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पंजाब विस चुनाव 2022 की तैयारी तेज : सुनील कानूगोलू शिअद के रणनीतिकार

पंजाब विस चुनाव 2022 की तैयारी तेज : सुनील कानूगोलू शिअद के रणनीतिकार

पंजाब विस चुनाव 2022 की तैयारी तेज : सुनील कानूगोलू शिअद के रणनीतिकार, संभावनाएं तलाशने को उतारी टीम, चंडीगढ़ से लेकर विस हलकों तक हलचल चंडीगढ़ :

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पंजाब विस चुनाव 2022 की तैयारी तेज : सुनील कानूगोलू शिअद के रणनीतिकार, संभावनाएं तलाशने को उतारी टीम, चंडीगढ़ से लेकर विस हलकों तक हलचल

चंडीगढ़ : (पी9 ब्यूरो) :

जैसे-जैसे समय बीत रहा है, पंजाब के सभी राजनीतिक दलों ने विधानसभा चुनाव 2022 की तैयारियां तेज कर दी हैं। शिरोमणि अकाली ने बहुजन समाज पार्टी से गठबंधन के बाद अब फैसला किया है कि चुनाव लड़ने की योजना चुनावी रणनीतिकार बनाएगा और उसी के अनुसार विधानसभा चुनाच लड़ा जाएगा। इसके लिए अकाली दल ने चुनावी रणनीतिकार सुनील कोनोगोलू को हायर किया है। सुनील की टीम चंडीगढ़ पहुंच चुकी है। शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल जल्द उनके साथ मीटिंग करेंगे। इसके बाद उनकी प्लानिंग के अनुसार चुनाव लड़ने की औपचारिक घोषणा कर सकते हैं। पिछले चुनाव में शिअद को कम सीटें मिली थी इसलिए उसने पहले बसपा से गठबंधन किया अब रणनीतिकार को हायर कर प्रत्याशियों के लिए प्लानिंग करनी शुरू कर दी है।

मतदाताओं का मन टटोल रही सर्वे टीम, जुटा रही आंकड़े

सूबे में कांग्रेस अंतर्कलह में उलझी है, वहीं शिअद ने 50 के करीब युवाओं की टीम हरेक विधानसभा क्षेत्र में उतार दी है। टीम लोगों की नब्ज टटोल रही है। पहले विधानसभा क्षेत्र के जातिगत आंकड़े एकत्रित किए जा रहे हैं। उसके बाद लोगों से राय ली जा रही है कि आपके विधानसभा क्षेत्र में किस जाति का प्रभाव ज्यादा है। अगर शिअद उक्त उम्मीदवार को मैदान में उतारती है तो क्या स्थिति रहेगी। जिताने में धन-बल कितना सहायक हो सकता है या फिर कौन सी पार्टी का उम्मीदवार चुनाव जीतेगा। उसकी फाइनेंशिअल स्थिति क्या है। विरोधी पार्टी के क्या उक्त उम्मीदवार की बिरादरी उसका समर्थन करेगी या फिर ऐसा कौन सा चेहरा है जिसे मैदान में उतारकर शिअद मैदान फतेह कर सकता है।

जानिए…कौन हैं सुनील कोनोगोलू

सुनील कर्नाटक के मूल निवासी हैं लेकिन उनका पालन-पोषण चेन्नई में हुआ। भले ही सुनील ने आज तक खुद को लो प्रोफाइल रखा है, लेकिन उन्हें राजनीतिक हलकों में बहुत माना जाता है। आरंभ में सुनील और प्रशांत किशोर दोनों ने भाजपा के लिए नरेंद्र मोदी के साथ काम किया। सुनील ने एसोसिएशन ऑफ बिलियन माइंड्स (एबीएम) के तहत पार्टी के लिए काम किया। उनकी विशेषज्ञता ने भाजपा की उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक चुनाव अभियानों में चुनावी सफलता हासिल करने में मदद की। बाद में, उन्होंने 2016 में डीएमके विधानसभा चुनाव अभियान को चलाया और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन के लिए “नमाक्कू नाम” (हम अपने लिए) अभियान चलाकर उन्हें जीत दिलाई और वे मुख्यमंत्री बन सके थे।

प्रशांत किशोर भी भाजपा और आप को दिला चुके हैं जीत

सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस के लिए पहले ही चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को अपने राजनीतिक सलाहकार के रूप में नियुक्त कर चुके हैं। प्रशांत ने अब तक भाजपा और आम आदमी पार्टी के लिए चुनावी रणनीति बनाकर उन्हें जीत दिलाई है। यह भी बताया जाता है कि एक समय प्रशांत किशोर और सुनील कोनोगोलू एक साथ काम कर चुके हैं, इसलिए अकाली-बसपा ने सुनील कोनोगालू को अपने साथ ले लिया है, ताकि चुनाव की योजना में किसी प्रकार की कोई कमी न रहे।

दलित को सीएम, डिप्टी सीएम तक ऑफर

शिअद का दलित वोट बैंक को देखते हुए दलित उम्मीदवारों पर फोकस रहेगा वहीं इन दोनों दलों को देखते हुए कांग्रेस और भाजपा भी दलित प्रत्याशियों कर तलाश में हैं। जहां शिअद दलित को डिप्टी सीएम बनाने की घोषणा कर चुका है, वहीं भाजपा दलित को सीएम बनाने की घोषणा कर चुकी है। इसलिए 2022 के विधानसभा चुनाव में सभी पार्टियां दलित कार्ड जरूर खेलेगी, इसके लिए विशेष रणनीति बनाए जा रही है।

अलग-अलग पार्टियों ने शुरू किया सर्वे…

आगामी चुनाव की तैयारियों को लेकर आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और शिरोमणि अकाली और भाजपा ने सर्वे शुरू कर दिया है। शिअद तो 117 सीटों पर सर्वे कर चुका है। उधर, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पंजाब पदाधिकारियों की मीटिंग के बाद सर्वे शुरू करने की बात कही और 30 दिनों में रिपोर्ट देने की बात कही थी इसके बाद से भाजपा इस काम में जुटी है।

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