किसानों की कैद से 12 घंटे बाद निकाले भाजपा नेता : राजपुरा में भाजपाइयों को पुलिस ने रात 3 बजे कराया मुक्त, जाते-जाते भी पीटते रहे प्रदर्शनकारी, सुभाष
किसानों की कैद से 12 घंटे बाद निकाले भाजपा नेता : राजपुरा में भाजपाइयों को पुलिस ने रात 3 बजे कराया मुक्त, जाते-जाते भी पीटते रहे प्रदर्शनकारी, सुभाष शर्मा बोले-ये कांग्रेसी गुंडे
राजपुरा : (पी9 ब्यूरो) :


केंद्र सरकार के 3 कृषि सुधार कानूनों के विरोध में पंजाब में पैदा हुए हालातों ने भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। किसान समर्थन में बयानबाजी के चलते भाजपा को अमृतसर से पूर्व मंत्री अनिल जोशी को निकालना पड़ा। अब रविवार की रात CM कैप्टन अमरिंदर सिंह के गृह जिले पटियाला के राजपुरा में भाजपा नेताओं को बंधक बना लिया गया। यही नहीं, जब इसके विरोध में पंजाब भाजपा के प्रवक्ता प्रेस कान्फ्रेंस करने पहुंचे तो किसानों ने उन्हें भी घेर लिया। देर रात जब मामला पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा तो अफसर एक्टिव हुए और सुबह करीब 3 बजे भाजपा नेताओं को वहां से निकाला जा सका। इसके विरोध में आज भाजपा पंजाब में अन्य जगहों पर प्रदर्शन कर रही है। राजपुरा में लगभग 12 घंटे बाद भाजपा नेताओं को पुलिस ने निकाला।
ऐसे निकला वहां से बाहर का रास्ता
पुलिस रविवार को देर रात तक राजपुरा में डटी रही लेकिन किसानों की संख्या करीब 250 से 300 थी। जिसे देखते हुए संयम बरतती रही। आधी रात के बाद पुलिस ने यह बात फैलानी शुरू कर दी कि अब कुछ नहीं होगा। जो भी फैसला होगा, सुबह लिया जाएगा। इसके बाद कुछ किसान घर लौट गए तो कुछ वहां सो गए। इससे किसानों की गिनती कम होती चली गई। वहां मौजूद मीडिया के अधिकांश लोगों को भी पुलिस ने यही कहकर लौटा दिया। रात करीब 3 बजे जैसे ही भीड़ घटी तो पुलिस ने घर में कैद बीजेपी नेताओं को बाहर निकाल दिया। हालांकि उस वक्त जितने किसान जागे हुए थे, उन्होंने फिर हमला कर दिया।
बाहर आकर फेसबुक पर बोले भाजपा नेता- पार्टी का काम बंद नहीं होगा
पुलिस के निकालने के बाद भाजपा नेताओं ने कहा कि यह संघर्ष का समय है। हमारी हक-सच की लड़ाई चलती रहेगी। यह हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है और पार्टी का काम बंद नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हमारी गाड़ी तोड़ दी गई। तीसरी बार हम पर जानलेवा हमला हुआ है। पार्टी के कार्यकर्ता संयम रखें। हमें लंबी लड़ाई लड़नी है। पंजाब सरकार का यह काम निंदनीय है।
भारत विकास परिषद की बैठक का घेराव, पार्षद को पीटा
राजपुरा की अनाज मंडी में भारत विकास परिषद की बैठक की। जिसका पता चलते ही किसान वहां पहुंच गए। इसके बाद भाजपा पार्षद शांति सपरा को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। भाजपा प्रवक्ता भूपेश अग्रवाल, जिला शहरी उपप्रधान वरूण जिंदल, पटियाला देहाती प्रधान विकास शर्मा विक्की ने एक घर में घुसकर जान बचाई। जिसके बाद भूपेश अग्रवाल ने किचन से सोशल मीडिया पर लाइव होकर उन्हें बचाने की अपील की। इसके बाद पुलिस ने उन्हें वहां से निकाला और बाहर भेजा।
विरोध में प्रेस कान्फ्रेंस करने पहुंचे पंजाब महामंत्री को बाकी नेताओं संग बंधक बनाया
रविवार सुबह नेताओं पर हमले का पता चला तो पंजाब भाजपा के महामंत्री सुभाष शर्मा प्रेस कान्फ्रेंस करने पहुंचे। इसका पता चला तो किसान वहां भी पहुंच गए। यह देख उन्हें कान्फ्रेंस बीच में छोड़नी पड़ी। इसके बाद वो राजपुरा के जिला देहाती उपप्रधान अजय चौधरी के घर गए तो किसान वहां भी पहुंच गए। उस वक्त शहरी प्रधान हरिंदर कोहली, प्रवक्ता भूपेश अग्रवाल, देहाती प्रधान विकास शर्मा, कार्यकारिणी मेंबर एसके देव, शहरी उपप्रधान वरूण जिंदल व मंडल प्रधान वरिंदर गुप्ता भी वहां मौजूद थे। किसानों ने उनको वहीं बंधक बना लिया। देर रात तक DIG विक्रमजीत दुग्गल, SSP डॉ. संदीप गर्ग व DC कुमार अमित वहां पहुंचे और किसानों को समझाने की कोशिश शुरू की।
आरोप-प्रत्यारोप : किसान बोले- पिस्तौल दिखाई, भाजपा ने पूछा- ये किसान हैं या गुंडे?
इस मामले को लेकर अब आरोप-प्रत्यारोप चल रहा है। किसानों का कहना है कि भाजपा के OBC मोर्चा के प्रधान जरनैल सिंह कंबोज ने पिस्तौल दिखा उन्हें डराने की कोशिश की। इसी वजह से किसान भड़के। उधर, भाजपा के पंजाब प्रधान अश्वनी शर्मा ने कहा कि किसानों के वेश में कांग्रेसी गुंडों ने उन पर हमला किया। किसान बताएं कि उन पर हमला करने वाले किसान हैं या कोई गुंडे?। उन्होंने पुलिस अफसरों पर भी कार्रवाई की मांग की।

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