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वाराणसी से संत रविदास जयंती कार्यक्रम : पंजाब के सीएम चन्नी माथा टेकने पहुंचे

वाराणसी से संत रविदास जयंती कार्यक्रम : पंजाब के सीएम चन्नी माथा टेकने पहुंचे

वाराणसी से संत रविदास जयंती कार्यक्रम : पंजाब के सीएम चन्नी माथा टेकने पहुंचे, ​​​​​​​सीएम योगी ने मत्था टेककर लंगर छका, प्रियंका-राहुल भी हाजिरी लगा

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वाराणसी से संत रविदास जयंती कार्यक्रम : पंजाब के सीएम चन्नी माथा टेकने पहुंचे, ​​​​​​​सीएम योगी ने मत्था टेककर लंगर छका, प्रियंका-राहुल भी हाजिरी लगाएंगे

वाराणसी : (पी9 ब्यूरो) :

सीरगोवर्धनपुर स्थित संत रविदास मंदिर में संत रविदास महाराज की प्रतिमा और उनके सामने रखी उनकी कठौती
संत रविदास मंदिर क्षेत्र स्थित लंगर हाल

‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ समानता और मानवता का संदेश देने वाले संत श्री गुरु रविदास की जयंती आज मनाई जा रही है। वाराणसी के सीरगोवधर्नपुर स्थित संत रविदास महाराज की जन्मस्थली पर सियासी दिग्गज पहुंच रहे हैं। पंजाब के सीएम के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत की जन्मस्थली पर हाजिरी लगाई है।
सीएम योगी ने संत रविदास मंदिर पहुंचकर संत शिरोमणि की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद शीश नवाया। उसके बाद लंगर छका। करीब एक घंटे यहां रुकने के बाद वे बाबतपुर एयरपोर्ट से हमीरपुर जाएंगे। सीएम योगी से पहले पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सीरगोवर्धनपुर मंदिर पहुंचे।

सीरगोवर्धनपुर स्थित संत रविदास महाराज के मंदिर में जाते पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी

पंजाब के सीएम चन्नी ने नवाया शीश

बुधवार को अलसुबह संत शिरोमणि के दर पर सबसे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पहुंचे। उन्होंने संत रविदास महाराज के मंदिर में मत्था टेका। इसके बाद संत निरंजन दास का आशीर्वाद लेकर उन्होंने सदगुरु महाराज के अनुयायियों से अमृतवाणी सुनी। इससे पहले उन्होंने श्रीकाशी विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई। दोपहर में राहुल-प्रियंका गांधी भी पहुंच रहे हैं। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह सहित कई अन्य राजनीतिक हस्तियां भी आज सीरगोवर्धनपुर पहुंचेंगी।
संत रविदास महाराज के प्रकाशोत्सव पर्व की शुरुआत ध्वजारोहण से हुई। देश भर से आए रैदासी समाज के लोग संत निरंजन दास दिनभर सत्संग सुनेंगे और लंगर छकेंगे। आज सुबह से शाम तक शहर के अलग-अलग हिस्सों से सदगुरु महाराज के जीवन पर आधारित झांकियां निकलेंगी और सीरगोवर्धनपुर आएंगी। संत रविदास महाराज की जयंती में शामिल होने के लिए पंजाब से दो ट्रेनों और 200 से ज्यादा चार पहिया वाहनों से रैदासी समाज के लोग सीरगोवर्धनपुर आए हैं।
उत्तर प्रदेश और पंजाब में विधानसभा चुनाव होने के कारण संत रविदास महाराज की जयंती इस बार सियासी दिग्गजों के लिए भी महत्वपूर्ण हो गई है। पंजाब में रैदासी समाज के 15 लाख से ज्यादा मतदाता हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और देश के अन्य राज्यों में बड़ी संख्या में संत रविदास महाराज के अनुयायी हैं।
उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संत रविदास महाराज की पूर्व संध्या पर मंगलवार को ही देशवासियों को शुभकामनाएं दी थीं। उन्होंने कहा था कि बुधवार को वह दिल्ली के करोलबाग स्थित श्री गुरु रविदास विश्राम धाम मंदिर जाकर जन-जन के कल्याण के लिए प्रार्थना करेंगे।

सीएम योगी ने संत शिरोमणि की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शीश नवाया

सीएम योगी ने दी बधाई

दर्शन करने के बाद मीडिया से बात करते हुए सीएम सभी को रविदास जयंती की बधाई दी और कहा कि उनकी सरकार यहां के विकास काम के लिए प्रतिबद्ध है। इससे पहले सीएम योगी ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए और अपने आने की जानकारी दी थी। उन्होंने ट्वीट किया कि “आज मैं वाराणसी के सीरगोवर्धनपुर में पूज्य संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होऊंगा। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में भाजपा की डबल इंजन की सरकार उनकी पावन जन्मस्थली के समग्र विकास हेतु पूरी तन्मयता से कार्य कर रही है”।
इसके बाद उन्होंने लिखा कि “यह हमारा सौभाग्य है कि पूज्य संत रविदास जी की जन्मस्थली सीरगोवर्धन यूपी की सांस्कृतिक नगरी काशी में है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में सीरगोवर्धन के सुंदरीकरण और पर्यटन विकास हेतु राज्य सरकार समर्पित भाव के साथ कार्य कर रही है। सीएम योगी ने बताया कि लाखों जनआस्था की भूमि सीर गोवर्धन में आज कनेक्टिविटी बेहतर हुई है। इसके साथ ही संत शिरोमणि रविदास जी की स्मृति में पार्क निर्माणाधीन है।

यूपी और पंजाब चुनाव की दृष्टि से महत्वपूर्ण

मन चंगा तो कठौती में गंगा जैसा सहज ज्ञान देने वाले संत रविदास का जन्म संवत 1443 में माघ पूर्णिमा के दिन वाराणसी में हुआ था। बताया जाता है कि जूते बनाने का काम करने वाले संत रविदास ने साधु-संतों की संगत में आध्यात्मिक ज्ञान पाकर कर्म को ही जीवन का मूल मर्म माना था।
संत रविदास ने इस नश्वर शरीर का त्याग 1540 में किया था। आत्मज्ञान, एकता, भाईचारे पर आधारित और जाति प्रथा जैसी कुरीतियों पर प्रहार करते उनके दोहे उनके अनुयायियों के लिए अमृत वचन बन गए। धीरे-धीरे उनके अनुयायी खुद को रविदासिया समुदाय का कहने लगे।
वाराणसी के संत रैदास जन्मस्थली से पंजाब का सीधा नाता है। ऐसे में यूपी हो या पंजाब इन दोनों ही राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दिग्गजों का यहां आना लगा रहता है। वजह भी साफ है, संत रैदास के बड़ी तादाद वाले अनुयायियों को अपने पाले में करना।

दो बार आ चुके हैं प्रधानमंत्री मोदी

सीरगोवर्धनुपर स्थित रविदास मंदिर में नेताओं की आवाजाही की शुरुआत बसपा सुप्रीमो मायावती से शुरू हुई थी। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. केआर नारायणन और ज्ञानी जैल सिंह के साथ ही कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित कई अन्य नेता समय-समय पर आते रहे हैं।
2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की कमान संभाली तो वह इस मंदिर में 2 बार आए। इसके बाद इस मंदिर का महत्व सियासत के नामचीन चेहरों के लिए भी बढ़ गया। 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा वाराणसी के सीरगोवर्धनपुर पहुंचीं थीं और संत शिरोमणि के चरणों में मत्था टेकने के साथ ही लंगर भी चखा था। साथ ही रैदास समर्थकों को संबोधित भी किया था।

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