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कृषि बिल को सही साबित करने पर केंद्र ने 7.95 करोड़ खर्च किये

यह खर्च पिछले पांच महीनों में किया गया जो जनवरी तक चला था

कृषि बिल को सही साबित करने पर केंद्र ने 7.95 करोड़ खर्च किये

कृषि बिल को सही साबित करने पर केंद्र ने 7.95 करोड़ खर्च किये : सरकार ने अखबारों, सोशल मीडिया पर चलाया कैंपेन, कहा कानून सही हैं यह खर्च पिछले पांच

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कृषि बिल को सही साबित करने पर केंद्र ने 7.95 करोड़ खर्च किये : सरकार ने अखबारों, सोशल मीडिया पर चलाया कैंपेन, कहा कानून सही हैं

यह खर्च पिछले पांच महीनों में किया गया जो जनवरी तक चला था

1.50 लाख रुपए प्रिंट विज्ञापन के क्रिएटिव पर खर्च किए गए

मुंबई : (पी9 ब्यूरो) :

कृषि बिल पर किसानों के साथ सरकार अभी तक सहमति नहीं बना पाई है। किसान लगातार इस बिल का विरोध कर रहे हैं

सरकार ने कृषि पर लाए गए तीनों बिलों को सही बताने पर 7.95 करोड़ रुपए का खर्च जनवरी तक किया है। यह खर्च पिछले 5 महीनों में किया गया है। यह जानकारी कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने संसद में दी।

सूचना प्रसारण मंत्रालय ने 7.25 करोड़ खर्च किया

कृषि मंत्री ने कहा कि 7.95 करोड़ रुपए में से सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 7.25 करोड़ रुपए खर्च किए। उसने सितंबर 2020 से जनवरी 2021 के बीच एग्री एवं फार्मर्स वेलफेयर पर यह पैसा खर्च किया। तोमर ने राज्यसभा में बताया कि प्रिंट यानी अखबारों पर विज्ञापन के रूप में भी खर्च किया गया। उन्होंने बताया कि ब्यूरो ऑफ आउटरीच एंड कम्युनिकेशन के जरिए हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय अखबारों पर कृषि कानून के बारे में स्पष्टीकरण दिया गया।

जागरुकता फैलाने के लिए स्पष्टीकरण

यह स्पष्टीकरण लोगों में जागरुकता फैलाने के लिए दिया गया। नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि 67.99 लाख रुपए तीन प्रमोशनल और दो एजुकेशनल फिल्म पर खर्च किया गया। यह पैसा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया और वेबिनार्स पर खर्च किए गए। तोमर ने बताया कि इसके अलावा 1.50 लाख रुपए प्रिंट विज्ञापन के क्रिएटिव पर खर्च किए गए। सरकार के संबंधित विभागों ने भी जागरुकता के लिए सोशल मीडिया पर पैसे खर्च किए। उन्होंने कहा कि सरकार किसान यूनियनों के साथ बात की और इसमें 11 राउंड बात की गई।

ढाई महीने से चल रहा है आंदोलन

बता दें कि कृषि कानून पर तीन बिलों को लेकर पिछले करीबन ढाई महीने से किसानों का आंदोलन चल रहा है। अभी भी यह किसान आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं। इन कानूनों को कांग्रेस सहित करीबन सभी विपक्षी दल किसानों के विरोध में बता रहे हैं। सरकार इन्हीं सब जवाबों को देने पर पैसे खर्च कर रही है।
हालांकि अभी तक इसका हल नहीं निकल पाया है। किसान आंदोलन में अब तक 200 लोग मारे जा चुके हैं। कई सारी एफआईआर दर्ज हुई है। कई लोग गिरफ्तार भी हुए हैं। किसान आंदोलन में सबसे ज्यादा पंजाब और हरियाणा के किसान शामिल हैं।

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