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किरण माहेश्वरी पार्षद से सफर शुरू कर मंत्री तक पहुंचीं

किरण माहेश्वरी के निधन पर भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं ने संवेदना व्यक्त की है

किरण माहेश्वरी पार्षद से सफर शुरू कर मंत्री तक पहुंचीं

एम पी में जन्मभूमि, राजस्थान बनी कर्मभूमि : किरण माहेश्वरी पार्षद से सफर शुरू कर मंत्री तक पहुंचीं और भाजपा के लिए बड़ा चेहरा बनी  किरण माहेश्वरी

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एम पी में जन्मभूमि, राजस्थान बनी कर्मभूमि : किरण माहेश्वरी पार्षद से सफर शुरू कर मंत्री तक पहुंचीं और भाजपा के लिए बड़ा चेहरा बनी 

किरण माहेश्वरी के निधन पर भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं ने संवेदना व्यक्त की है

उदयपुर : (पी9 ब्यूरो) :

राजस्थान के राजसमंद से विधायक किरण माहेश्वरी का कोरोना संक्रमण से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। किरण माहेश्वरी पिछले 22 दिनों से लंग्स इनफेक्शन के चलते ICU में एडमिट थी। किरण माहेश्वरी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत पार्षद से की थी और वह अपनी काबिलियत के दम पर सभापति, सांसद, विधायक और मंत्री तक बनी। किरण माहेश्वरी के शव को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से सड़क मार्ग से उदयपुर लाया जा रहा है। मंगलवार को उदयपुर में कोरोना प्रोटोकॉल के तहत किरण महेश्वरी का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

किरण माहेश्वरी के जीवन से जुड़ी 10 महत्वपूर्ण घटनाक्रम

1. किरण माहेश्वरी का जन्म 29 अक्टूबर 1961 को मध्यप्रदेश के रतलाम में हुआ था। उन्होंने साल 1981 में उदयपुर के सत्यनारायण माहेश्वरी से विवाह किया था।
2. साल 1992 में किरण माहेश्वरी को राज्य कल्याण बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया गया। जिसके साथ ही उनके राजनीतिक करियर की भी शुरुआत हुई।
3. साल 1994 में उन्हें बीजेपी ने अपना पार्षद प्रत्याशी बनाया। जिसके बाद चुनाव जीतने पर उन्हें उदयपुर का मेयर नियुक्त किया गया। इस दौरान महेश्वरी ने महिला सशक्तिकरण और महिला उत्थान के लिए उदयपुर में पहले महिला सरकारी बैंक की स्थापना की और वह इसकी संस्थापक अध्यक्ष बनी।
4. साल 2000 तक किरण माहेश्वरी का कद प्रदेश भाजपा में काफी बढ़ गया था, और माहेश्वरी महिलाओं में काफी लोकप्रिय नेता के तौर पर उभर रही थी। इसके बाद में उन्हें बीजेपी महिला मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
5. इसके बाद में साल 2004 में किरण माहेश्वरी को भारतीय जनता पार्टी ने उदयपुर जयसमंद संसदीय क्षेत्र से अपना प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में किरण माहेश्वरी ने कांग्रेस की दिग्गज नेत्री गिरिजा व्यास को चुनाव में शिकस्त दी और सांसद चुनी गई। जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी द्वारा भी उन्हें संगठन में राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई।
6. किरण माहेश्वरी की लोकप्रियता दिनोंदिन बढ़ रही थी। जिसके बाद में यह भारतीय जनता पार्टी द्वारा उन्हें साल 2006 में बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
7. साल 2008 में किरण माहेश्वरी ने सांसद पद से इस्तीफा दे दिया और उन्होंने राजस्थान विधानसभा में राजसमंद निर्वाचन क्षेत्र से एमएलए का चुनाव लड़ा और इसमें जीत दर्ज की।
8. विधायक का चुनाव जीतने के बाद एक बार फिर साल 2009 में भारतीय जनता पार्टी ने किरण माहेश्वरी को अजमेर लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया। हालांकि इस चुनाव में उन्हें कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी सचिन पायलट से हार का मुंह देखना पड़ा।
9. किरण माहेश्वरी विधायक रहते हुए लगातार संगठन में एक्टिव रही इसका नतीजा रहा कि उन्हें साल 2011 में भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया।
10. किरण महेश्वरी साल 2013 में एक बार फिर राजसमंद विधानसभा सीट से विधायक बनी। इस बार माहेश्वरी ने 30 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। ऐसे में प्रदेश भाजपा सरकार में उन्हें उच्च शिक्षा जैसा महत्वपूर्ण विभाग देकर कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया।

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