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श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर का कार्य हुआ पूर्ण : अमन ऋषि जैन/अनुज मदान/सौरव जैन

श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर का कार्य हुआ पूर्ण : अमन ऋषि जैन/अनुज मदान/सौरव जैन

श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर का कार्य हुआ पूर्ण : अमन ऋषि जैन/अनुज मदान/सौरव जैन लुधियाना : (रवि वर्मा ब्यूरो) :  बांके बिहारी के दर्शन करने जाते

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श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर का कार्य हुआ पूर्ण : अमन ऋषि जैन/अनुज मदान/सौरव जैन

लुधियाना : (रवि वर्मा ब्यूरो) : 

बांके बिहारी के दर्शन करने जाते अमन जैन,अनुज मदान व सौरव जैन
जयपुर में सनातन धर्म मूर्ति भंडार के सदस्य व अमन जैन,अनुज मदान,सौरव जैन,रंजना कुमकुम अरोड़ा

जयपुर से फाइनल निरीक्षण कर मंदिर प्रधान व ट्रस्ट के पद-अधाकारी आज श्री वृदावन धाम व श्री मेहंदीपुर बाला जी का आशीर्वाद लेकर लोटे, श्री लक्ष्मी नारायण जी के स्वरूप मंदिर में होंगे स्थापित। मुख्य यजमान रंजना रमेश अरोड़ा, पुनीत अरोड़ा, कुमकुम अरोड़ा, गीतांश अरोड़ा, प्रियांश अरोड़ा द्वारा प्रभु की कृपा से सेवा इनकी झोली में पढ़ी। पुनीत कुमकुम अरोड़ा ने कहा की कई जन्मों के तप से ऐसे सुअवसर मिलता है, मंदिर प्रांगण से जुड़कर अरोड़ा परिवार का संकल्प हुआ पूर्ण। पिछले दो सालो से इस दरबार की कार सेवा चल रही थी। जुलाई के दूसरे हफ्ते प्रभु सब भागतो को देंगे दर्शन। प्रधान अमन जैन व सरप्रस्त ऋषि जैन ने कहा कि हम प्रधान स्व अशोक जैन की प्रेरणा से प्रेरित होकर ही धार्मिक यात्रा का निरंतन आयोजन कर रहे है ओर लोगों को अपने धर्म से परिचित कराने के उद्देश्य से उनकी तरफ से धार्मिक यात्रा जारी रहेंगी। अवसर पर सौरव जैन व अनुज मदान ने कहा कि अगर सनातन धर्म का सही ज्ञान उनके गूढ रहस्यो उनकी गहराई का ज्ञान प्राप्त करना है तो भारत के अत्यंत प्राचीन मंदिर यहां भगवान साक्षात विराजमान है के दर्शन करें तभी हमें अपने धर्म का बोध होगा ओर हम अपने धर्म का निष्ठा भावना के साथ पालन करेंगे क्योंकि इन महान पवित्र तीर्थ स्थानों मंदिरों के दर्शन कर हमें खुद पर गर्व हो रहा है कि हम महान सनातन धर्म में पैदा हुए है ओर तीर्थ स्थानों के दर्शन से प्राप्त पुण्य का हमारी भावी पीढ़ियों को भी फल मिलता है। इस अवसर पर रंजना कुमकुम अरोड़ा ने कहा कि धार्मिक यात्रायो से हमें अपनी संस्कृति अपने धर्म का बोध होता है ओर हर सनातनी को अपने जीवन काल में तीर्थ यात्रा अवश्य करनी चाहिए तभी हम अपने जीवन के मूल रहस्य को जान पाएंगे ओर गर्व से बता पाएंगे कि हम उस संस्कृति उस सनातन धर्म से है जोकि युगों युगों से चला आ रहा है। सनातन धर्म मूर्ति भंडार जयपुर से राज प्रकाश अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, हर्ष अग्रवाल, रितविक अग्रवाल के मूर्तिकारों ने एक साल में यें कार्य को पूरा किया। इस अवसर पर अरोड़ा परिवार से रंजना अरोड़ा, पुनीत कुमकुम अरोड़ा, गीतांश, प्रियांश, अमन ऋषि जैन, सौरव जैन व अनुज मदान शामिल हुए।

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