भारत भूषण आशु के साथ रमन बाला सुब्रमण्यम आम आदमी की आवाज और प्रेस की स्वतंत्रता को दबाना चाहते हैं जो किसी भी कीमत पर नहीं होने दी जाएगी : एडवोकेट बि
भारत भूषण आशु के साथ रमन बाला सुब्रमण्यम आम आदमी की आवाज और प्रेस की स्वतंत्रता को दबाना चाहते हैं जो किसी भी कीमत पर नहीं होने दी जाएगी : एडवोकेट बिक्रम सिंह सिद्धू
लुधियाना : 7 अक्टूबर : (पी9 ब्यूरो) :
जब से रमन बाला सुब्रमण्यम नगर सुधार न्यास के अध्यक्ष बने हैं, तब से नगर सुधार न्यास की भूमि माननीय कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु के सहयोग से बेची जा रही है, व ट्रस्ट की सरकारी जायदाद नियम कानून को ताक पर रख बड़े स्तर पर धांधलियां की जा रही है। इनमे से कुछ ऐसे भी हैं जो अब आम जनता के सामने आ चुके हैं। ये शब्द एडवोकेट बिक्रम सिंह सिद्धू सदस्य कार्यकारी समिति भारतीय जनता पार्टी पंजाब प्रदेश ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहे। उधारण के लिए शहीद भगत सिंह नगर में बनने वाले प्राथमिक विद्यालय और सामुदायिक केंद्र के स्थान पर आवासीय भूखंड काटकर अपनों को दे दिए गए। जबकि आवासीय भूखंडों के आवंटित प्रतिशत से अधिक का निर्माण नगर सुधार ट्रस्ट के नियमों के अनुसार नहीं किया जा सकता है। ट्रस्ट के अध्यक्ष रमन बाला सुब्रमण्यम और मंत्री भारत भूषण आशु ने लुधियाना के सभी कानूनों और विनियमों की अनदेखी करते हुए ये घोटाले किए है।
जिससे लुधियानवी अच्छी तरह से वाकिफ हैं और अगर आम जनता इन घोटालों के खिलाफ बोल रही है, तो क्या यह मानहानि है? मॉडल टाउन एक्सटेंशन पार्ट टू दुगरी रोड 3.79 एकड़ आम सार्वजनिक भूमि मंत्री भारत भूषण आशु की मिलीभगत से अपने प्रियजनों को सस्ते दामों पर बेची गई जबकि उसी भूमि का मूल्यन 25/10/2019 को स्वयं रमन बाला सुब्रमण्यम ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम को दो हजार गज अलाट करने के लिए 65662 रुपए प्रति गज भाव निर्धारित किया था व दो साल बाद अब कोडियो के भाव अपने भू माफिया को अलाट कर दिया और इस मसले में जिले के डिप्टी कमिश्नर वरिंदर शर्मा ने भी मीडिया में सपष्ट किया कि इस चार एकड़ जमीन की कीमत उन्होंने तय नहीं की थी और जब लुधियाना की आम जनता ने अरबों रुपये के घोटाले का पर्दाफाश किया तो बैकफुट पर आकर तत्कालीन सरकार ने इसकी बोली को खारिज कर दिया। जिससे इस संपत्ति के घोटाले की सच्चाई सामने आ गई। क्या इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट लुधियाना के इस 300 करोड़ रुपये के घोटाले की आवाज उठाना मानहानि है? माननीय रमन बाला सुब्रमण्यम ने अपने घर के बाहर एक सार्वजनिक पार्क पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है और पार्क को जनता के लिए बंद कर दिया गया है और निजी इस्तेमाल के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। क्या ट्रस्ट के अध्यक्ष की इस बदमाशी के खिलाफ बोलना मानहानिकारक है? रमन बाला सुब्रमण्यम ने ट्रस्ट के कार्यालय में आम जनता के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है और आम जनता के सूचना के अधिकार और सूचना के जबरन प्रकटीकरण पर भी रोक लगा दी है। क्या इस बेईमान आदेश के खिलाफ बोलना मानहानि है? भारत के संविधान जो कि बाबा साहिब बी आर अंबेडकर की देन है और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार लोगों की आवाज और प्रेस की स्वतंत्रता को कभी दबाया नहीं जा सकता है और रमन बाला सुब्रमण्यम और कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु लुधियानवियो की इस तेज आवाज को दबाना चाहते हैं जो कभी नहीं होने दिया जायेगा।
एडवोकेट बिक्रम सिंह सिद्धू ने कहा कि वह हमेशा लुधियाना के लोगों की आवाज को बुलंद करते रहेंगे और भ्रष्ट लोगों और भ्रष्टाचार के खिलाफ छेड़ी जा रही इस जंग में पीछे नहीं हटेंगे और वह लुधियाना के लोगों के अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे। अधिवक्ता सिद्धू ने कहा कि उन्होंने मांग की कि नगर सुधार न्यास के अध्यक्ष एवं मंत्री भारत भूषण आशु के कार्यकाल में अब तक न्यास की जो संपत्तियां बिकी हैं, उनकी जांच की जाए और घोटाले में लिप्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

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