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बजट सेशन से पहले संसद की कैंटीन में सब्सिडी खत्म

बजट सेशन से पहले संसद की कैंटीन में सब्सिडी खत्म

अब संसद की थाली भी महंगी : बजट सेशन से पहले संसद की कैंटीन में सब्सिडी खत्म, हर साल 17 करोड़ रुपए की बचत होगी नई दिल्ली : (पी9 ब्यूरो) : दे

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अब संसद की थाली भी महंगी : बजट सेशन से पहले संसद की कैंटीन में सब्सिडी खत्म, हर साल 17 करोड़ रुपए की बचत होगी

नई दिल्ली : (पी9 ब्यूरो) :

देश में सबसे सस्ते खाने के लिए मशहूर संसद की कैंटीन की थाली महंगी होने वाली है। सरकार ने इसे मिलने वाली फूड सब्सिडी को खत्म कर दिया है। इस कैंटीन में मिलने वाले खाने की कीमत काफी कम होने की वजह से अक्सर सवाल उठाए जाते रहे हैं। सरकार के इस फैसले के बाद अब संसद के सदस्यों, स्टाफ और बाहरी लोगों को सामान्य रेट पर खाना मिलेगा।
लोक सभा स्पीकर ओम बिड़ला ने मंगलवार को इस फैसले के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि संसद की कैंटीन में सब्सिडी पूरी तरह हटा दी गई है। इससे हर साल 17 करोड़ रुपए की बचत होगी। 2019 में विंटर सेशन के दौरान ओम बिड़ला ने ही यह सुझाव दिया था। इसके बाद सभी सांसदों ने तय किया था कि वे कैंटीन में किसी भी तरह की सब्सिडी का फायदा नहीं लेंगे।

कैंटीन में 4 रुपए में मिलता है चावल

संसद की कैंटीन में अभी 4 रुपए में चावल मिलता है। डोसा, चावल के साथ नॉनवेज पर मिलने वाली छूट 20 रुपए से लेकर 200 रुपए तक है। 2017-18 में राइट टू इनफॉर्मेशन के जरिए पता चला था कि कैंटीन में कितनी सब्सिडी दी जा रही है। तब चिकन करी 50 रुपए और वेज थाली 35 रुपए में दी जा रही थी। लंच के लिए 106 रुपए तय थे। साउथ इंडियन फूड में प्लेन डोसा सिर्फ 12 रुपए में मिलता था।
संसद कैंटीन में खाने पर भारी-भरकम सब्सिडी को लेकर दिसंबर 2015 में मीडिया में आई रिपोर्टों के बाद एक जनवरी 2016 को भी कैंटीन के खाने की कीमतें बढाई गई थी। सांसदों के साथ-साथ वहां का स्टाफ, सुरक्षाकर्मी, पत्रकार और संसद की कार्यवाही देखने के लिए आने वाले लोग अमूमन संसद कैंटीन में ही खाना खाते हैं।

2015 में BJD सांसद ने मांग उठाई थी

2015 में रिपोर्ट्स में सामने आया था कि कैंटीन में खाने की लागत पर 80% तक सब्सिडी दी जाती है। उस समय बीजू जनता दल के सांसद बिजयंत जय पांडा ने स्पीकर को चिट्‌ठी लिखकर सब्सिडी खत्म करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि जब सरकार आर्थिक रूप से मजबूत लोगों से LPG सब्सिडी वापस करने के लिए कह रही है तो सांसदों से भी कैंटीन में सब्सिडी की सुविधा वापस ले लेनी चाहिए।

8 अप्रैल तक चलेगा बजट सेशन

स्पीकर ने लोकसभा और राज्यसभा के शेड्यूल के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बजट सेशन 29 जनवरी से 8 अप्रैल तक चलेगा। राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगी। लोक सभा शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक चलेगी।
29 जनवरी को राष्ट्रपति दोनों सदनों को संबोधित करेंगे। 1 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा। 29 जनवरी से 15 फरवरी और 8 मार्च से 8 अप्रैल के बीच सदन की बैठकें होंगी। 15 फरवरी से 8 मार्च के बीच 20 दिन का ब्रेक रहेगा। सितंबर में खत्म हुए मानसून सेशन के बाद पहली बार संसद का कोई सेशन हो रहा है। कोरोना के चलते सरकार ने विंटर सेशन को कैंसल कर दिया था।
स्पीकर ने साफ किया कि सभी सांसदों को सेशन में शामिल होने से पहले RT-PCR टेस्ट कराना होगा। यह सभी के लिए मेंडेटरी होगा।

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