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रिश्वत में अस्मत मांगने वाला एसीपी गिरफ्तार :

एसीबी ने ट्रैप रचा और रविवार को मौके पर ही दबोच लिया

रिश्वत में अस्मत मांगने वाला एसीपी गिरफ्तार :

रिश्वत में अस्मत मांगने वाला एसीपी गिरफ्तार : दुष्कर्म केस की जांच के बहाने 30 साल की पीड़िता को बुलाता था, ऑफिस में आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया, पक

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रिश्वत में अस्मत मांगने वाला एसीपी गिरफ्तार : दुष्कर्म केस की जांच के बहाने 30 साल की पीड़िता को बुलाता था, ऑफिस में आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया, पकड़ा गया अफसर  महिला अत्याचार अनुसंधान यूनिट में सहायक पुलिस आयुक्त है

राज्य में पहली बार 24 घंटे में एक्शन एसीपी कैलाश बोहरा पुलिस सेवा से बर्खास्त, मंत्री धारीवाल ने कहा- यह रेयरेस्ट मामला है, पीड़िता ने एसीबी से शिकायत की, एसीबी ने ट्रैप रचा और रविवार को मौके पर ही दबोच लिया

रविवार को छुट्‌टी होने से डीसीपी और अन्य स्टाफ नहीं आता, इसलिए सरकारी ऑफिस चुना

आमतौर पर दोषी अफसर को पहले नोटिस दिया जाता है, लेकिन संविधान के अनुच्छेद-311 के माध्यम से सीधे कार्यवाही

जयपुर : (पी9 ब्यूरो) :

आरोपी पुलिस अफसर कैलाश बोहरा को बर्खास्त करने की घोषणा मंत्री शांति धारीवाल ने विधानसभा में की।

राजस्थान पुलिस की खाकी पर बड़ा धब्बा लगा है। जयपुर में एक पुलिस अफसर को रिश्वत में युवती से अस्मत मांगने के मामले में एसीबी ने ट्रैप किया है। रविवार को आरपीएस अफसर कैलाश बोहरा को ऑफिस में आपत्तिजनक हालत में एसीबी ने पकड़ लिया है। दुष्कर्म केस की जांच के बहाने आरोपी अफसर 30 साल की पीड़िता को बार-बार ऑफिस बुलाता था। पहले उसने जांच के लिए रिश्वत मांगी, बाद में पीड़िता से अस्मत मांग कर उसे परेशान करना शुरू कर दिया। परेशान होकर पीड़िता ने एसीबी से पूरे मामले की शिकायत की।
एसीबी के डीजी बीएल सोनी ने बताया कि पकड़े गए RPS अफसर का नाम कैलाश बोहरा है। वह जयपुर शहर (पूर्व) जिले की महिला अत्याचार अनुसंधान यूनिट में बतौर प्रभारी सहायक पुलिस आयुक्त तैनात है। 6 मार्च को युवती ने कैलाश बोहरा के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। इसमें बताया था कि उसने जवाहर सर्किल थाने में एक युवक व अन्य लोगों के खिलाफ बलात्कार, धोखाधड़ी सहित 3 मुकदमे दर्ज करवाए थे। इन मुकदमों की जांच महिला अत्याचार अनुसंधान यूनिट में एसीपी कैलाश बोहरा कर रहे हैं।
15 दिन पहले मुकदमे में कार्रवाई के लिए मिली तब पहले रुपए मांगे, फिर अस्मत
पीड़ित युवती का आरोप है कि तीनों मुकदमों में कार्रवाई की एवज में जांच अधिकारी कैलाश बोहरा ने पहले उससे रिश्वत मांगी। जब उसने रुपए नहीं दिए तो जांच के नाम पर ऑफिस बुलाने लगा। आखिर में रिश्वत के रूप में अस्मत की मांग कर परेशान करना शुरू कर दिया। युवती ने यह भी आरोप लगाया कि एसीपी कैलाश बोहरा उसे ऑफिस टाइम के बाद भी मिलने के लिए दबाव डालता था।

ऑफिस में जांच के लिए बुलाया, फिर कमरा बंद कर छेड़छाड़ शुरू कर दी

एसीबी की जयपुर देहात इकाई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरोत्तम लाल वर्मा के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन किया गया। रविवार को युवती को कैलाश बोहरा ने डीसीपी कार्यालय में स्थित अपने सरकारी ऑफिस में बुलाया। रविवार को छुट्‌टी होने से आज स्टॉफ मौजूद नहीं होने की जानकारी कैलाश बोहरा को थी।
तब युवती के वहां पहुंचने पर कैलाश ने उसे ऑफिस में बुलाया। अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। तब एसीबी की टीम ने कैलाश बोहरा को महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में गिरफ्तार कर लिया। एसीबी के अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एम.एन. के निर्देशन में आरोपी कैलाश बोहरा के निवास एवं अन्य ठिकानों की तलाशी जारी है।
रिश्वत के बदले अस्मत मांगने वाले एसीपी कैलाश बोहरा को राज्य सरकार ने पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया है। सोमवार को संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने विधानसभा में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि कैलाश बोहरा का प्रकरण रेयरेस्ट रेयर मामला है। बोहरा को बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब किसी भी वक्त बर्खास्तगी के आदेश निकल सकते हैं।
शांति धारीवाल ने बताया कि किसी को बर्खास्त करने से पहले प्रक्रिया अपनानी होती है। पहले उसे नोटिस दिया जाता है, लेकिन संविधान का अनुच्छेद-311 कहता है कि अगर कोई गंभीर मामला है तो उस प्रक्रिया को परे रखकर सीधे बर्खास्त किया जा सकता है।

सुबह गृह विभाग ने ऑफिस खुलने से पहले जारी किए थे निलंबन के आदेश

इससे पहले मामले की गंभीरता को देखते हुए गृह विभाग के संयुक्त शासन सचिव रामनिवास मेहता ने सोमवार सुबह ऑफिस खुलने के पहले ही निलंबन आदेश जारी किए थे। राजस्थान में पहली बार 24 घंटे में दागी अफसर को सेवा से बर्खास्त करने का फैसला किया गया है। कैलाश बोहरा को रविवार दोपहर बाद एसीबी ने रिश्वत के बदले अस्मत मांगते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। आमतौर पर एसीबी ट्रैप हुए अफसरों को सस्पेंड करने के आदेश निकालने में ही सरकार चार से पांच दिन का वक्त लगा देती है। कैलाश बोहरा के पास महिला अत्याचार निवारण यूनिट की प्रभारी की जिम्मेदारी थी। प्रभारी ही पीड़िता से जांच करने के बदले अस्मत मांग रहा था।

दागी अफसरों को फील्ड पोस्टिंग देने पर हंगामा

विधानसभा में कैलाश बोहरा को बर्खास्त करने की घोषणा के बाद नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने दागी अफसरों को फील्ड पोस्टिंग नहीं देने की घोषणा करने को कहा। इस पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। कुछ देर हंगामे के बाद मामला शांत हुआ। सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही एसीपी कैलाश बोहरा के पीड़िता से रिश्वत के बदले अस्मत मांगने का मामला उठा था।
उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए मामला उठाते हुए कहा कि कल (रविवार) खाकी वर्दी शर्मसार हुई है। जयपुर कमिश्नरेट में महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के लिए बनी यूनिट के प्रभारी ने ही महिला से रिश्वत से बदले अस्मत मांग ली। एक पीड़िता जिसने जुलाई में एफआईआर करवाई, एसीपी कैलाश बोहरा पांच माह तक पीड़िता से रिश्वत लेता रहा। संवेदनहीनता की हद देखिए पीड़िता की सैलरी 16 हजार रुपए महीना थी और वह हर माह 10 हजार रुपए रिश्वत दे रही थी।

जनता माफ नहीं करेगी : गुलाबचंद कटारिया

नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि यह पक्ष-विपक्ष का मामला नहीं है। जिस तरह की घटना थाने में घटी है वह बहुत गंभीर है। यह घटना अगर बाहर होती तो बात अलग थी, लेकिन थाने के अंदर ही पीड़िता से अस्मत मांगने की घटना को हल्के में नहीं लिया जा सकता। सदन में चर्चा होने के बाद भी अगर एक्शन नहीं होगा तो जनता माफ नहीं करेगी।

आपसे कोई रिश्वत मांगता है तो इन नंबरों पर करें शिकायत: डीजी बीएल सोनी

एसीबी महानिदेशक भगवान लाल सोनी ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टोल-फ्री हेल्पलाइन नं. 1064 एवं Whats app हेल्पलाइन नं. 94135-02834 पर 24×7 सम्पर्क कर भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। बता दें कि एसीबी राजस्थान राज्य में राज्य कर्मियों के साथ-साथ केन्द्र सरकार के कार्मिकों के विरूद्ध भी कार्यवाही करने को अधिकृत है।

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