मुख्यमंत्री चन्नी के भांजे हनी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा : ईडी ने दोबारा मांगा था 7 दिन का रिमांड, कोर्ट ने असहमति जता नहीं दिया जालंधर
मुख्यमंत्री चन्नी के भांजे हनी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा : ईडी ने दोबारा मांगा था 7 दिन का रिमांड, कोर्ट ने असहमति जता नहीं दिया
जालंधर : (पी9 ब्यूरो) :

मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भांजे भूपिंदर सिंह हनी का रिमांड खत्म हो गया है। कोर्ट ने ईडी को फिर से आगे हनी की कस्टडी देने से मना कर दिया। एक हफ्ते तक एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट की कस्टडी में रहने के बाद अब जिला एवं सत्र अदालत जालंधर ने भूपिंदर सिंह हनी को चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
कोर्ट में फिर से तीसरी बार रिमांड के लिए ईडी ने अपनी अर्जी दी थी। ईडी ने तर्क दिया था कि अभी बहुत कुछ पता लगाना शेष है। मनी ट्रेलिंग में सत्तर लोगों के नाम उन्हें पता चल गए हैं तथा कुछ नाम ऐसे भी हैं जिनका पता लगाना जरूरी है। इसके लिए ईडी को एक हफ्ते के लिए भूपिंदर सिंह हनी का रिमांड और चाहिए।
इस पर बचाव पक्ष की तरफ से आज अधिवक्ता एपीएस दिओल पेश नहीं हुए तो उनके स्थान पर वरिष्ठ अधिवक्ता डीएस दयाल ने पेश होकर कहा कि ईडी पहले ही दो बार में सात दिन का रिमांड ले चुकी है। यदि वह इन सात दिनों में कुछ पता नहीं लगा पाई तो आगे भी कुछ नहीं कर पाएगी। इसलिए उनके मुवक्किल का रिमांड नहीं दिया जाना चाहिए।
बहस के दौरान कोर्ट ने ईडी के अधिवक्ता को बचाव पक्ष के सवाल पर जवाब देने के लिए कहा तो वह तीन दिन के रिमांड पर आ गए कि सात न सही लेकिन तीन दिन का रिमांड तो हर सूरत में दिया जाए ताकि अन्य मनी ट्रेलिंग में शामिल लोगों का पता लगाया जा सके।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने ईडी के अधिवक्ता के जवाब से संतुष्टि न जताते हुए तथा बचाव पक्ष की दलील को मानते हुए और रिमांड देने से साफ मना कर दिया। इसके बाद कोर्ट ने भूपिंदर सिंह हनी को चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश जारी कर दिए।
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भांजे भूपिंदर सिंह हनी के अब न्यायिक हिरासत में चले जाने के बाद उनके वकील जमानत की प्रक्रिया में जुट गए हैं। न्यायिक हिरासत के दौरान ही हनी के वकील अब कोर्ट में अर्जी लगा कर उनकी जमानत के लिए अपील करेंगे।
उल्लेखनीय है कि रेत खनन माफिया से खनन अधिकारियों के तबादलों और पोस्टिंग के लिए 10 करोड़ रुपए लेने के आरोप में फंसे मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भांजे को एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट की टीम आज दोबारा कोर्ट में पेश किया था। ईडी दोबारा से हनी का 7 दिन का रिमांड मांगा था। कोर्ट ने मामला दोपहर 2 बजे के लिए बहस पर लगाया था।
बता दें कि रिमांड के दौरान ही ईडी ने दावा किया था कि पूछताछ के दौरान हनी ने माना है कि उसके और उसके दोस्त के घर से जो दस करोड़ रुपए मिले थे वह उसने खनन माफिया से लिए थे। खनन माफिया से पैसा उसने खनन विभाग के ही कुछ अधिकारियों की पोस्टिंग और ट्रांसफर के बदले में लिया था।
अब आयकर विभाग ने घेरने के लिए कसी तैयारी
भूपिंदर सिंह हनी की मुश्किले अभी और बढ़ने वाली हैं। एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट के बाद अब आयकर विभाग ने हनी को घेरने की तैयारी करनी शुरू कर दी है। विभागीय सूत्रों के हवाले से पता चला है कि हनी के न्यायिक हिरासत में जाते ही आयकर विभाग उसे अपनी कस्टडी में लेकर पूछताछ कर सकता है। केंद्रीय एजेंसियों के चक्कर में मुख्यमंत्री चन्नी का भांजा बहुत बुरी तरह से उलझता हुआ नजर आ रहा है।
पिछली बार कोर्ट में ईडी ने कहा था 325 करोड़ का है मामला
पिछली पेशी पर ईडी की तरफ से कोर्ट में पेश हुए अधिवक्ता लोकेश नारंग ने कहा था कि खनन माफिया से अपने रिश्तेदार मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नाम का इस्तेमाल कर दस करोड़ कमाने वाले भूपिंदर सिंह हनी के तार आगे भी बहुत जगह जुड़े हुए हैं। इसमें और भी बहुत सारे लोग जुड़े हुए हैं। ईडी के अधिवक्ता ने कोर्ट में कहा कि यह मामला सिर्फ दस करोड़ का ही नहीं है। बल्कि जांच में पता चला है कि यह बहु करोड़ी मामला है। 325 करोड़ रुपए मुख्यमंत्री का नाम इस्तेमाल करके कमाए गए हैं।

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