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ड्राइविंग लाइसेंस के लिए चक्कर काट रहे लोग :

सेक्टर-32 में लाइसेंस के लिए आवेदक चक्कर काटने को मजबूर, एसडीएम के तहत आता ड्राइविंग टेस्ट सेंटर

ड्राइविंग लाइसेंस के लिए चक्कर काट रहे लोग :

ड्राइविंग लाइसेंस के लिए चक्कर काट रहे लोग : डीएल की अप्रूवल 2 माह से पेंडिंग, 2500 ड्राइविंग लाइसेंस लटके सेक्टर-32 में लाइसेंस के लिए आवेदक

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ड्राइविंग लाइसेंस के लिए चक्कर काट रहे लोग : डीएल की अप्रूवल 2 माह से पेंडिंग, 2500 ड्राइविंग लाइसेंस लटके

सेक्टर-32 में लाइसेंस के लिए आवेदक चक्कर काटने को मजबूर, एसडीएम के तहत आता  ड्राइविंग टेस्ट सेंटर 

लुधियाना : (एडिटर हरपाल सिंह) :

एसडीएम के तहत आते ऑटोमेटिड ड्राइविंग टेस्ट सेंटर सेक्टर-32 में लोग लाइसेंस के लिए चक्कर काट रहे हैं। इस समय लाइसेंस की पेंडेंसी करीब 2500 है, जोकि अप्रूवल के चक्कर में लटके हैं।
इसमें करीब 2000 पक्के लाइसेंस और करीब 500 पुराने लाइसेंस शामिल हैं। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की तरफ से लाइसेंस और आरसी घर पर ही पहुंचाई जा रही है। चंडीगढ़ में पंजाबभर की प्रिंटिंग की जा रही है, परंतु अप्रूवल के विकल्प को लुधियाना में ही संबंधित अफसर के पास रखा गया है। इससे काम प्रभावित हो रहा है।
एसडीएम दफ्तर में लाइसेंस अप्रूवल 10 या 12 दिनों की नहीं, बल्कि फरवरी की अप्रूवल भी रुकी हुई है। लाइसेंस लेने के लिए आवेदक दर्जनों चक्कर काट चुके हैं। हर बार उन्हें अप्रूवल पेंडिंग का ही कहा जाता है, परंतु अप्रूवल क्यों नहीं की जा रही इसका कोई जवाब नहीं दिया जाता। लाइसेंस की अप्रूवल एसडीएम दफ्तर में ही की जाती है। इसके लिए एसडीएम दफ्तर के अंतर्गत आते ड्राइविंग टेस्ट सेंटर से फाइलें मिनी सचिवालय स्थित एसडीएम दफ्तर में लाई जाती है। अप्रूवल के बाद उसे वापस सेक्टर-32 में भेजा जाता है।

गांधी नगर की आवेदक गुंजन ने बताया कि फरवरी में उसने पक्का लाइसेंस अप्लाई किया था, परंतु अभी तक लाइसेंस नहीं मिला है। इसके लिए वह कई बार ड्राइविंग टेस्ट सेंटर पर आ चुकी है। परंतु किसी भी तरह का संतुष्टिभरा जवाब नहीं दिया जाता। यह कहकर भेज दिया जाता है कि अप्रूवल पर पेंडिंग है। आवेदक जसवीर सिंह ने जनवरी में रिन्युअल लाइसेंस के लिए अप्लाई किया था।
एम परिवहन पर लाइसेंस का डाटा दिखाई दे रहा है, परंतु वहां जाकर पूछने पर वाहन-4 के रिकॉर्ड में एंट्री दर्ज नहीं है। उन्हें भी नहीं पता कि क्या कारण है। जबकि लाइसेंस वेरिफाई भी किया गया था। उधर, एलडीको की दिनाख्शी ने बताया कि फरवरी में लाइसेंस के लिए अप्लाई किया था। फोटो करवाकर टेस्ट भी पास किया, परंतु अभी तक लाइसेंस नहीं बनकर मिल पाया है। लाइसेंस न होने की वजह से अपने वाहन में दूसरे जिलों और राज्यों में आने-जाने में परेशानी होती है। ड्राइविंग टेस्ट सेंटर में जाकर पूछने पर अप्रूवल पेंडिंग है, यह कहकर लौटा दिया जाता है।

एसडीएम बोले- रोज 200 लाइसेंस अप्रूव किए जा रहे

लाइसेंस की अप्रूवल रोज की जा रही है। 300-400 के करीब लाइसेंस पेंडेंसी होगी। रोजाना 200 लाइसेंस की अप्रूवल की जाती है। अगर किसी आवेदक को लाइसेंस को लेकर दिक्कत आती है तो वह ड्राइविंग टेस्ट सेंटर पर क्लर्क से मिल सकता है। -बलजिंदर सिंह ढिल्लों, एसडीएम

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