7 साल के बच्चे का कत्ल की गुथ्थी सुलझी : कलयुगी ताया ने नहर में डुबोकर मारा, 2 दिन बाद मिली लाश, हत्या की वजह पारिवारिक झगड़ा लुधियाना : (रवि वर्म
7 साल के बच्चे का कत्ल की गुथ्थी सुलझी : कलयुगी ताया ने नहर में डुबोकर मारा, 2 दिन बाद मिली लाश, हत्या की वजह पारिवारिक झगड़ा
लुधियाना : (रवि वर्मा ब्यूरो) :


पंजाब के लुधियाना में 2 दिन से लापता 7 वर्षीय सहजप्रीत का शव रविवार सुबह मिल गया। बच्चे की बॉडी गिल नहर में मिली। ताया स्वर्ण सिंह ने ही उसे धक्का देकर नहर में गिराया और डुबोकर मार दिया। सहजप्रीत के कत्ल की वजह परिवार की आपसी फूट रही। बच्चे की बॉडी मिलते ही पुलिस उसे गिल नहर से निकलवाने में जुट गई। आरोपी ताया के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
सात साल का सहजप्रीत 2 दिन पहले ताया स्वर्ण सिंह के साथ जालंधर बाइपास पर फ्रूट लेने गया मगर वापस नहीं लौटा। पुलिस शुरू से ही इस मामले को संदिग्ध मान कर चल रही थी इसलिए बच्चे के ताया स्वर्ण सिंह को हिरासत में ले लिया। 2 दिन से उससे पूछताछ चल रही थी। शुरू में स्वर्ण सिंह इस बात पर अड़ा रहा कि सहजप्रीत कहां गया? उसे नहीं पता लेकिन पूछताछ के लंबा खिंचने पर वह टूट गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया। स्वर्ण सिंह की निशानदेही पर रविवार को गिल नहर से सहजप्रीत की बॉडी बरामद कर ली गई। बच्चे की बॉडी मिलने के बाद उसके परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। इससे पहले सहजप्रीत के परिवार ने पुलिस पर उन्हें बेवजह तंग करने और बच्चे को ढूंढने के लिए कोई प्रयास नहीं करने के आरोप लगाए।
मर्डर की वजह मां का ‘रामू’ कहकर बुलाना
स्वर्ण सिंह ने पुलिस को पूछताछ में सहजप्रीत के कत्ल का वजह भी बताई। स्वर्ण सिंह के अनुसार, सहजप्रीत की मां उसे हमेशा रामू कहकर बुलाती थी। उसे रामू कहकर बुलाना बिल्कुल पसंद नहीं था। यही बात उसके दिमाग में बैठ गई और उसने सहजप्रीत की मां से बदला लेने के लिए उसके बेटे को मौत के घाट उतार दिया। यहाँ ये बता दे कि सहजप्रीत की मां और उसकी ताई एक ही घर में ब्याही है। इस वजह से परिवार में आपसी फूट चल रही थी।

सतलुज दरिया तक भी लेकर गया
सहजप्रीत का परिवार अब्दुल्लापुर का रहने वाला है। लुधियाना के पुलिस कमिश्नर कौस्तुभ शर्मा ने बताया कि सहजप्रीत की बॉडी नहर में पेड़ों के बीच फंसी हुई मिली। उसके साथ ताया स्वर्ण सिंह की कई जगह की फुटेज सामने आई थी। स्वर्ण सिंह सहजप्रीत को लेकर सतलुज दरिया तक गया। एक गुरुद्वारे के पास लगे सीसीटीवी कैमरों में भी दोनों नजर आए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सहजप्रीत के गायब होने के बाद ऐसी कई चीजें थीं जिनकी वजह से शक स्वर्ण सिंह पर जा रहा था। जैसे बच्चे का अपनी साइकिल बीच सड़क लावारिस हालत में छो़ड़कर गाड़ी में बैठ जाना? जबकि सहजप्रीत को अपनी साइकिल से बहुत प्यार था। उसके बाद स्वर्ण सिंह का घर लौटकर किसी को यह नहीं बताना कि सहजप्रीत लापता हो गया।

अच्छा तबलावादक था सहज
पड़ोसियों ने बताया कि सहजप्रीत रोजाना गुरुद्वारे जाता था। छोटी सी उम्र में ही उसने तबला बजाना सीख लिया था। वह अच्छा तबला बजाता था। सहजप्रीत को अपने ताया से काफी लगाव था लेकिन यह नहीं पता था कि ताया ही उसकी जान ले लेगा।
5 साल पहले हुआ आरोपी के दिमाग का ऑपरेशन
पुलिस के मुताबिक तकरीबन 5 बरस पहले आरोपी स्वर्ण सिंह के दिमाग का ऑपरेशन हुआ था। वह दिमागी तौर पर अभी भी पूरी तरह सही नहीं है। सहजप्रीत के लापता होने के बाद जब पुलिस ने उसे हिरासत में लिया तो वह दो दिन तक पुलिस को इधर-उधर घुमाता रहा।। स्वर्ण सिंह ही सहजप्रीत को गिल नहर ले गया और वहां नहर में धक्का दे दिया।
5 साल पहले हुआ आरोपी के दिमाग का ऑपरेशन
पुलिस के मुताबिक तकरीबन 5 बरस पहले आरोपी स्वर्ण सिंह के दिमाग का ऑपरेशन हुआ था। वह दिमागी तौर पर अभी भी पूरी तरह सही नहीं है। सहजप्रीत के लापता होने के बाद जब पुलिस ने उसे हिरासत में लिया तो वह दो दिन तक पुलिस को इधर-उधर घुमाता रहा।। स्वर्ण सिंह ही सहजप्रीत को गिल नहर ले गया और वहां नहर में धक्का दे दिया।

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