अजय माकन का यू-टर्न : कांग्रेस प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने कहा-राजनीतिक नियुक्तियों की कोई डेडलाइन नहीं होती, पहले कहा था- 31 जनवरी तक हो जाएंगी अज
अजय माकन का यू-टर्न : कांग्रेस प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने कहा-राजनीतिक नियुक्तियों की कोई डेडलाइन नहीं होती, पहले कहा था- 31 जनवरी तक हो जाएंगी
अजय माकन ने 10 जनवरी को जयपुर में मीडिया से बातचीत में 31 जनवरी तक नियुक्तियां करने का बयान दिया था
जयपुर : (पी9 ब्यूरो) :

कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने राजनीतिक नियुक्तियों पर खुद की दी हुई डेडलाइन निकल जाने के बाद अब पूरी तरह यू-टर्न ले लिया है। राजनीतिक नियुक्तियों पर 31 जनवरी की डेडलाइन निकलने के बाद अब माकन ने कहा है कि डेडलाइन कुछ नहीं होती। टारगेट पूरे करने होते हैं। राजनीतिक नियुक्तियों को कोशिश कर रहे हैं। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर माकन ने कहा कि मंत्रिमंडल फेरबदल की बात कभी नहीं कही। मीडिया के लोग अपने आप ही कयास लगा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि अजय माकन ने 10 जनवरी को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कहा था कि 31 जनवरी तक राजनीतिक नियुक्तियों का काम पूरा कर लिया जाएगा। माकन की बताई डेडलाइन 31 जनवरी निकल चुकी है लेकिन राजनीतिक नियुक्तियों का अब तक अता-पता नहीं है।
कांग्रेस में गहलोत-पायलट गुट की खींचतान से सहमति नहीं बन पा रही
अजय माकन ने राजनीतिक नियुक्तियों पर खुद की दी हुई डेडलाइन से यू-टर्न लेने के पीछे सियासी जानकार कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान को सबसे बड़ा कारण मान रहे हैं। कांग्रेस में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ओर पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के खेमों के बीच राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर खींचतान है। प्रदेश प्रभारी के नाते अजय माकन की जिम्मेदारी सबको साधकर चलने की है। इस खींचतान के कारण ही तय समय पर राजनीतिक नियुक्तियां नहीं हो पाई और इसलिए माकन ने राजनीतिक नियुक्तियों की डेडलाइन देने का विचार सिरे से ही खारिज कर दिया।
माकन ने मंत्रिमंडल फेरबदल में भी वक्त लगने के साफ संकेत दिए
माकन ने मंत्रिमंडल फेरबदल में भी वक्त लगने के साफ संकेत दिए हैं। माकन का यह कहना कि मंत्रिमंडल फेरबदल की बात कभी नहीं कही, इसका साफ संकेत है कि अभी इसमें वक्त लगना तय है। इसके पीछे कई वजह बताई जा रही है। सचिन पायलट गुट जल्द मंत्रिमंडल विस्तार का दबाव बना रहा है लेकिन अशोक गहलोत जल्द मंत्रिमंडल विस्तार के मूड में नहीं बताए जा रहे।
10 फरवरी से विधानसभा सत्र शुरू हो रहा है। ऐसे में बजट सत्र तक गहलोत फेरबदल को टालना चाहते हैं। इस बीच 4 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हैं। फिर केरल विधानसभा के चुनाव हैं। इनमें गहलोत ऑर्ब्जवर हैं।

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