योंकि ये किसान समाज के हितों के खिलाफ हैं
नई दिल्ली : (पी9 ब्यूरो) :

कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों से मंगलवार को केंद्र सरकार ने 2 फेज में करीब ढाई घंटे तक बातचीत की। नतीजा कुछ नहीं निकला। 2 घंटे के पहले फेज में सरकार ने किसान प्रतिनिधियों के सामने केंद्र ने मिनिमम सपोर्ट प्राइज (MSP) पर पावर प्रेजेंटेशन दिया। उनके सामने प्रस्ताव रखा कि नए कानूनों पर चर्चा के लिए कमेटी बनाई जाए, इसमें केंद्र, किसान और एक्सपर्ट शामिल हों। पर, बात नहीं बनी।
दूसरे दौर में ये तय हुआ कि अगली बातचीत 3 दिसंबर को होगी। मीटिंग के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा, ‘बातचीत अच्छे माहौल में हुई। हमने किसानों से आंदोलन खत्म करने की बात कही, पर ये फैसला किसान ही करेंगे। हमने कहा कि कमेटी बना दें, पर किसान चाहते थे कि सभी लोग मिलकर ही बातचीत करें।’
तोमर के बयान के बाद प्रतिनिधिमंडल में शामिल किसान नेता चंदा सिंह ने कहा- हमारा आंदोलन जारी रहेगा। हम कुछ तो हासिल करेंगे, भले गोली हो या फिर शांतिपूर्ण हल। हम आगे भी चर्चा के लिए आएंगे।
यूपी, हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली के किसानों से चर्चा जारी
सरकार के बुलावे पर किसानों ने कहा था कि वे मीटिंग के लिए इसलिए तैयार हुए, क्योंकि इस बार सरकार ने कोई शर्त नहीं रखी। इससे पहले केंद्र दो बार किसानों से बातचीत कर चुकी है। आज की मीटिंग खत्म होने के बाद सरकार अब उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली के डेलीगेशन से भी चर्चा कर रही है।
आंदोलन से जुड़े अपडेट्स
3 बजे से शाम 5 बजे तक पहले दौर की बातचीत हुई। इसके बाद करीब 6 बजे फिर चर्चा शुरू हुई और करीब 30 मिनट में खत्म हो गई।
हरियाणा के निर्दलीय विधायक और सांगवान खाप के प्रमुख सोमबीर सांगवान ने खट्टर सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। चरखी दाददी में सांगवान ने कहा- किसानों पर हुए अत्याचारों को देखकर मैं सरकार से अपना समर्थन वापस लेता हूं।
सीएए के खिलाफ शाहीन बाग के प्रदर्शन में शामिल हुईं 82 साल की बिल्किस बानो को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वे किसानों के प्रदर्शन में शामिल होने सिंघु बॉर्डर पर पहुंची थीं।
भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों को समर्थन देने दिल्ली-यूपी बॉर्डर पहुंचे।

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