मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा खन्ना अनाज मंडी में गेहूँ की खरीद का लिया जायज़ा खन्ना/लुधियाना : 08 अप्रैल : (रवि वर्मा ब्यूरो) : मैस. खुशी राम
मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा खन्ना अनाज मंडी में गेहूँ की खरीद का लिया जायज़ा
खन्ना/लुधियाना : 08 अप्रैल : (रवि वर्मा ब्यूरो) :


राज्य में गेहूँ की खरीद सम्बन्धी सभी प्रबंध उचित ढंग से किये गए हैं और किसानों समेत गेहूँ की खरीद से सम्बन्धित किसी भी व्यक्ति को कोई दिक्कत नहीं आने दी जा रही। राज्य की मंडियों में गेहूँ की खरीद निर्विघ्न जारी है। यह बात मुख्यमंत्री, पंजाब, भगवंत मान ने अनाज मंडी, खन्ना में गेहूँ की खरीद सम्बन्धी प्रबंधों का जायज़ा लेने के मौके पर कही।
इस मौके मैस. खुशी राम एंड कंपनी के फड़ पर राजवंत कौर पत्नी श्री कुलवंत सिंह भादला की गेहूँ की नमी 11.8 चैक की गई और उक्त 50 क्विंटल ढेरी की खरीद पंजाब वेयर हाऊस एजेंसी द्वारा की गई और अदायगी भी तुरंत किसान को ऑनलाइन कर दी गई। इस समय सचिव, ख़ाद्य एवं सिवल सप्लाई, श्री गुरकिरत किरपाल सिंह और डिप्टी कमिशनर लुधियाना श्री वरिन्दर कुमार शर्मा ने मुख्यमंत्री को खरीद के पुख़्ता और मुकम्मल प्रबंध किये होने संबंधी अवगत करवाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार गेहूँ थोड़ी देर से आई है और पैदावार भी कम है परन्तु किसानों की फ़सल का एक-एक दाना खरीदा जायेगा। राज्य में 2262 मंडिया हैं, जिनमें 1862 स्थायी हैं और 400 अस्थायी हैं, जो कोरोना के समय पर बनाईं गई थीं और उनका प्रयोग किया जा रहा है। राज्य की मंडियों में इस बार 135 लाख मीट्रिक टन गेहूँ की आमद होने की उम्मीद है।
खन्ना मंडी में लगभग 97,000 एम.टी. गेहूँ के आने का अनुमान है, जबकि ज़िला लुधियाना में 9.24 लाख एम.टी. गेहूँ के आने का अनुमान है।
भगवंत मान ने बताया कि युक्रेन के हालात के कारण गेहूँ की माँग बढ़ी है और व्यापारियों की तरफ से एम. एस. पी. से अधिक भाव पर गेहूँ ख़रीदी जा रही है। सरकार की मंडियों में से टैक्स भर कर व्यापारियों की तरफ से निर्विघ्न गेहूँ ख़रीदी जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को फ़सल का समयबद्ध ढंग से भुगतान किया जाना यकीनी बनाया गया है। सरकार की तरफ से मंडियों की लगातार मोनिटरिंग की जा रही है।
भगवंत मान ने बताया कि अधिकारियों को सख़्त हिदायतें हैं कि ट्रांसपोर्ट, भुगतान, बारदाने और लिफ्टिंग सम्बन्धी कोई दिक्कत न आए और अन्नदाता को अन्नदाता समझा जाये। अब तक की सरकारों ने किसानों को परेशान किया है और किसानों की बहुत सी दीवालियां और दुशहरे मंडियों में फ़सलों के पास बैठ कर ही बीतते रहे। उन्होंने कहा कि अब यह बीते समय की बातें हो गई हैं और ज़माना नया आ गया है।

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