HomeHeath

प्राइवेट स्कूलों के विरोध में धरना

प्राइवेट स्कूलों के विरोध में धरना

प्राइवेट स्कूलों के विरोध में धरना, चार घंटे धरने पर बैठे आरटीआइ एक्टिविस्ट राेहित सभ्रवाल लुधियाना : (पी9 ब्यूरो) :  शहर के नामी प्राइवेट स्कू

श्रीकृष्ण-बलराम रथयात्रा का एकमात्र लक्ष्य धर्म प्रचार करना व श्रद्धालुओं को भगवान के नाम से जोड़ना : सतीश गुप्ता
भाजपा के वार्ड नं 79 के इंचार्ज एडवोकेट राकेश भाटिया विकास कार्यो का जायजा लेते हुए
जालंधर में रिहर्सल में नहीं पहुंचे कर्मचारी :

प्राइवेट स्कूलों के विरोध में धरना, चार घंटे धरने पर बैठे आरटीआइ एक्टिविस्ट राेहित सभ्रवाल

लुधियाना : (पी9 ब्यूरो) : 

शहर के नामी प्राइवेट स्कूलाें के खिलाफ आरटीआइ एक्टिविस्ट रोहित सभ्रवाल जालंधर बाईपास स्थित शांतिमय धरने पर बैठे। धरना सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक जारी रहा। शहर के दस प्राइवेट स्कूलों की ओर से कथित ताैर पर करोड़ों रुपये की मुनाफाखोरी करने के विरोध में यह धरना लगाया गया। रोहित सभ्रवाल ने कहा कि उन्होंने 10 निजी स्कूलों के खिलाफ आरटीआइ डाल पिछले पांच सालों की बैलेंस शीट निकलवाई है।

राेहित सभ्रवाल ने आरोप लगाया कि स्कूलों की ओर से इसमें गड़बड़ी व घोटाला किया गया है। कई ऐसे स्कूल भी है जिन्होंने विद्यार्थियों से केवल जुर्माने के तौर पर ही करोड़ों से अधिक रुपये वसूले हैं जोकि गलत है। इनमें अधिकांश शहर के बड़े स्कूलों के नाम है। रोहित सभ्रवाल ने कहा कि चार घंटे तक लगाया गया धरना शांतिमय रहा। इससे पहले भी वह प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ शांतमयी ढंग से धरना लगा चुके हैं। उन्होंने इंफोर्समेंट डायरेक्टर से मामले की जांच करने की बात कही है ताकि अभिभावकों के साथ भविष्य में लूट न हो सके।

नगर निगम के खिलाफ भी धरना दे चुके हैं राेहित

गाैरतलब है कि इससे पहले नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच में फैले भ्रष्टाचार काे लेकर भी धरना दे चुके हैं। बिल्डिंग ब्रांच की कारगुजारी पर पार्षद से लेकर मेयर तक सवाल खड़े कर चुके हैं। आरटीआइ एक्टिविस्ट रोहित सभ्रवाल लंबे समय से बिल्डिंग ब्रांच में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। उन्होंने आरटीआइ के जरिये शहर में हो रहे अवैध निर्माणों का खुलासा भी किया लेकिन निगम की तरफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। रोहित सभ्रवाल का आरोप है कि बिल्डिंग ब्रांच के अफसर ही अवैध निर्माण करवाने के लिए जिम्मेदार हैं। अवैध तरीके से शहर में चैंज ऑफ लैंड यूज किया जा रहा है। बिना नक्शा पास करवाए इमारतों का निर्माण किया जा रहा है जिनसे सीधे तौर पर बिल्डिंग ब्रांच के अफसरों की सेटिंग होती है।

COMMENTS

WORDPRESS: 0
DISQUS: 0