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कोहाड़ा-साहनेवाल पर पेट्रोल पंप पर फायरिंग कर लूटने का मामला :

लुधियाना में एक दिन रुक की एसीपी वडेरा की पत्नी के पंप की रेकी फिर वारदात को अन्जाम

कोहाड़ा-साहनेवाल पर पेट्रोल पंप पर फायरिंग कर लूटने का मामला :

कोहाड़ा-साहनेवाल पर पेट्रोल पंप पर फायरिंग कर लूटने का मामला : अमृतसर पुलिस के हत्थे चढ़े इंटर स्टेट गिरोह के छह आरोपी छह फरार  लुधियाना में ए

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कोहाड़ा-साहनेवाल पर पेट्रोल पंप पर फायरिंग कर लूटने का मामला : अमृतसर पुलिस के हत्थे चढ़े इंटर स्टेट गिरोह के छह आरोपी छह फरार 

लुधियाना में एक दिन रुक की एसीपी वडेरा की पत्नी के पंप की रेकी फिर वारदात को अन्जाम  

लुधियाना : (हरपाल सिंह चीना) :

कोहाड़ा-साहनेवाल रोड पर एसीपी संदीप वडेरा की पत्नी के नाम पंप को लूटने वाले लुटेरों के गिरोह के 6 सदस्यों को अमृतसर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बाकी आधा दर्जन लुटेरे फरार हैं। पकड़े गए लुटेरे में से दो लुधियाना लूट में शामिल थे। उनके कब्जे से दो पिस्तौल, तीन दातर, दो बाइक बरामद हुए हैं। फिलहाल लुधियाना पुलिस आरोपियों को प्रोडक्शन वॉरंट पर लाने की तैयारी कर रही है। पकड़े गए लुटेरों की पहचान विशाल कुमार उर्फ भईया, अक्षय, जोबनप्रीत, रणजोध सिंह उर्फ जोधां, जसपिंदर सिंह उर्फ बाबा, जसकरण सिंह उर्फ जस के रूप में हुई। जबकि सूरज, मणी सिंह उर्फ मोटा, लविश मल्ली, संदीप, करण और हरप्रीत उर्फ वाहेगुरु फरार हैं।

एटीएम लूटने के लिए थी पैसों की जरूरत

जांच में पुलिस को पता चला कि वारदात से पहले वो इलाके में पंप की पूरा दिन रेकी करने के बाद अगले दिन पंप पर लूट कर लेते थे। 8 अप्रैल को उन्होंने अमृतसर में पंप लूटा था। इसमें कुछ पैसे नहीं बने। पुलिस से बचने के लिए सभी आरोपी अलग हो गए। उन्होंने फोन पर योजना बनाई कि हरियाणा में बैंक लूटना है। इसके बाद वो बाइक पर ही निकल गए।

जांच के बाद एक-एक कर पकड़े सभी आरोपी

सूत्रों के मुताबिक लुधियाना-चंडीगढ़ हाईवे पर आरोपी सूरज, अक्षय और विशाल भईया तीनों एक दिन के लिए रुके, क्योंकि पैसों की जरूरत थी। लिहाजा पंप की रेकी करने के बाद उसे लूट लिया। मगर वहां से सिर्फ 40 हजार ही मिलने की वजह से वो वापस अमृतसर के लिए निकल गए। सभी ने 12 अप्रैल को बाबा टाहली साईं के नजदीक इकट्ठा होने का प्लान किया था, लेकिन भनक पुलिस को लगी तो उनमें से चार आरोपी विशाल कुमार उर्फ भईया, अक्षय, जोबनप्रीत और रणजोध सिंह उर्फ जोधा पकड़े गए। उन्होंने पूछताछ में उन्होंने जसपिंदर सिंह उर्फ बाबा और जसकरण सिंह उर्फ जस को भी धर लिया।

पहली फायरिंग लुधियाना में हुई

आरोपियों ने हरियाणा और चंडीगढ़ के दो बैंकों में डकैती का प्लान बनाया था। जिसके लिए गिरोह ने फोन पर ही मीटिंग की। लेकिन उसके लिए हथियारों की जरूरत थी। जिसके चलते 20-20 हजार में यूपी से एक ट्रक ड्राइवरी मदद से देसी कट्टे मंगवाए गए थे। इनका इस्तेमाल डकैती में होना था, लेकिन आरोपियों ने तैश में आकर उक्त असले से पहली गोली लुधियाना में ही चला दी।

लूटे हुए वाहनों पर 10 माह में की हत्या समेत 29 वारदातें

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दोनों बाइक पिस्तौल दिखाकर लूटे हुए हैं। इसके अलावा एक कार भी उन्होंने लूटी थी। इन आरोपियों में से तीन के खिलाफ अमृतसर के 88 फुटा रोड पर महिला की हत्या की का पर्चा है। गिरोह के 11 मेंबर जमानत पर जेल से बाहर आए हैं। उन्होंने पिछले 10 महीने में 29 वारदातें कर डाली हैं। फिलहाल बाकी के आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कई और खुलासे होंगे।

ये इंटर स्टेट गैंग है, जोकि पेशेवर अपराधी हैं। इन्होंने लुधियाना में भी रेकी के बाद वारदात की। अभी पूछताछ की जा रही है। कई और खुलासे होने की आशंका है। -मुखविंदर सिंह भुल्लर, डीसीपी अमृतसर

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