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चंडीगढ़ बॉर्डर पर फिर स्तिथि तनावपूर्ण :

चंडीगढ़ बॉर्डर पर फिर स्तिथि तनावपूर्ण :

चंडीगढ़ बॉर्डर पर फिर स्तिथि तनावपूर्ण : सीएम हाउस जाते सिख जत्थे को पुलिस ने रोका, प्रदर्शनकारियों पर हथियार लूट की एफआईआर  चंडीगढ़ : (रवि वर्मा

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चंडीगढ़ बॉर्डर पर फिर स्तिथि तनावपूर्ण : सीएम हाउस जाते सिख जत्थे को पुलिस ने रोका, प्रदर्शनकारियों पर हथियार लूट की एफआईआर 

चंडीगढ़ : (रवि वर्मा ब्यूरो) :

चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर आज भी माहौल तनावपूर्ण रहा। आज फिर सिख संगठनों के 31 मेंबरों के जत्थे ने चंडीगढ़ में घुसने की कोशिश की। उन्होंने पंजाब CM भगवंत मान के घर की तरफ कूच किया था। जिन्हें पुलिस ने रोक लिया है। जिसके बाद सिख संगठन वहीं सड़क पर बैठ गए और पाठ शुरू कर दिया। पाठ समाप्त होने के बाद जत्थे ने चंडीगढ़ जाने की रखी मांग, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिली। इसके बाद जत्था दोबारा पाठ करने बैठ गया। लगभग आधा घंटा पाठ करने के बाद जत्था नारेबाजी करते हुए वापस वहां लौट गया, जहां 7 जनवरी से उनका धरना चल रहा है।
कल प्रदर्शनकारियों ने रोके जाने पर पुलिस वालों को तलवार और डंडों से पीटा था। चंडीगढ़ में दर्ज FIR में पुलिस का दावा है कि उनके हथियार और टियर गैस गन भी लूटी गई। पुलिस ने यह भी कहा कि धरना देने वालों में 12 प्रो खालिस्तानी संगठन है। जिन्होंने खालिस्तान समर्थक नारे भी लगाए। पुलिस ने प्रदर्शन के प्रबंधकों पर हत्या की कोशिश की धाराओं में केस दर्ज किया है।

चंडीगढ़ पुलिस ने इन धाराओं में किया केस दर्ज

चंडीगढ़ पुलिस ने मामले में दंगा करने, हथियारों समेत दंगे करने, गैरकानूनी रुप से जुटने, सरकारी कर्मी की ड्यूटी में बाधा पहुंचाने, सरकारी आदेशों की उल्लंघन करने, सरकारी कर्मी को ड्यूटी के दौरान जानबूझकर चोटिल करने, चोट पहुंचाने, हत्या के प्रयास, डकैती, रॉबरी, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, आपराधिक साजिश रचने और आर्म्स एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया है।
इनके खिलाफ केस दर्ज किया
जिनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है उनमें जगतार सिंह हवारा का धर्म पिता गुरचरण सिंह, बलविंदर सिंह, अमर सिंह चहल, दिलशेर सिंह जंडियाला, जसविंदर सिंह राजपुरा, रुपिंदरजीत सिंह व अन्य हैं। सेक्टर 34 थाना SHO दविंदर सिंह की शिकायत पर केस दर्ज हुआ है।
FIR के मुताबिक हमलावर चंडीगढ़ पुलिस के 20 बैरिकेड्स लूट कर ले गए। इसके अलावा वज्र गाड़ी से टियर गैस हैंड गन और एम्यूनिशन भी लूट लिए। रैपिड एक्शन फोर्स की गाड़ी व अन्य गाड़ियों से भी काफी सामान लूट ले गए। पुलिस का कहना है कि यह हमला सोची समझी साजिश के तहत किया गया।

मोहाली में इन धाराओं में केस दर्ज

मटौर थाना पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास, सरकारी कर्मी की ड्यूटी में बाधा पहुंचाते हुए चोटिल करने, सरकारी कर्मी की ड्यूटी में बाधा पहुंचाने, हथियारों समेत दंगा करने, गैरकानूनी रूप से इकट्‌ठा होने और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में केस दर्ज किया है। मोहाली पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ यह केस दर्ज किया है।

फुटेज देख होगी पहचान

पुलिस केस के मुताबिक बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सेक्टर 52-53 के बैरियर के पास पहुंचे थे। इनके पास तेजधार हथियार, तलवार, खंडे, गंडासे और डंडे शामिल थे। इन्हें आगे बढ़ने से रोकने पर हिंसक हो प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्टरों और घोड़ों पर सवार हो पुलिस पार्टी पर हमला किया। पुलिस के बैरिकेड्स को तोड़ा गया और पुलिस गाडियों को भी तोड़ दिया गया। इनके हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने कहा कि घटना की वीडियो फुटेज देख हमलावरों की पहचान की जाएगी।सिंघु की तर्ज पर हो रहा प्रदर्शन
बता दें कि सिंघु बॉर्डर की तर्ज पर बीते 7 जनवरी से गुरुद्वारा अंब साहिब के पास कौमी इंसाफ मोर्चा का ‘पक्का मोर्चा’ लगा हुआ है। वहीं कौमी इंसाफ मोर्चा ने ऐलान किया कि आज फिर वह पंजाब CM भगवंत मान के चंडीगढ़ स्थित आवास की तरफ कूच करेंगे।
बीते बुधवार की घटना के बाद इस चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर बैरिकेडिंग को और मजबूत करने और अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात किए जाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। बुधवार की हिंसक झड़प में एक और लाठियां लिए पुलिसवाले थे और दूसरी तरफ हथियार लिए प्रदर्शनकारी थे। इसमें पुलिसवालों को बुरी तरह घायल किया गया।

पंजाब पुलिस पूरी तरह फेल

प्रदर्शनकारी मोहाली जिले में धारा 144 के बावजूद लगातार सैकड़ों की संख्या में जुट रहे हैं। उनके पास तलवारें, रॉड, डंडे और अन्य हथियार हैं। मोहाली जिला पुलिस उन्हें रोकने में पूरी तरह फेल रही। प्रदर्शन शांतिमय तरीके से करने की बात कही गई थी। वहीं हथियार लेकर और घोड़ों पर आकर जुटना किसी हिंसक वारदात को अंजाम देने की तैयारी भी मानी जा रही है। पंजाब पुलिस की इंटेलिजेंस बुरी तरह फेल हुई और चंडीगढ़ पुलिस को समय पर इनपुट्स नहीं दिए गए। इसका खामियाजा पुलिस जवानों को भुगतना पड़ा।

इनकी रिहाई मांग रहे

पक्का मोर्चा के तहत जिन सिख कैदियों की रिहाई की मांग की जा रही है उनमें पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह का हत्यादोषी और बब्बर खालसा इंटरनेशनल का आतंकी जगतार सिंह हवारा भी है। उसकी फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलते हुए कोर्ट ने उसे आजीवन जेल में ही रखने का फैसला दिया था। वहीं बेअंत सिंह हत्याकांड में फांसी की सजा पाने वाला बलवंत सिंह राजोआणा और दिल्ली के 1993 बम ब्लास्ट का दोषी दविंदर पाल सिंह भुल्लर अहम है।

यह मांगे पूरी करने की मांग

प्रदर्शनकारियों की मांगों में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी घटनाओं में इंसाफ, गुरु ग्रंथ साहिब के 328 गायब स्वरुपों के मामले में इंसाफ, जेलों में सजा पूरी कर चुके सिख कैदियों की रिहाई और कोटकपूरा तथा बहबलकलां गोलीकांड में इंसाफ की मांग शामिल है।

इसलिए चंडीगढ़ में एंट्री की मनाही

प्रदर्शनकारियों ने फैसला किया था कि 6 फरवरी से 31 मेंबर्स का जत्था प्रदर्शन स्थल से चंडीगढ़ में पंजाब के मुख्यमंत्री आवास और राजभवन के पास रोजाना मार्च निकालेगा। हालांकि चंडीगढ़ में धारा 144 होने, मुख्यमंत्री का निवास हाई सेसेंटिव जोन में होने एवं सुरक्षा कारणों से चंडीगढ़ पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को रोक रही थी। प्रदर्शनकारी हवारा को मोहाली और चंडीगढ़ कोर्ट में भी पेश न किए जाने से नाराज हैं।

बैरिकेड्स लूट ले गए

बुधवार को हिंसक वारदात में प्रदर्शनकारी चंडीगढ़ पुलिस के कई बैरिकेड्स भी लूट कर चले गए थे। प्रदर्शनकारी ट्रैक्टरों और घोड़ों पर आए थे। इनमें निहंग भी थे। पुलिस की कई गाड़ियों को तोड़ा गया। 30 के लगभग पुलिसकर्मी हमले में घायल हुए थे। कुछ पर तलवारों से हमला हुआ था।

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