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मूसेवाला के दो कातिलों का एनकाउंटर :

मूसेवाला के दो कातिलों का एनकाउंटर :

मूसेवाला के दो कातिलों का एनकाउंटर : गैंगस्टर भगवानपुरिया और पम्मा से मिला सुराग, पीछा करती आई पुलिस, पहला फायर शार्पशूटर ने किया चंडीगढ़ : (रवि व

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मूसेवाला के दो कातिलों का एनकाउंटर : गैंगस्टर भगवानपुरिया और पम्मा से मिला सुराग, पीछा करती आई पुलिस, पहला फायर शार्पशूटर ने किया

चंडीगढ़ : (रवि वर्मा ब्यूरो) : 

सिद्धू मूसेवाला की 29 मई को मानसा के जवाहरके में गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इसकी जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली। मूसेवाला के कत्ल में 6 शार्पशूटर शामिल थे। इनमें से 3 पहले पकड़े जा चुके हैं। 2 का कल एनकाउंटर हो गया। एक फरार है।

मशहूर पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के कत्ल से पंजाब पुलिस को 52 दिन कड़ी मशकत करनी पड़ी। पहले मूसेवाला की सिक्योरिटी घटाने को लेकर पुलिस इंटेलिजेंस फेलियर रहा। फिर कत्ल के बाद पंजाब पुलिस एक भी शार्पशूटर को नहीं पकड़ पाई। आखिरकार पंजाब पुलिस ने कल शार्पशूटर जगरूप रूपा और मनप्रीत मन्नू कुस्सा को एनकाउंटर में मार गिराया। पुलिस को इन दोनों का पता कैसे चला और 5 घंटे का एनकाउंटर कैसे हुआ? और कैसे मिला दोनों का सुराग। मूसेवाला के कत्ल के बाद पंजाब पुलिस के हाथ कोई बड़ी कामयाबी नहीं मिली। वह सिर्फ मददगारों को पकड़ने तक सीमित रही। इसी बीच दिल्ली पुलिस ने 3 शार्पशूटर प्रियवर्त फौजी, अंकित सेरसा और कशिश को पकड़ लिया। पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार ने डीजीपी वीके भावरा की जगह गौरव यादव को कार्यकारी डीजीपी का चार्ज सौंप दिया। शार्पशूटर मन्नू कुस्सा और जगरूप रूपा ने हरियाणा के शार्पशूटर्स का साथ छोड़ दिया। वह फौजी या अंकित सेरसा के साथ नहीं गए। उन्होंने कहा कि वह पंजाब में ही रहेंगे।

मूसेवाला हत्याकांड में पंजाब पुलिस पहले गैंगस्टर लॉरेंस को पंजाब लाई। उसने कत्ल करवाने की बात कबूली, लेकिन शार्पशूटर्स का सुराग उससे नहीं मिला।

लॉरेंस से सुराग नहीं मिला क्युकि गोल्डी के टच में नहीं था : 

मन्नू और जगरूप को ढूंढने के लिए पंजाब पुलिस गैंगस्टर लॉरेंस से पूछताछ की, लेकिन कुछ सुराग नहीं मिला। पुलिस को इतना जरूर पता चला कि यह दोनों गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के गुर्गे हैं। जग्गू भी लॉरेंस सिंडिकेट का मेंबर है। उसी ने इन दोनों को लॉरेंस ग्रुप को दिया। कत्ल के बाद यह दोनों लॉरेंस या उसके कनाडा बैठे गैंगस्टर साथी गोल्डी बराड़ के टच में नहीं रहे।

जग्गू से मिला राज दोनों गैंगस्टर पंजाब में ही छुपे हुए : 

इसके बाद पंजाब पुलिस जग्गू भगवानपुरिया को तिहाड़ जेल से लेकर आई। जग्गू से पूछताछ में पुलिस को इस बात का संकेत मिल गया कि यह दोनों पंजाब में ही कहीं छुपे हुए हैं। मगर कहां? इसके बारे में जग्गू ने भी पता होने से इनकार कर दिया।

लॉरेंस से पता चला कि कुछ शार्पशूटर्स जग्गू भगवानपुरिया ने दिए तो पंजाब पुलिस जग्गू को तिहाड़ जेल से पंजाब लेकर आई।

सीसीटीवी से यकीन हुआ, मोहाली कनेक्शन मिला : 

पुलिस ने सीसीटीवी खंगालने शुरू किए तो यह दोनों मोगा के गांव समालसर में सीसीटीवी में नजर आए। 21 जून को सुबह करीब 6 बजे यह चोरी की बाइक पर जाते दिखे। जिसके बाद पुलिस को जग्गू के दावे पर यकीन हो गया। इसी बीच मोहाली में गैंगस्टर परमदलीप पम्मा पकड़ा गया। वह फरार शार्पशूटर मन्नू और रूपा के टच में था। वहीं से पुलिस ने इनका सर्विलांस शुरू किया।

मोहाली पुलिस ने ज्वेलर्स शॉप में लूट के मामले में गैंगस्टर परमदलीप पम्मा को गिरफ्तार किया था। यह रूपा और मन्नू का करीबी साथी था। दोनों शार्पशूटर पम्मा के टच में थे। जहां से पुलिस ने इनकी निगरानी शुरू कर दी।

गुलालीपुर गांव में मिली लोकेशन : 

पंजाब पुलिस को इनकी लोकेशन तरनतारन के गांव गुलालीपुर में मिल गई। यहां गैंगस्टर संदीप तूफान और मनी रईया ने उन्हें एक फार्म हाउस में छुपा रखा था। इसके बाद पुलिस ने पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने की तैयारी की। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने मोर्चा संभाला। पंजाब पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट और शार्पशूटर्स इकट्‌ठा किए गए। जिसके बाद पुलिस इनका लगातार पीछा करने लगी।

एनकाउंटर में मारे गए शार्प शूटर जगरूप रूपा और मनप्रीत मन्नू कुस्सा।

कैसे हुआ रूपा और मन्नू का एनकाउंटर…, थार और कोरोला छोड़कर गई : 

मोगा में सीसीटीवी में नजर आने के बाद मन्नू और रूपा अलर्ट हो गए। वह पाकिस्तान भागने की कोशिश में थे। दोनों पाकिस्तान बैठे गैंगस्टर आतंकी हरविंदर रिंदा के टच में थे। इसीलिए वह बॉर्डर के नजदीक गुलालीपुर गांव में रुके। वहां पंजाब पुलिस ने ट्रैप लगा दिया। वहां से यह दोनों थार और कोरोला में गुलालीपुर से निकले। भकना कलां और होशियार नगर के वीरान घर में छुप गए। यह घर भारत-पाक बॉर्डर से 10KM दूरी पर था।

सिविल वर्दी में घर घेरा, आसपास का इलाका खाली कराया : 

रूपा और मन्नू के अंदर जाकर रिलेक्स होते ही पंजाब पुलिस ने सिविल वर्दी में 2 किमी इलाके से घर को घेर लिया। सिविल वर्दी में ही आसपास के घर खाली कराने शुरू कर दिए।

पहला फायर शार्पशूटर ने किया, फिर दोनों तरफ से फायरिंग हुई : 

आसपास बढ़ती हरकत देख शार्पशूटर मन्नू और कुस्सा अलर्ट हो गए। पुलिस का पता चलते ही एक शार्पशूटर ने फायर किया। वह फायरिंग करते हुए फरार होना चाहते थे। यह देख तुरंत पंजाब पुलिस कमांडो हरकत में आ गए। उन्होंने दोनों को सरेंडर करने को कहा। जिसके बाद दोनों तरफ से फायरिंग शुरू हो गई।

रूपा मारा गया तथा मन्नू फायर करता रहा : 

दोनों तरफ से सैकड़ों राउंड फायरिंग हुई। शार्पशूटर्स AK47 और 2 पिस्टल से फायर करते रहे। उनके पास हैंड ग्रेनेड भी थे। पुलिस की फायरिंग में शार्पशूटर रूपा मारा गया। इसके बाद उनकी तरफ से फायरिंग कम हो गई। हालांकि मन्नू रुक-रुक कर फायर करता रहा। तब तक पुलिस को पता नहीं था कि अंदर कितने गैंगस्टर हैं। करीब 2 घंटे तक लगातार ताबड़तोड़ फायरिंग हुई।

करीब 5 घंटे चले ऑपरेशन के बाद पंजाब पुलिस ने दोनों गैंगस्टर को मार गिराया।

मन्नू के मरने के बाद सवा 4 बजे ऑपरेशन कंप्लीट : 

कुछ देर बाद मन्नू भी मारा गया। इसके बाद सवा 4 बजे पुलिस ने एनकाउंटर कंप्लीट होने का दावा किया। कमांडों घर के भीतर गए और फिर दोनों की लाश बरामद कर ली। इन दोनों के अलावा वहां कोई और नहीं था।

ऑपरेशन खत्म होने के बाद एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के ADGP प्रमोद बान ने दोनों शार्पशूटर्स के मरने की पुष्टि की। मन्नू और रूपा से पुलिस को एक AK47, 2 पिस्टल, बैग और जेब में भरे कारतूस भी बरामद हुए।

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