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9 साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के आरोपियों को फांसी की सजा दिलवाने की मांग

9 साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के आरोपियों को फांसी की सजा दिलवाने की मांग

वाल्मीकि समाज के युवाओ ने अपने खून से राष्ट्रपति को पत्र लिख दिल्ली में 9 साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के आरोपियों को फांसी की सजा दिलवाने की मां

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वाल्मीकि समाज के युवाओ ने अपने खून से राष्ट्रपति को पत्र लिख दिल्ली में 9 साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के आरोपियों को फांसी की सजा दिलवाने की मांग की 

लुधियाना : (पी9 ब्यूरो) : 

डीसी को अपने खून से लिखा पत्र दे राष्ट्रपति से दोषियों को फांसी की सजा का मांग पत्र देते बाल्मीकि समाज के युवा  
लुधियाना डीसी दफ्तर के बाहर दिल्ली की 9 साल की बच्ची से हुए रेप और हत्या का परिजनों को इन्साफ दिलवाने के लिए बाल्मीकि समाज के युवा धरना प्रदर्शन करते   

दिल्ली में 9 साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म कर जिंदा जलाने की घटना के विरोध में लुधियाना के समूह वाल्मीकि समाज के युवाओं ने डीसी ऑफिस लुधियाना के बाहर रोष प्रदर्शन कर कर अपना खून निकाल कर राष्ट्रपति को मांग पत्र लिखा। युवाओं ने कहा कि यह घटना हमारी पूरी मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना है। इस मामले की उक्त जानकारी देते हुए सभी युवाओं ने कहा कि उक्त बच्ची रात के समय श्मशान घाट में पानी लेने गई थी, जिसका वहां के पंडितो द्वारा पहले रेप किया गया और फिर उसे जिंदा जला दिया गया। परिजनों ने देखा तो सिर्फ लड़की के सिर्फ पैर बचे थे और बाद में उक्त बच्ची के माता-पिता को प्रशासन द्वारा डराया धमकाया गया। बड़ी मुश्किल से 3 दिन बाद एफ आई आर दर्ज की गई।

उन्होंने कहा कि जब भी दलित बच्चियों पर अत्याचार होता है, हमारी सरकार और प्रशासन दोहरा मापदंड अपनाती है। एक तरफ हमारी सरकार कंगना राणावत के एक ट्वीट पर उसको जेड प्लस सिक्योरिटी दे देती है और दूसरी तरफ एक दलित बच्ची के साथ गैंगरेप ओर जिंदा जलाने के बाद भी आरोपियों पर 3 दिन तक एफआईआर दर्ज नहीं होती और उसके मां-बाप को डराया धमकाया जाता है। यह दर्शाता है कि हमारी सरकार आज भी जातिवादी सोच से ग्रस्त है उन्होंने कहा कि पिछले ही साल एक वाल्मीकी दलित बच्ची के साथ प्रदेश हाथरस में ऐसे ही घटना हुई और प्रतिदिन हर साल ऐसे अत्याचार दलित बेटियो  पर हो रहे हैं। जिसमें सरकार अनदेखी करने का काम करती है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने इस मामले को ज्यादा देर तक लटकाया और 60 दिनों के अंदर अंदर दोषियों को फांसी या उनका एनकाउंटर नहीं किया तो पूरा दलित समाज सड़कों पर आकर पूरे भारत को बंद करेगा जिसकी जिम्मेवारी भारत सरकार की होगी। इस मोके पर सौरव बिरला विक्की, दशानन,  काली सोंधी, अर्जुन भंबक, एडवोकेट दीपक भंबक, जिम्मी गई, धर्मपाल बाली, पंकज, टांक, अनुज, बिरला,  संदीप भंबक, राहुल चंडालिया, अमित मेघनाथ, अरमान बिरला, अकाश कंग,  अक्की केसला, आकाश, साहिल लुधियाना, गौतम चौहान, हैप्पी राहत, बत्रा लुधियाना, काली बहोत, करण धींगान, रमन खोबे, सनी केसला, चंदन चनलिया आदि विशेष रूप से शामिल हुए। 

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