पंजाब में बीजेपी का मुकाबला आप से : गुरदासपुर रैली में ग्रहमंत्री शाह ने सिर्फ आप-सी एम को किया टारगेट, कांग्रेस-अकाली दल पर नहीं खोले पते गुरदास
पंजाब में बीजेपी का मुकाबला आप से : गुरदासपुर रैली में ग्रहमंत्री शाह ने सिर्फ आप-सी एम को किया टारगेट, कांग्रेस-अकाली दल पर नहीं खोले पते
गुरदासपुर : (रवि वर्मा ब्यूरो) :

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को गुरदासपुर में एक विशाल रैली को संबोधित किया। यहां उन्होंने कहा जब भी देश पर संकट आया, पंजाब ने लोगों की सुरक्षा की है। मौत की चिंता किए बिना पंजाबियों ने देश को हमेशा सुरक्षित रखा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के नौ साल पूरे होने पर मैं पंजाब की जनता का धन्यवाद करने आया हूं। अगले साल लोकसभा चुनाव में पंजाब की 13 सीटों पर भाजपा आम आदमी पार्टी (आप) से मुकाबला करेगी। गुरदासपुर रैली में अमित शाह ने इसके संकेत दे दिए। शाह ने यहां 21.45 मिनट का भाषण दिया। इसमें 5.35 मिनट आप और सी एम भगवंत मान को निशाने पर लिया। इसके अलावा ना तो उन्होंने कांग्रेस और ना ही अकाली दल पर कोई तंज कसा और ना ही कोई जिक्र किया। पहली बार पंजाब में भाजपा अकेले दम पर लोकसभा चुनाव लड़ेगी। अभी तक वह अकाली दल के साथ मिलकर चुनाव लड़ती थी। कैप्टन अमरिंदर सिंह और सुनील जाखड़ जैसे सियासी दिग्गजों के साथ आने के बाद भाजपा खुलकर आप की आलोचना कर रही है। आप को पिछले विधानसभा चुनाव में 117 में से 92 विधानसभा सीटें मिली थी। इसके बाद आप संगरूर उपचुनाव हार गई लेकिन जालंधर में जीत के बाद आप ने फिर से पंजाब में दमखम दिखाया।
अमित शाह ने आप पर क्या क्या साधे निशाने ……
आप के चुनावी वादों पर वार
अमित शाह अपने भाषण की पूरी तैयारी रिकार्ड के साथ करके आए थे। उन्होंने उस हर वादे का जिक्र किया, जिसे आप ने विधानसभा चुनाव 2022 से पहले किया था। अपने भाषण में गृहमंत्री शाह ने महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपए देने के बारे में पूछा। इतना ही नहीं, रेत माफिया खत्म कर माइनिंग से 20 हजार करोड़ कमाई का हिसाब मांगा। शाह ने कहा कि आप सरकार ने रेत खनन से सिर्फ 125 करोड़ रुपए ही कमाए। ये रकम पिछली सरकारों से भी कम रही। गृहमंत्री शाह ने युवतियों को उनकी शादी में 51 हजार रुपए देने वाले आप के वादे का भी जिक्र किया। यह भी बताया कि इसके लिए 15 हजार आवेदन आ चुके हैं, लेकिन किसी को कुछ नहीं मिला।
नशे पर घेरा, अपने प्रयास बताए
गृहमंत्री शाह ने पंजाब में नशे की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने इसके लिए खुलकर आप वार तो नहीं किया लेकिन इशारों में बता दिया कि आप सरकार नशा रोकने के लिए ठोस काम नहीं कर सकी। शाह ने कहा कि केंद्र सरकार अब अमृतसर में एनसीबी (NCB) ऑफिस खोलने जा रही है, ताकि पंजाब में नशे के नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।
लॉ एंड ऑर्डर के बहाने सीएम पर निशाना
अमित शाह ने पंजाब के लॉ एंड ऑर्डर का भी जिक्र किया। शाह ने कहा कि केंद्र भी अच्छी तरह से जानता है कि पंजाब में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बदतर हो रही है। उन्होंने इसका कारण भी आप को ही बताया। उन्होंने कहा कि सीएम मान आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को देश भ्रमण करवा रहे हैं, वे भी पंजाब के हेलिकॉप्टर में। उनका ध्यान केजरीवाल को दूसरे राज्यों में लेकर जाने पर है और पंजाब की लॉ एंड ऑर्डर स्थिति पर नहीं है।
कांग्रेस की अंतर्कलह ने भाजपा को पहुंचाया फायदा
भाजपा के लिए कांग्रेस अब पंजाब में बड़ी चुनौती नहीं रही है। इसका बड़ा कारण पंजाब में कांग्रेस की हार और उसका धड़ों में बंट जाना है। मौजूदा पंजाब कांग्रेस में जहां नवजोत सिंह सिद्धू खेमा अलग चल रहा है, वहीं मौजूदा प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और पंजाब के सांसदों का धड़ा अलग चल रहा है। वहीं, कांग्रेसी दिग्गज नेता सुनील जाखड़, पूर्व मंत्री मनप्रीत बादल, राज कुमार वेरका भाजपा जॉइन कर चुके हैं। इसके अलावा पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह अलग से अपनी पार्टी बना कर भाजपा में उसका विलय भी कर चुके हैं।
अकाली दल कमजोर हो चुकी है
अकाली दल पंजाब में काफी मजबूत थी, जब उनके पास भाजपा का समर्थन था। लेकिन दोनों पार्टियों के अलग होने के बाद और कमान पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल के हाथों के जाने के बाद से अकाली दल कमजोर होता चला गया। प्रकाश सिंह बादल के साथ चले सीनियर अकाली नेता और सुखबीर बादल ग्रुप के बीच खास नहीं जमती। वहीं, बीते दो विधानसभा चुनावों और उप- चुनावों में अकाली दल का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। जिसके बाद से ही भाजपा अब अकाली दल को अपना प्रतिद्वंदी नहीं मानती।

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