Homeपंजाब

ठेका कर्मचारियों ने शुरू की तीन दिवसीय हड़ताल

ठेका कर्मचारियों ने शुरू की तीन दिवसीय हड़ताल

आज से 27 डिपुओं की 2200 बसों के पहिए थमे : सरकारी बसों की बुकिंग भी बंद, ठेका कर्मचारियों ने शुरू की तीन दिवसीय हड़ताल  लुधियाना : (रवि वर्मा ब्यू

आंख और मुंह में मिर्ची डाल डेयरी मालिक को तेज हथियारों से काट डाला
भगवती देवी चेरिटेबल ट्रस्ट की कार्यकारणी भंग : स्वामी कृष्णा नन्द गिरी जी महाराज
7 साल के बच्चे का कत्ल की गुथ्थी सुलझी :

आज से 27 डिपुओं की 2200 बसों के पहिए थमे : सरकारी बसों की बुकिंग भी बंद, ठेका कर्मचारियों ने शुरू की तीन दिवसीय हड़ताल 

लुधियाना : (रवि वर्मा ब्यूरो) : 

पंजाब में आज सड़कों पर पनबस, पीआरटीसी और रोडवेज की बसें नजर नहीं आई। मुफ्त यात्रा का लाभ लेने वाली महिलाओं को आज निजी बसों में पैसे खर्च करके यात्रा करनी पड़ी। क्योंकि आज से तीन दिन के लिए रोडवेज पनबस और पीआरटीसी यूनियन के सभी ठेका कर्मचारी मांगें पूरी न होने के कारण हड़ताल पर चले गए हैं। पंजाब के 18 रोडवेज और नौ पीआरटीसी डिपुओं की करीब 2200 बसों के पहिए आज से थम गए हैं।
पनबस और रोडवेड की लग्जरी बसों में एडवांस बुकिंग करवाकर यात्रा करने वालों के लिए भी बुरी खबर है कि पिछले कल से ठेका कर्मचारियों ने हड़ताल को मद्देनजर रखते हुए एडवांस बुकिंग भी बंद कर दी है। दिल्ली एयरपोर्ट की तरफ जाने वाली और आने वाली बसे भी तीन दिन तक बंद रहेंगी। विदेश से पंजाब आने वाले यात्रियों को भी अपने निजी वाहन या फिर निजी महंगी लग्जरी बसों में सफर करना पड़ेगा।
यूनियन के नेताओं ने कहा कि उन्होंने हड़ताल को टालने के लिए अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों के साथ कई बैठकें की, लेकिन कोई नतीजा निकल कर सामने नहीं आया। उन्होंने कहा कि सरकार का भी डबल स्टैंडर्ड सामने आ रहा है। एक तरफ सरकार कह रही है कि राज्य में ठेका प्रथा को खत्म कर सीधी भर्ती की जाएगी और दूसरी तरफ ठेके पर बसे चलाने जा रही है। किलोमीटर स्कीम पर बसों को ठेके पर दिया जा रहा है।

मुफ्त यात्रा की सुविधा देने से ट्रांसपोर्ट को घाटा

उन्होंने कहा कि महिलाओं को बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने से ट्रांसपोर्ट को घाटा हो रहा है। उन्होंने सरकार को सुझाव दिया था कि पह मुफ्त की बजाय यात्रा को कंसेशनल कर दे। बेशक पचास प्रतिशत किराया माफ कर दे। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट विभाग के खाते में पैसे नहीं है। उधारी में सारा काम चल रहा है। कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। हर बार वेतन के लिए उन्हें सड़कों पर उतर संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि वेतन के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया है।

आम आदमी पार्टी ने वादे नहीं किए पूरे

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव में जो वादे किए थे सत्ता में आने के बाद उन पर खरी नहीं उतर रही है। सत्ता में आने के बाद अब आम आदमी पार्टी की सरकार वादाखिलाफी पर उतर आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व की परंपरागत सरकारों और आम आदमी पार्टी की सरकार में कोई फर्क नहीं, सब एक जैसे ही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण सरकार का कमाऊ पूत ट्रांसपोर्ट भी निजीकरण का शिकार हो रहा है।

COMMENTS

WORDPRESS: 0
DISQUS: 0