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लुधियाना डीसी दफ्तर, एसडीएम दफ्तर, तहसील व सब रजिस्ट्रार दफ्तरों में हड़ताल

लुधियाना डीसी दफ्तर, एसडीएम दफ्तर, तहसील व सब रजिस्ट्रार दफ्तरों में हड़ताल

लुधियाना डीसी दफ्तर, एसडीएम दफ्तर, तहसील व सब रजिस्ट्रार दफ्तरों में हड़ताल लुधियाना : (पी9 ब्यूरो) :    डिप्टी कमिश्नर दफ्तर, एसडीएम दफ्तर, तह

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लुधियाना डीसी दफ्तर, एसडीएम दफ्तर, तहसील व सब रजिस्ट्रार दफ्तरों में हड़ताल

लुधियाना : (पी9 ब्यूरो) :   

डिप्टी कमिश्नर दफ्तर, एसडीएम दफ्तर, तहसील व सब रजिस्ट्रार दफ्तरों के कर्मचारी चार दिन से हड़ताल पर हैं। डीसी दफ्तर इंप्लायज यूनियन के समर्थन में प्रदेश भर के पटवार कानूनगो यूनियन व रेवेन्यू अफसर एसोसिएशन भी आ गई। कर्मचारियों के साथ तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो व पटवारियों ने भी कामकाज ठप कर दिया। हड़ताल के कारण वीरवार को डीसी दफ्तर, एसडीएम दफ्तर, तसहील दफ्तरों व सब रजिसट्रार दफ्तरों में काम नहीं हुआ। यही नहीं कर्मचारियों व अधिकारियों की हड़ताल से सेवा केंद्रों में भी लोगों को दस्तावेजों की डिलीवरी नहीं हो सकी। वहीं वीरवार को तीनों सब रजिस्ट्रार दफ्तरों में भी रजिस्ट्रियां नहीं हो पाई।
डीसी दफ्तर इंप्लायज यूनियन सोमवार से हड़ताल पर है। यूनियन ने पहले दो दिन की हड़ताल का ऐलान किया लेकिन राज्य सरकार ने यूनियन की हड़ताल को हल्के में लिया और उसके बाद यूनियन ने एक दिन के लिए हड़ताल और बढ़ाई। सरकार के रवैये को देखते हुए यूनियन ने वीरवार से अनिश्चित काल के लिए हड़ताल का ऐलान कर दिया। वहीं यूनियन को तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों, कानूनगो व पटवारियों ने भी अपना समर्थन दे दिया। यूनियन ने साफ कर दिया कि अब अब जब तक सरकार ने यूनियन की लंबित मांगों को पूरा नहीं किया तब तक हड़ताल वापस नहीं होगी। यूनियन के जिला प्रधान विकास कुमार जुनेजा ने बताया कि सभी कर्मचारी सामूहिक छुट्टी लेकर हड़ताल पर हैं। उन्होंने बताया कि कोविड ड्यूटी के अलावा कोई भी काम नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्टेट कार्यकारिणी की तरफ से जैसे जैसे एक्शन प्लान आएगा उसके हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पदोन्नति व खाली पद भरने के बजाए नया जिला बनाने पर तुली है सरकार

कर्मचारी यूनियनों का कहना है कि डिप्टी कमिश्नर कार्यालयों, तहसील, एसडीएम व अन्य कार्यालयों में आधी से ज्यादा पोस्ट खाली हैं। कई देर से कर्मचारी पद्दोनत्ति व खाली पदों को भरने की मांग की जा रही है। सरकार इन मांगों को पूरा करने के बजाया अब मलेर कोटला को नया जिला बना रही है। यूनियन का तर्क है कि मलेर कोटला में अभी तक एसडीएम कार्यालय तक नहीं बना है। एसडीएम कार्यालय भी मंडी बोर्ड की टूटी इमारत में चल रहा है। वहां पर डीसी दफ्तर तैयार कैसे होगा। यूनियन ने साफ कर दिया कि अगर कर्मचारियों की मांगों को अनदेखा किया गया तो मलेर कोटला जिले के गठन का विरोध किया जाएगा।

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