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स्कूल माफिया आये बाज़ सरकार दे इस ओर ध्यान

वीरवार को 7 अध्यापकों और 4 स्टूडेंट्स की रिपोर्ट आई पॉजिटिव

स्कूल माफिया आये बाज़ सरकार दे इस ओर ध्यान

स्कूल माफिया आये बाज़ सरकार दे इस ओर ध्यान, शिक्षण संस्थानों में कोरोना केसेस में लगातार हो रहा इजाफा : विशाल मैदान  वीरवार को 7 अध्यापकों और 4 स्

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स्कूल माफिया आये बाज़ सरकार दे इस ओर ध्यान, शिक्षण संस्थानों में कोरोना केसेस में लगातार हो रहा इजाफा : विशाल मैदान 

वीरवार को 7 अध्यापकों और 4 स्टूडेंट्स की रिपोर्ट आई पॉजिटिव, पेरेंट्स ओर बच्चो में दहशत का माहौल 

लुधियाना : (पी9 ब्यूरो) :

शिवसेना शिरोमणि राष्ट्री प्रधान विशाल मदान ने सरकार पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि बच्चो के स्कूलों व शिक्षण संस्थानों में कोरोना के केसेस में लगातार इजाफा हो रहा है। वीरवार को भी लुधियाना में 7 अध्यापकों और 4 स्टूडेंट्स की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। गवर्नमेंट प्राइमरी व सीनियर सेकेंडरी स्कूल जवाहर नगर में 4 अध्यापकों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। प्राइमरी स्कूल की हेड टीचर की रिपोर्ट भी पॉजिटिव पाई गई है। जिन्होंने 10-15 दिन पहले ही तबीयत बिगड़ने पर खुद को क्वारेंटाइन कर लिया था। उधर अध्यापकों को उनके पॉजिटिव होने की सूचना मैसेज पर न मिलने के कारण अध्यापक क्लास में पढ़ाते भी रहे। ऐसे में पॉजिटिव होने पर स्टूडेंट्स के लिए भी खतरा बढ़ गया है। 
स्कूल माफिया कोविड-19 महामारी के दौरान स्कूल बंद रहने के कारण स्कूलों द्वारा पेरेंट्स पर बच्चों को स्कूल भेज कर ऑफलाइन एग्जाम में अपीयर होने का दबाव बनाया जा रहा है। वहीं, फीस वसूलने के लिए कई स्कूलों द्वारा स्टूडेंट्स पर इमोशनल अत्याचार किया जा रहा है। जिसे किसी कीमत पर   बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। जो स्कूल अध्यापकों द्वारा स्टूडेंट्स को ये तक कहा जा रहा है कि क्या आपके पापा आपको प्यार नहीं करते जो वो आपकी फीस नहीं दे रहे। खुद तो वो महंगे फोन ले रहे हैं। लेकिन आपकी फीस नहीं दे सकते। वहीं, दसवीं व बारहवीं बोर्ड क्लास वाले स्टूडेंट्स को कहा जा रहा है कि आपको बोर्ड एग्जाम में नहीं बैठने दिया जाएगा। यही नहीं कई स्कूलों द्वारा फीस किस के तहत यानि फीस ट्यूशन फीस है या एनुअल फीस ये तक नहीं बताया जा रहा है। पेरेंट्स को 4 क्वाॅर्टर में फीस बांट कर 50 हजार तक जमा करने के लिए कहा गया है।
पेरेंट्स ने बच्चों को स्कूल भेजा ही नहीं फिर भी उनसे ट्रांसपोर्टेशन फीस ली जारही है -कई स्कूलों द्वारा पेेरेंट्स को झूठ कहा जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा 100 फीसदी फीस लेने के आर्डर कर दिए हैं। ऐसे में स्कूलों द्वारा डेवल्पमेंट फंड, ट्रांसपोर्टेशन फीस, एनुअल चार्जेस और ट्यूशन फीस भी ली जा रही है। पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में पेरेंट्स की ओर से फीस के मुद्दे पर केस दायर करने वाले एडवोकेट चरनपाल सिंह बागरी ने बताया कि हमने पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट में केस लगाया था कि कुछ स्कूलों द्वारा वाॅट्सएप पर ही सिर्फ पढ़ाई की गई बावजूद इसके पूरी फीस ली जा रही है। ऐसे में कोर्ट ने 1 अक्टूबर, 2020 को आदेश दिया कि स्कूलों द्वारा ट्यूशन फीस ली जा सकती है वो भी उस सूरत में अगर स्कूलों द्वारा लॉकडाउन के दौरान आनलाइन क्लासेस ली गई हैं। साथ ही ये भी कहा कि स्कूलों में लॉकडाउन से पहले से कार्यरत सभी टीचर्स और स्टाफ को पहले की ही तरह तनख्वाह दी जाए। साथ ही लॉकडाउन के दौरान की ट्रांसपोर्टेशन फीस नहीं ली जा सकती क्योंकि उस समय स्कूल नहीं चले। स्कूलों को अक्टूबर से 7 महीने तक की सीए से वेरीफाई की हुई बैलेंस शीट्स भी कोर्ट में जमा करवाने के लिए कहा। इस सब के बावजूद स्कूल माफिया सरकार पर भारी है ओर अपनी मनमानियां कर रही है। बच्चो में बढ़ रहे कोरोना केसो के खतरे को देखते हुए सरकार को तुरंत इस ओर ध्यान देना चाहिए। सरकार विवाह समारोहों में तो 100 से अधिक एकतित्र होने से मना कर रही है पर स्कूल माफिया के दबाब तले स्कूलों में इकठ को नहीं मानती। सरकार को इस ओर तुरंत ध्यान देना होगा। शिवसेना शिरोमणि का शिष्ट मंडल जल्द डी सी को मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र सौंपेगा। इस मोके पर उन के साथ सरवन सिंह, रवि सिंह, वीनू पंडित, विशाल ग्रोवर, दीपक कुमार आदि सेकड़ो शिवसैनिक मौजूद थे। 

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