पंजाब सीएम का गवर्नर को जवाब- समझौता नहीं करूंगा : मान बोले- सरकार गिराने की धमकी दे रहे, राजस्थान से चुनाव लड़ें, वहां ऑर्डर देते रहें चंडीगढ़ :
पंजाब सीएम का गवर्नर को जवाब- समझौता नहीं करूंगा : मान बोले- सरकार गिराने की धमकी दे रहे, राजस्थान से चुनाव लड़ें, वहां ऑर्डर देते रहें
चंडीगढ़ : (रवि वर्मा ब्यूरो) :

पंजाब के सीएम भगवंत मान ने गवर्नर बीएल पुरोहित को उनके पत्र का जवाब दे दिया है। सीएम मान बोले, गवर्नर को लगता है कि भगवंत मान को लगेगा कि चिट्ठी निकाल दी, कहीं सीएम की कुर्सी न छिन जाए, कंप्रोमाइज कर लो। मगर मैं कोई समझौता नहीं करूंगा। मान ने कहा कि गवर्नर की चिट्ठी में उनकी पावर हंगर की झलक मिलती है। सत्ता की भूख दिखती है। उन्हें ऑर्डर देने की आदत है। चिटि्ठयां भी शायद ऊपर से लिखवाते होंगे। गवर्नर तो सिर्फ साइन ही करते होंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत मान का ये जवाब गवर्नर बीएल पुरोहित की उस चिट्ठी के बाद आया है, जिसमें गवर्नर ने सीएम ने अपने लेटर का जवाब न देने पर राष्ट्रपति को संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत रिपोर्ट भेजने और कानूनी कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी दी थी।
पंजाब में वर्ष 2022 में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार बनने के बाद गवर्नर बीएल पुरोहित और मुख्यमंत्री भगवंत मान के बीच लगातार खींचतान चल रही है। गवर्नर अलग-अलग मुद्दों पर सीएम को आधा दर्जन से ज्यादा लेटर लिख चुके हैं।
जानिए, सीएम मान ने क्या-क्या कहा
रोज की किच-किच लगा रखी
गवर्नर के शुक्रवार को भेजे गए लेटर के बाद शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम भगवंत मान ने कहा कि रोज की किच-किच लगा रखी है। इसको लेकर मैं आज सारी डिटेल शेयर करूंगा। यह कोई नई बात नहीं कि राज्यपाल चिट्ठी लिखें और उसमें कोई ऑर्डर या लैंग्वेज लिखें, जिससे पंजाबियों को नीचा दिखाया जाता हो। हम जवाब देते रहें कि ठीक हो जाएंगे। ऊपर से ऐसे ऑर्डर होंगे। पंजाब ही नहीं, दूसरे राज्य भी इस दुख से पीड़ित हैं।
सरकार को तोड़ने की धमकी दी
कल गवर्नर ने पंजाब के शांतिपसंद लोगों को जो धमकी दी है कि मैं आप पर राष्ट्रपति शासन लगा दूंगा। मैं 356 धारा रिकमंड कर दूंगा और सरकार तोड़कर गवर्नर राज की सिफारिश कर दूंगा। लड़ाई तो 16 मार्च से ही चल रही है। अब निचले स्तर से समझकर हल्ला बोल पर आ गए हैं। गवर्नर सीधी धमकी दे रहे हैं। चिट्ठी का जवाब न देना क्या राष्ट्रपति राज का कारण हो सकता है।
लॉ एंड ऑर्डर कंट्रोल में, गवर्नर को आंकड़े देते हैं
लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह कंट्रोल में है। मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स के साथ जब गवर्नर की मीटिंग होती है तो हम यही आंकड़े उन्हें देते हैं। उन्हें सब पता है। अब लेटर निकालकर बोल रहे हो कि लॉ एंड ऑर्डर खराब है।
16 चिटि्ठयां लिखी, 9 का जवाब दे चुका हूं
गवर्नर ने मुझे 16 चिटि्ठयां लिखी। उनमें से 9 का जवाब दे चुके हैं। बाकी के जवाब तैयार हैं। कई बातें ऐसी पूछी हैं, जिनकी जानकारी लेने में समय लगता है। गवर्नर के पास 6 बिल पेंडिंग हैं। इनके अलावा 2 पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार के वक्त की हैं।
इलेक्टेड और सिलेक्टेड की लड़ाई खतरनाक
पंजाब में चुनी सरकार है। साढ़े 3 करोड़ लोगों ने वोट दिया है। 92 सीटें मिली हैं। चुनाव संविधान के मुताबिक हुए हैं। चुनी सरकार बिल को कैबिनेट में पास करने के बाद विधानसभा में पास करवाकर गवर्नर को भेजती है। जिसे रोक दिया जाता है। ऐसा तो फिर इलेक्टेड और सिलेक्टेड के बीच की लड़ाई फेडरल स्ट्रक्चर के लिए खतरनाक है।
आरडीएफ , जीएसटी और किसानों पर कभी नहीं पूछा
गवर्नर ने क्या कभी आरडीएफ के लिए चिट्ठी लिखी है। क्या वह मेरे साथ चलेंगे और केंद्र को कहेंगे कि आरडीएफ का पैसा दो। कभी जीएसटी के पैसे के बारे में पूछा कि केंद्र के पास कितना पैसा फंसा है। कभी किसानों के बारे में पूछा है कि किसान सड़क पर धरना दे रहे हैं। उनमें से 99% मांगें केंद्र से संबंधित हैं। गवर्नर कभी पंजाब के साथ खड़े हुए?। पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से हरियाणा के कॉलेजों को एफिलिएशन के लिए गवर्नर ने दबाव डाला। उन्होंने पंजाब के हक की बात नहीं की।
पंजाबियों का इम्तिहान न लें, राजस्थान से चुनाव लड़ें
मैं गवर्नर को कहना चाहता हूं कि पंजाबियों के जज्बात और सब्र का इम्तिहान न लें। गवर्नर ने कहा कि मुझे नागपुर का कहा। जब वे हैं ही नागपुर के तो मैं और क्या कहूंगा?। मैं गवर्नर को कहूंगा कि वह राजस्थान के हैं। बाद में नागपुर गए थे। मैं कहूंगा कि राजस्थान में चुनाव हैं। गवर्नर वहां मुख्यमंत्री का चेहरा बनकर बीजेपी से चुनाव लड़ें। फिर वहां ऑर्डर देते रहें।
सरकार गिराने की बात कहना गैर संवैधानिक
मैं गवर्नर को सभी चिट्ठयों का जवाब दूंगा, लेकिन ऐसा कहना कि मैं सरकार गिरा दूंगा, यह गैर संवैधानिक बाते हैं। बंगाल और दिल्ली में भी यही हो रहा है। तमिलनाडू और तेलंगाना वाले भी तंग हैं। यह बीजेपी का एजेंडा है। अगर आप नहीं जीते तो लोगों को खरीदो, अगर ना हो सके तो ऑर्डिनेंस ले आओ। शक्तियां छीन नहीं सकते तो चिट्ठयां निकलवा लो।
नूंह हिंसा पर हरियाणा गवर्नर ने सीएम को नोटिस निकाला
मैं गवर्नर को याद करा दूं कि वह साथ सटे राज्य हरियाणा के गवर्नर से पूछें कि उन्होंने खट्टर (सीएम मनोहर लाल खट्टर) को कोई नोटिस भेजा। नूंह में क्या कुछ हुआ?, जहां 2 समुदायों में लड़ाई हुई। गाड़ियां फूंक दी। कर्फ्यू लगाना पड़ा। अभी भी तनाव बना हुआ है। हरियाणा के गवर्नर ने कोई लेटर लिखा क्या?। ऐसा नहीं क्योंकि वहां सरकार केंद्र में सरकार वालों की है।
मणिपुर और यूपी में नोटिस निकाला?
यहां लॉ एंड ऑर्डर की बात कर रहे हो, मणिपुर में क्या हुआ। वहां क्या संविधान लागू नहीं होता। पंजाब में संविधान की दुहाई दे रहे हो। उत्तर प्रदेश में सरेआम गोली मार दी जाती है। यूपी के गवर्नर की मजाल है कि योगी (सीएम योगी आदित्यनाथ) को नोटिस निकालकर पूछ लें कि लॉ एंड ऑर्डर कैसा है?।
COMMENTS