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पंजाब में कोरोना के चलते बड़ाई सख्ती : राजनीतिक रैलियों पर रोक

अंतिम संस्कार औैर विवाह के कार्यक्रम में इनडोर 50 औैर आउटडोर 100 लोगों को होगी इजाजत

पंजाब में कोरोना के चलते बड़ाई सख्ती : राजनीतिक रैलियों पर रोक

पंजाब में कोरोना के चलते बड़ाई सख्ती : राजनीतिक रैलियों पर रोक, नियम तोड़े तो गिरफ्तारी, पूरे सूबे में 30 तक नाइट कर्फ्यू अंतिम संस्कार औैर वि

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पंजाब में कोरोना के चलते बड़ाई सख्ती : राजनीतिक रैलियों पर रोक, नियम तोड़े तो गिरफ्तारी, पूरे सूबे में 30 तक नाइट कर्फ्यू

अंतिम संस्कार औैर विवाह के कार्यक्रम में इनडोर 50 औैर आउटडोर 100 लोगों को होगी इजाजत

सरकारी दफ्तरों में मास्क जरूरी, रोज 2 लाख टीके लगाने का लक्ष्य

लुधियाना : (पी9 ब्यूरो) :

पंजाब में कोविड से हो रही मौतों की संख्या बढ़ने के बाद अब पूरे सूबे में रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है। पहले यह नाइट कर्फ़्यू 12 जिलों में ही था। सरकार ने सख्ती दिखाते हुए सूबे में आयोजित हो रहे राजनीतिक जलसों पर पूरी पाबंदी लगा दी है। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बुधवार को कोविड रिव्यू बैठक में कहा, आदेश 30 अप्रैल तक लागू रहेंगे। नियम तोड़ने वालों पर डीएमए व महामारी एक्ट के तहत मुकद्दमें दर्ज होंगे; जिसके तहत गिरफ्तारी भी संभव है। अंतिम संस्कार, विवाह कार्यक्रमों में इनडोर में 50 व आउटडोर कार्यक्रम में 100 लोग ही शामिल हो सकेंगे।

मेडिकल व नर्सिंग कालेज छोड़कर स्कूल व शिक्षण संस्थान 30 अप्रैल तक बंद रहेंगे। माॅल में एक समय में दुकान में 10 लोग ही जा पाएंगे। सीएम ने प्राइवेट अस्पतालों में कोविड से हुई मौतों का अाॅडिट करने व रोजाना 2 लाख लोगों को टीका लगाने के आदेश दिए। उधर सूबे में कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर केंद्र की ओर से भेजी हेल्थ टीमें 8 जिलों में पहुंच गईं। सूबे में 24 घंटे में 58 नई मौतें हुईं जबकि 2987 नए केस मिले। मृतक आंकड़ा 7300 जबकि कुल संक्रमित 258210 हो गए है

कहां-कैसी होगी सख्ती…

राजनीतिक जलसा करने वालों, हिस्सा लेने वालों और नेताओं, टैंट हाउस मालिकों, जगह देने वालों पर केस दर्ज होगा। वहीं मुहैया किये गए स्थान को तीन महीनों के लिए सील किया जाएगा। 30 अप्रैल तक किसी भी तरह के सामाजिक, सांस्कृतिक या खेल आयोजन नहीं होंगे। सभी सरकारी दफ्तरों में शिकायतों के निपटारे के लिए ऑनलाइन और वर्चुअल तरीके अपनाने होंगे। सिर्फ़ जरूरी सेवाओं के लिए ही सरकारी दफ्तर जा सकेंगे। रजिस्ट्रियों के रोजमर्रा के कार्यों के लिए मुलाकात का समय सीमित होगा। 

क्या है…धारा 188

महामारी एक्ट की धारा 188 को तोड़ने पर एक महीने की सजा और 200 रुपये जुमार्ना या दोनों हो सकती है, लेकिन इस धारा के तहत अगर किसी की जान को खतरा बन जाए तो इसमें 6 महीने की सजा और एक हजार रुपए का जुर्माना हो सकता है. हालांकि इस धारा में दोनों आफेंस में जमानत मिल सकती है।

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