पंजाब में फिर बाढ़ जैसे हालात : होशियारपुर-रोपड़ के गांवों में घुसा पानी, भाखड़ा का जलस्तर खतरे से 3 फीट नीचे, गुरदासपुर पहुंची एनडीआरएफ अमृतसर :
पंजाब में फिर बाढ़ जैसे हालात : होशियारपुर-रोपड़ के गांवों में घुसा पानी, भाखड़ा का जलस्तर खतरे से 3 फीट नीचे, गुरदासपुर पहुंची एनडीआरएफ
अमृतसर : (रवि वर्मा ब्यूरो) :

पंजाब में एक बार फिर बाढ़ के हालात बनने शुरू हो गए हैं। सतलुज नदी पर बना देश का दूसरा सबसे बड़ा भाखड़ा बांध और ब्यास नदी पर बना पौंग डैम दोनों ही खतरे के निशान के करीब पहुंच चुके हैं। बीते दिन तकरीबन 35 साल के बाद भाखड़ा के फ्लड गेट 10 फीट से अधिक खोले गए थे, जिन्हें देर रात बंद कर दिया गया। वहीं पौंग डैम से भी लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। भाखड़ा डैम में पानी की आमद 76898 क्यूसेक दर्ज की गई है। जबकि भाखड़ा डैम से टरबाइनो के माध्यम से 83703 क्यूसेक पानी ही छोड़ा गया। जिसमें से नंगल डैम से नंगल हाइडल नहर में 12350 क्यूसेक, आनंदपुर साहिब हाइडल नहर में 10150 क्यूसेक जबकि सतलुज दरिया में 47400 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। नंगल डैम से 69900 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
वहीं अब ब्यास का जलस्तर बढ़ने से होशियारपुर व गुरदासपुर के बाद कपूरथला में विधानसभा हलका भोलाथ में भी हालात बिगड़ने लगे हैं। ब्यास नदी के किनारों से मंड तलवंडी कूका, मंड सरदार साहिब, मंड रायपुर आर्यियां आदि गांवों में पानी आना शुरू हो गया है। वहीं गुरदासपुर व होशियारपुर में रेस्क्यू ऑपरेशन कल से ही जारी है। वहीं, गुरदासपुर में एनडीआरएफ ने मोर्चा संभाल लिया है।
मंत्री हरजोत बैंस ले रहे रेस्क्यू का जायजा
देर रात एनडीआरएफ की टीमों ने हरसाबेला में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास किया। लेकिन अधिक अंधेरा होने के कारण ये संभव नहीं हो पाया। आज सुबह एनडीआरएफ ने दोबारा गांव से लोगों को निकालना शुरू किया है। अभी तक सिर्फ आधा दर्जन लोगों को ही निकाला जा सका है।
वहीं मंत्री हरजोत बैंस खुद बाढ़ ग्रस्त गांवों में पहुंचे। गांव बेला ध्यानी पहुंचे मंत्री बैंस ने बताया कि रात को ही गांवों में पानी का स्तर कम होना शुरू हो गया था। लेकिन हरसाबेला में हालात खराब हैं। हालातों पर काबू पाने के लिए एनडीआरएफ, आर्मी व एयरफोर्स की मदद ली जा रही है।
रूपनगर में बनाए गए हेलीपैड
पंजाब सरकार की तरफ से एयरफोर्स व आर्मी को मदद के लिए कहा गया है। इसके अलावा पुलिस, सेहत विभाग व डीसी कार्यालय अलर्ट पर हैं। मार्शल अकादमी और पंजाब राज्य पावर कॉर्पोरेशन के ग्राउंड को हेलीपैड के तौर पर प्रयोग किया जाएगा। हरजोत बैंस ने बताया कि हरसाबेला व अन्य इलाकों में, जहां नावों को ले जाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है, वहां से लोगों को जरूरत पड़ने पर एयर लिफ्ट भी करवाया जाएगा।
होशियारपुर के कई गांव बाढ़ की चपेट में
वहीं, पौंग डैम के कारण ब्यास का जलस्तर बढ़ गया है। बीती रात 1.60 लाख क्यूसेक पानी पौंग डैम से छोड़ा गया, जिसकी मात्रा आने वाले दिनों में बढ़ सकती है। डीसी गुरदासपुर कोमल मित्तल ने जानकारी दी कि ब्यास नदी के आसपास के गांवों में पानी घुस गया है। मुकेरियां के कुछ गांवों के अलावा गांव महताबपुर, मोतला, हलेट, जनारदन, तलवाड़ा का 52 बराज में ब्यास का पानी ओवरफ्लो होकरघुस आया है। रात डीसी कोमल मित्तल खुद इलाके में पहुंची और लोगों को घरों से निकल सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। डीसी मित्तल ने बताया कि यहां इलाकों की आबादी काफी अधिक है। ऐसे में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा है।
सरकारी स्कूलों व गुरुद्वारों में रिलीफ कैंप
डीसी मित्तल ने बताया कि सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल भंगाला में रिलीफ कैंप बनाया गया है। वहीं गुरुद्वारों में भी रिलीफ कैंप तैयार किए गए हैं। इसके अलावा एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने इलाके में मोर्चा संभाल लिया है और लोगों को सुरक्षित निकालने का काम जारी है।
गुरदासपुर में भी प्रशासन अलर्ट
पौंग डैम से पानी छोड़े जाने के बाद गुरदासपुर जिले में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। ब्यास में जलस्तर बढ़ने के बाद गुरदासपुर में भी हालात खराब होने लगे हैं। जगतपुरा टांडा के क्षेत्रों में ब्यास नदी के राख बांध में जलस्तर बढ़ने से भैनी पसवाल के पास धुस्सी बांध टूट गया है, जिससे निचले क्षेत्रों में पानी ओवरफ्लो होना शुरू हो गया है। डीसी डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि जगतपुरा टांडा, भैनी पसवाल के ऊपरी क्षेत्रों में ब्यास नदी के धुस्सी बांध टूटने से चिचिया चोरियां, पखोवाल, खैरा, दलेरपुर, पड़ाना, चीनीबेट, नदाला, जगतपुर कलां, कोहली और खरीयां गांवों में पानी आने का खतरा हो गया है। जिला प्रशासन ने सावधानी के तौर पर मुकेरियां पुल बंद कर गुरदासपुर-मुकेरियां यातायात को दीनानगर हाईवे की और घुमा दिया है।
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