बेटे पर सियासत से विधायक पिता का फूटा गुस्सा : विरोध करने वाले जाखड़, सरकारिया व तृप्त बाजवा ने बेटे-भतीजे को भी चेयरमैन बनवाया है : फतेहजंग बोेले
बेटे पर सियासत से विधायक पिता का फूटा गुस्सा : विरोध करने वाले जाखड़, सरकारिया व तृप्त बाजवा ने बेटे-भतीजे को भी चेयरमैन बनवाया है : फतेहजंग
बोेले- शहादत के नाम पर सियासत हुई, नहीं चाहिए बेटे के लिए ऐसी नौकरी
सीएम से भी पहले ही कह दिया था हमें नौकरी न दें
चंडीगढ़ : (पी9 ब्यूरो) :
पंजाब सरकार द्वारा दो विधायकों के बेटों को अफसर बनाने पर सियासी विवाद के 6 दिन बाद कादियां के विधायक फतेहजंग बाजवा ने कहा कि बेटे अर्जुन ने सरकार का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। पंजाब कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ का नाम लेते हुए बाजवा ने कहा कि हमारे खिलाफ सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखने वाले प्रधान ने अपने भतीजे अजयवीर जाखड़ को पंजाब किसान आयोग का चेयरमैन बनवाया।
कैबिनेट मंत्री सुख सरकारिया ने अपने भतीजे को अमृतसर जिला परिषद का चेयरमैन और तृप्त राजिंदर बाजवा ने अपने बेटे को गुरदासपुर जिला परिषद का चेयरमैन बनवाया। साढ़े चार साल तक जो लोग सत्ता का लाभ लेते रहे, आज उन्हें सीएम के सलाहकार गलत लगने लगे हैं। ये लोग असल में अर्जुन और लुधियाना के विधायक राकेश पांडे के बेटे भीष्म पांडे को नौकरी का नहीं, सीएम अमरिंदर सिंह का विरोध कर रहे हैं। बच्चों के मामले सियासत नहीं होनी चाहिए।
अर्जुन बोला- 1300 को नौकरी मिली पर कोई विरोध नहीं
विधायक के बेटे 27 साल के अर्जुन ने कहा कि इस तरह अभी तक 1300 लोगों को नौकरी मिली है। कभी किसी ने विरोध नहीं किया। मेरे मामले में कहा गया कि 34 साल बाद नौकरी कैसे? क्या शहादत की कोई एक्सपायरी डेट होती है? नौकरी का मतलब यह नहीं था कि अगले ही दिन वर्दी पहन दफ्तर जाना था। इंस्पेक्टर की नौकरी कोई चेयरमैनी नहीं। जान जोखिम में डाल देश सेवा करनी होती है। दो साल ट्रेनिंग करनी थी। अगर दादा की शहादत पर कोई सवाल उठाएगा तो ऐसी सौ नौकरियां छोड़ने को तैयार हूं। यह हमारे परिवार का साझा फैसला है। अर्जुन के बड़े भाई कंवर ने कहा, हीरा हर कोई बनना चाहता है पर कटना कोई नहीं चाहता।
आरोपों पर ये बोले- जाखड़, सरकारिया और बाजवा
जाखड़ – विधायक बाजवा के आरोपों पर सुनील जाखड़ ने कहा कि गलती मानने की बजाय बाजवा दूसरों पर कीचड़ उछाल रहे हैं। बाजवा सार्वजनिक तौर पर माफी मांगें। बतौर चेयरमैन अजयवीर ने सरकार से एक पैसा भी नहीं लिया।
तृप्त बाजवा – मेरे बेटे को जिम्मेदारी तरस के आधार पर नहीं, सदस्यों ने चुनाव के बाद चेयरमैन बनाया है।
सुखबिंदर सुखसरकारिया – मेरे भतीजे ने चुनाव लड़ा। उसके बाद उनको सदस्यों ने चुना। यह चुनाव पांच साल के लिए होता है।
पांडे बोले-अनुकंपा वाली सभी नियुक्तियां रद्द करें
लुधियाना के विधायक राकेश पांडे ने कहा कि अगर भीष्म की नियुक्ति गलत है तो अनुकंपा के आधार पर हुईं सभी नियुक्तियां रद्द की जाएं। हमने कभी किसी से कुछ नहीं मांगा। मेरे पिता शहीद जोगिंदर पांडे को लेकर बयानबाजी से परिवार दुखी है।
मुख्यमंत्री जी! नेताओं के बेटों को नौकरी, बेरोजगारों को लाठी
विधायकों के बेटों को नौकरी और बेरोजगारों को नौकरी की मांग को लेकर पूर्व पार्षद विजय ने बहुरुपिया प्रदर्शन किया। इसमें दिखाया कि सीएम की वेशभूषा में एक शख्स बेरोजगारों पर लाठियां बरसा रहा है और वे नौकरी की मांग कर रहे हैं।
इन पर भी तरस खाइए सरकार
आतंकवाद से पीड़ित उन परिवारों की कहानी जिन्हें 37 साल से है सरकार की मदद की दरकार
तरस के आधार पर नौकरियों के बाद सियासत तेज है। वहीं, आंतकवाद पीड़ित सैकड़ों परिवार करीब 37 साल से नौकरी के इंतजार में हैं। हालांकि, कई परिवारों को नौकरियां मिलीं पर कई का कहना है कि उन्हें भी तरस का इंतजार है।
अमृतसर: 2015 में फाइल बनी पर परिवार में आज तक किसी को नहीं मिली सरकारी नौकरी
सुरेंद्र निवासी वरपाल 3 जून 1984 को दुकान पर सामान लेने गए थे तभी आतंकियों ने गोली मार दी। 1989 में मौत हो गई। पत्नी सुदेश की दो बेटियां और एक बेटा है। बेटा लवलीन उस समय 7 साल का था। लंबे समय बाद पेंशन लगी। 2017 में मां की मौत के बाद पेंशन बंद हो गई। 2015 में फाइल बनी पर नौकरी नहीं मिली।
बरनाला : पति को आतंकियों ने मार दिया, पहले सरकार ने पेंशन दी पर अब 3 साल से है बंद
2 अप्रैल 1992 को शाम 6 बजे बरनाला के गीता भवन के पास फायरिंग में द्रोणाचार्य पांडे की मौत हो गई। द्रोणाचार्य की पत्नी छन्नो देवी ने बताया, तब बेटा 6 महीने और बेटी 2 साल की थी। बेटा 10वीं पास है। पहले पेंशन मिली पर अब 3 साल से बंद है। अफसर बाेले, कागजी कार्रवाई पूरी नहीं है। गांव घनवरिया तहसील बलरामपुर में रह रही हैं। 28 वर्षीय बेटा मजदूरी करता है। किसी तरह गुजर बसर कर रहे हैं।

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