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पंजाब बंद का विभिन्न शहरों में असर :

पंजाब बंद का विभिन्न शहरों में असर :

पंजाब बंद का विभिन्न शहरों में असर : मणिपुर हिंसा के विरोध में बाजारों व दुकानों पर लगा ताला, मोगा में चली गोली प्रदर्शनकारी को हस्पताल कराया भर्ती,

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पंजाब बंद का विभिन्न शहरों में असर : मणिपुर हिंसा के विरोध में बाजारों व दुकानों पर लगा ताला, मोगा में चली गोली प्रदर्शनकारी को हस्पताल कराया भर्ती, सड़कों पर सन्नाटा, इमरजेंसी सेवाओं को छूट

लुधियाना  : (रवि वर्मा ब्यूरो) : 

मणिपुर में हिंसा के खिलाफ पंजाब बंद के दौरान मोगा में गोली चल गई। कोट इसे खां में प्रदर्शनकारी दुकान बंद कराने गए थे। यहां मोबाइल शॉप चलाने वाले दुकानदार के साथ उनकी बहस हो गई। इसी दौरान दुकानदार ने गोली चला दी, जो एक प्रदर्शनकारी को लगी। जिससे वह घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल लाया गया है। वहीं इससे भड़के प्रदर्शनकारियों ने कोट इसे खां चौक पर जाम लगा दिया है। मौके पर पुलिस के अधिकारी पहुंच गए हैं। वाल्मीकि, रविदासिया और ईसाई भाईचारे ने संयुक्त रूप से बंद की कॉल की हुई है। बंद की कॉल को देखते हुए कई जगह सरकारी स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए प्राइवेट स्कूल भी बंद रखे गए हैं।मणिपुर की घटना के विरोध में विभिन्न संगठनों की ओर से बुधवार को दी गई पंजाब बंद की कॉल का शहर में पूरा असर देखने को मिला। इक्का-दुक्का दुकानों के छोड़कर पूरा बाजार बंद दिखाई दिया। इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं एम्बुलेंस फायर ब्रिगेड बिल्कुल नहीं रोका जाएगा। अमृतसर में भी सन्नाटा पसरा रहा। बाजार बंद दिखे।
मणिपुर की घटना के विरोध में विभिन्न संगठनों की ओर से बुधवार को दी गई पंजाब बंद की कॉल का शहर में पूरा असर देखने को मिला। इक्का-दुक्का दुकानों के छोड़कर पूरा बाजार बंद दिखाई दिया। दुकानदार दुकानें बंद रखकर मणिपुर में हुई घटना का विरोध जता रहे हैं। हालांकि मेन रूटों पर बसों का आवागमन जारी है, लेकिन ग्रामीण इलाकों की तरफ जाने वाली बसों का पहिया भी पूरी तरह से जाम है। ऐसे में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जालंधर-दिल्ली हाईवे 10 मिनट के लिए रोका

बरनाला और गुरदासपुर में बंद का असर देखने को मिला है। जालंधर में सभी बड़े बाजार बंद हैं। इसके साथ यहां संगठनों ने 10 मिनट के लिए जालंधर-दिल्ली हाईवे रोका। बंद समर्थकों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे हैं। बंद के दौरान सिर्फ मेडिकल सुविधाओं जैसी इमरजेंसी सेवाओं को छूट है। रोडवेज बसें फिलहाल औपचारिक तौर पर बंद नहीं की गई है, लेकिन माहौल को देख करीबी बस स्टैंड पर रोक सकते हैं। वहीं किसी तरह के नुकसान से बचने के लिए प्राइवेट ऑपरेटर भी बसें नहीं चलाएंगे।

जालंधर में 2 चौक बंद, चौराहों पर पुलिस तैनात

बंद के लिहाज से जालंधर सबसे संवेदनशील शहर है। इसे देखते हुए कपूरथला चौक, रविदास चौक, ‌BSF चौक, नकोदर चौक और BMC चौक पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। वहीं प्रदर्शनकारियों ने लंबा पिंड चौक और रामा मंडी में जाम लगा दिया है। यहां ईसाई समुदाय के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं लुधियाना में जालंधर बाइपास पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया जाएगा।

केंद्र सरकार और पीएम की चुप्पी है शर्मनाक- ईसाई समुदाय के नेता

ईसाई समुदाय से संबंधित नेताओं का कहना है कि मणिपुर में महिलाओं के साथ भयावह हिंसा की घटना निंदनीय है। इस घटना पर प्रधानमंत्री की चुप्पी और निष्क्रियता ने मणिपुर को अराजकता की ओर धकेल दिया। अभी तक प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार ने उक्त घटना पर चुप्पी साधी हुई है जो कि शर्मनाक बात है।

‘आरोपियों को मिल रहा बढ़ावा’

इस घिनौने कृत्य को करने वालों और सत्ता में चुप्पी साध कर उनको बढ़ावा देने वालों को कठोर सजा देनी चाहिए। भाजपा नेता और केंद्र सरकार दंगों को रोकने की बजाए अपने बयानों से आग में घी डालने का काम करते रहे। आपसी झगड़े को कम करने की बजाए भड़काते रहे।

अमृतसर में भी दिखा पंजाब बंद का असर 

अमृतसर में भी पंजाब बंद का असर देखने को मिला है। शहर के बाजार फिलहाल तक बंद है। मणिपुर में हिंसा के खिलाफ आज वाल्मीकि, रविदासिया और ईसाई भाईचारे ने संयुक्त रूप से आज पंजाब में बंद की अपील की है। इन समुदाय के नेताओं का कहना है कि दलित महिलाओं पर मणिपुर में अत्याचार हो रहा है, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार उसे रोकने में अफसल रही है।

दुकानदारों से भी दुकाने बंद रखने की अपील की गई

बंद की कॉल को लेकर सड़क पर उतरे विभिन्न समुदायों के नेताओं का कहना है कि उनका बंद पूरी तरह से शांतिमय तरीके से होगा। कोई भी उनके बंद के दौरान हुल्लड़बाजी नहीं करेगा। बेशक बाजारों से लेकर हाईवे बंद रखे जाएंगे। दुकानदारों से भी उन्होंने दुकाने बंद रखने की अपील की है, लेकिन इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड बिल्कुल नहीं रोका जाएगा।

पूर्ण रूप से बंद रहा फिरोजपुर

मणिपुर हिंसा मामले में बुधवार को फिरोजपुर पूर्ण रुप से बंद रहा। ईसाई समुदाय, वाल्मीकि समुदाय सहित बहुजन समाज पार्टी के सदस्यों ने जहां शहर व छावनी में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया तो वहीं बाजारों में रोष मार्च भी निकाला। प्रदर्शन कार्यो ने बैंक, ielts सेंटर, स्कूल सहित केंद्रीय जेल द्वारा स्थापित पेट्रोल पंप को भी बंद करवाया। दर्शन कार्यों द्वारा लोगों से पूर्ण बंद का सहयोग देने की अपील भी की गई। जिले में कोई हिंसक घटना ना हो इसलिए पंजाब पुलिस के सैकड़ों जवान सहित एसपी डिटेक्टिव रणधीर कुमार, डीएसपी, एसएचओ प्रदर्शनकारियों के साथ पूर्ण रूप से तैनात रहे।

जालंधर से बस ऑपरेशन थमा

पंजाब बंद की कॉल के चलते जालंधर के शहीद ए आजम भगत सिंह इंटरस्टेट बस टर्मिनल पर सन्नाटा पसरा हुआ है। बसें काउंटरों पर लगी हुई है, लेकिन गंतव्य के लिए रवाना नहीं हो पा रही हैं। यात्रियों की संख्या भी बेहद कम है। निजी ऑपरेटरों की तरफ से तो बस ऑपरेशन बंद ही रखा जा रहा है।

श्री मुक्तसर साहिब में पंजाब बंद का असर

मसीह भाईचारे व अन्य संगठनों की ओर से पंजाब बंद की कॉल के चलते गुरु गोबिंद सिंह पार्क में इकट्ठ किया गया है। पार्क में भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है। फिलहाल प्रदर्शनकारियों की ओर से मणिपुर हिंसा के विरोध में वहां की सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी यहां से शहर में रोष मार्च निकालने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन पुलिस ने उन्हें पार्क में रोक रखा है।

विभिन्न समुदायों ने रोष प्रदर्शन करके बाजार करवाए बंद

मणिपुर में महिलाओं पर हुई हिंसा के विरोध में शिअद अमृतसर,बसपा व अन्य विभिन्न समुदायों द्वारा बुधवार को बरनाला में रोष प्रदर्शन करके बाजार में खुली हुई दुकानों को बंद करवाया गया। इस अवसर पर शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी साथ था। जैसे जैसे बाजार में प्रदर्शनकारी आते रहे दुकानें खुद ब खुद बंद होती गई। बुधवार को सुबह आठ बजे शिअद अमृतसर,बसपा व अन्य विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि रमदासिया गुरूद्वारा सिंह सभा बरनाला दो दरवाजे पर एकत्र हुए।

तरनतारन में नहीं दिखा पंजाब बंद का असर

मणिपुर घटना के विरोध में विभिन्न संगठनों द्वारा पजांब बंद की दी गई कॉल का जिला तरनतारन में कोई असर नही दिखा। रोज की तरह सुबह हलवाई की दुकानें खुली जिसके साथ ही सब्जी व फल विक्रेता भी अपने काम में जुट गए। देखते ही देखते पूरे शहर की दुकानें सुबह 9 बजे तक खुली गई। सुबह होते ही एसएसपी गुरमीत सिंह चौहान ने एसपी व डीएसपी रैंक के अधिकारियों से बैठक करके पूरे जिले में चौकसी बरतने का आदेश दिया। जिसके बाद सभी थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्र की गश्त पर निकल गए। सुबह साढे 10 बजे तक तरनतारन जिले में किसी भी संगठन द्वारा कोई धरना प्रदर्शन या नारेबाजी नहीं की गई।

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