HomeHeath

जल है तो कल है पानी की एक एक बूंद कीमती : विशाल मदान

जल है तो कल है पानी की एक एक बूंद कीमती : विशाल मदान

जल है तो कल है पानी की एक एक बूंद कीमती : विशाल मदान  फालतू पानी बर्बाद करने वालो पर हो सख्त कार्रवाई  लुधियाना : (पी9 ब्यूरो) :    शिवस

शिअद की ‘पंजाब दी गल’ : फोकस हिंदू और व्यापारियों पर……
दिल्ली से एक्सपर्ट, लुधियाना में हवाला डीलर काबू, 4 महीने में 50 करोड़ ठगे
गुरु ज्ञान की वह गंगा है जो हमें अंधकार से प्रकाश की और ले जाता है : अमन जैन

जल है तो कल है पानी की एक एक बूंद कीमती : विशाल मदान 

फालतू पानी बर्बाद करने वालो पर हो सख्त कार्रवाई 

लुधियाना : (पी9 ब्यूरो) :   

शिवसेना शिरोमणि के राष्ट्रीय अध्यक्ष विशाल मदान ने जल की हो रही कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जल ही जीवन है ये सब हम सुनते आ रहे हैं, कहते आ रहे, लेकिन मानता कौन है ? पानी की एक -एक बूंद को बचाना आज की जरूरत है अगर हमने आज हम सब ने पानी की बचत नहीं की तो इसकी एक-एक बूंद के लिए हमारे आने वाली पीढ़ी को तरसना पड़ेगा। निरंतर पानी का जलस्तर घटता जा रहा है। जो एक चिंता का विषय है।  

पानी की बर्बादी पर रोक लगनी चाहिए  : 

विशाल मदान ने कहा हमें पानी की बर्बादी पर रोक लगाना होगा। जल ही हमारे लिए आज की जरूरत है और इसके लिए सबसे पहले इसकी बर्बादी पर रोक लगाना होगा कहीं बिना कारण सफाई के लिए पानी का इस्तेमाल अधिक होता है। निगम द्वारा गलियों में पानी फेंकने पर जुर्माने का प्रावधान भी रखा है पर कुछ लोग इस परवाह किये बिना गलियों में ऐसे ही पानी फेंकते रहते है यदि आने वाली पीढ़ी को जल सकंट से बचाना है तो हम सब को इस और ध्यान देना होगा और ऐसा करने वालो पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।   सबसे पहले यदि हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझने बिना वजह काम नल ना चला कर रखे, कपड़े धोने , नहाने में पानी का कम इस्तेमाल करें, तो पानी की बचत काफी हद तक कम कर सकते हैं जहां हम अपनी जरूरत के लिए कई गुना पानी बर्बाद कर देते हैं वही आसमान पर तपती गर्मी में उड़ते पक्षी प्यास के कारण अपने दम तोड़ देते हैं। पानी जीवन का आधार है अगर हमें इसे बचाना है तो इसका संरक्षण (बचत) करना पड़ेगा। पानी की उपलब्धता घट रही है, और महामारी बढ़ रही है।  इसलिए जल के इस संकट का समाधान आज की जरूरत है, और इसकी बचत करना प्रत्येक मनुष्य का दायित्व बनता है, यही हमारी राष्ट्रीय जिम्मेदारी बनती है। ऐसे में पानी के स्रोतों को सुरक्षित रख कर पानी के संकट से मुकाबला हम कर सकते हैं। इसके लिए हमें अपनी भोगवादी प्रवृतियों पर अंकुश लगाना पड़ेगा और पानी के उपयोग के लिए मितव्ययी बनना पड़ेगा पानी की इस कुप्रबंधन को दूर करके हमें इस समस्या से निपटना होगा।

COMMENTS

WORDPRESS: 0
DISQUS: 1