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सिंगल टेंडर के जरिए 500 करोड़ के वर्कऑर्डर मामले में चार्जशीट 4 एसई को क्लीनचिट

नवजोत सिंह सिद्धू के समय विजिलेंस जांच के बाद सरकार ने किए थे सस्पेंड

सिंगल टेंडर के जरिए 500 करोड़ के वर्कऑर्डर मामले में चार्जशीट 4 एसई को क्लीनचिट

रिटायर्ड जज ने जांच के बाद सौंपी रिपोर्ट : सिंगल टेंडर के जरिए 500 करोड़ के वर्कऑर्डर मामले में चार्जशीट 4 एसई को क्लीनचिट नवजोत सिंह सिद्धू क

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रिटायर्ड जज ने जांच के बाद सौंपी रिपोर्ट : सिंगल टेंडर के जरिए 500 करोड़ के वर्कऑर्डर मामले में चार्जशीट 4 एसई को क्लीनचिट

नवजोत सिंह सिद्धू के समय विजिलेंस जांच के बाद सरकार ने किए थे सस्पेंड

लुधियाना : (पी9 ब्यूरो) :

अकाली-भाजपा सरकार के समय पीआईडीबी के तहत करीब 800 करोड़ के वर्क ऑर्डर जारी किए गए थे। इनमें 500 करोड़ के 512 वर्क ऑर्डर सिंगल बोली के आधार पर जारी हुए थे। कांग्रेस सरकार आने पर तत्कालीन लोकल बाॅडीज मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के आदेशों पर लुधियाना के दाे सुपरिंटेंडेंट इंजीनियरों समेत जालंधर और अमृतसर के एसई को सस्पेंड करते हुए चार्जशीट जारी कर दी गई थी।
इस मामले में सरकार की तरफ से रिटायर्ड एडिशनल जिला एवं सेशन जज बीआर बांसल को जांच सौंपी गई। जांच करते हुए रिटायर्ड जज बांसल ने अपनी रिपोर्ट सरकार को पेश करते हुए लिखा है कि चारों सुपरिंटेंडेंट इंजीनियरों पर लगाए गए आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं। ऐसे में रिटायर्ड जज की तरफ से चारों एसई को क्लीन चिट दे दी गई है।
लुधियाना, अमृतसर, जालंधर में पीआईडीबी के तहत जारी हुए 1002 वर्कआर्डरों में सेे 512 सिंगल टेंडर के जरिए जारी होने पर गर्माया था मामला
नगर निगम लुधियाना, अमृतसर और जालंधर में पीआइडीबी के तहत करीब 800 करोड़ के 1002 वर्क आर्डर जारी हुए थे। इनमें से 512 वर्क आर्डर सिंगल टेंडराें के जारी होने का मामला सामने आया था। इन कामों की जांच चीफ विजिलेंस अफसर लोकल बाॅडीज विभाग की तरफ से की गई थी और कमियां पाए जाने के कारण एसई धर्म सिंह, एसई पवन शर्मा, एसई पीके गोयल और एसई कुलविंदर सिंह जो अभी रिटायर्ड हो चुके हैं, को सरकार के आदेशों के तहत सस्पेंड कर दिया गया था।
हालांकि इन आदेशों के विरूद्ध सभी एसई ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सिविल रिट पिटीशन दायर कर दी। जिसके बाद सरकार की तरफ से जवाब दावा भी हुआ है और इस केस की अभी 2 सितंबर 2021 को सुनवाई होनी बाकी है। इसके अलावा इन चारों एसई को 14 अगस्त 2017 को पंजाब सिविल सेवाएं सजा और अपील, 1970 के नियम 8 तहत चार्जशीट भी जारी की गई हैं।

अब सरकार ने वापस ली चार्जशीट

रिटायर्ड जिला एवं सेशन जज की तरफ से की गई जांच में किसी भी अधिकारी पर आरोप सिद्ध नहीं होने के मामले को समर्थ अथॉरिटी के स्तर पर विचारते हुए चारों एसई, एसई धर्म सिंह, एसई पवन शर्मा, एसई पीके गोयल और एसई कुलविंदर सिंह सरकार द्वारा 14 अगस्त 2017 को जारी हुए हुकमों के अनुसार नियम 08 के तहत जारी की गई चार्जशीटों को खत्म कर दिया है।

सरकार के आदेश पर किया था काम

हमें तो सरकार की तरफ से जो आदेश आए थे, उसी अनुसार काम किया है। हमारे ऊपर लगाए गए आरोप गलत थे। इंसाफ के लिए हमने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जहां कोर्ट ने भी केस की सुनवाई करते स्टे ऑर्डर जारी कर दिए थे। उन्हें पूरा यकीन था कि उनकी तरफ से कोई गलत काम किए ही नहीं गए, इसलिए रिटायर्ड जज द्वारा की गई जांच में उन्हें दोषी नहीं पाया गया।
-धर्म सिंह, रिटायर्ड एसई लुधियाना ।

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