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12 बैंकाें की 300 से अधिक शाखाओं के 3 हजार अधिकारी कर्मचारी हड़ताल पर

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के विरोध में बीरबल चाैक स्थित पीएनबी शाखा पर किया प्रदर्शन

12 बैंकाें की 300 से अधिक शाखाओं के 3 हजार अधिकारी कर्मचारी हड़ताल पर

बैंकों के निजीकरण का विरोध : 12 बैंकाें की 300 से अधिक शाखाओं के 3 हजार अधिकारी कर्मचारी हड़ताल पर, 300 कराेड़ का लेनदेन प्रभावित, आज भी काम बंद रखें

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बैंकों के निजीकरण का विरोध : 12 बैंकाें की 300 से अधिक शाखाओं के 3 हजार अधिकारी कर्मचारी हड़ताल पर, 300 कराेड़ का लेनदेन प्रभावित, आज भी काम बंद रखेंगे

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के विरोध में बीरबल चाैक स्थित पीएनबी शाखा पर किया प्रदर्शन

श्रीगंगानगर : (पी9 ब्यूरो) :

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन की ओर से साेमवार काे सुबह बीरबल चाैक स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा के समक्ष प्रदर्शन किया गया। इसमें बैंक कर्मचारियाें ने सरकार विराेध नारेबाजी की। सूत्राें के अनुसार जिलेभर में 12 बैंकाें की 300 से अधिक शाखाओं के 3 हजार से अधिक अधिकारी व कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए हैं। पहले दिन 300 कराेड़ रुपयाें का लेनदेन प्रभावित हुआ है। हड़ताल के कारण जिलेभर की शाखाओं में पैसा निकालने, जमा करने, चेक क्लीयरेंस और ऋण मंजूरी जैसी सेवाओं पर असर पड़ा। इस बीच जिलेभर में निजी बैंक खुले रहे।

केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना कर निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की

सभा में एआईबीईए के पवन गोयल ने बताया कि सार्वजनिक बैंकाें ने 97 फीसदी जनधन खाते, 98 फीसदी पेंशन, 98 फीसदी पीएमजेजेवाई खाते, 80 फीसदी फसल बीमा, 95 फीसदी पीएमजीकेवाई खाते, 90 फीसदी जीईसीएल, 95 फीसदी केसीसी, 98 फीसदी स्वानिधि लाेन, 80 प्रतिशत एजुकेशन लाेन दिया जा चुका है।
हड़ताल के दाैरान शहर में कई जगहाें पर खाली हाे गए एटीएम : पूर्व संयोजक ओपी जुनेजा ने बताया की सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक सरकार की सारी जन कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में जी जान से जुटते हैं फिर भी सरकार की ओर से बैंकों के साथ मनमानी की जाती रही है। आपकाे बता दें कि हड़ताल के दाैरान शहर के कई जगहाें पर लगाए एटीएम खाली हाेने की सूचना मिली। हड़ताल से पहले शनिवार व रविवार की दाे दिन की छुट्टी हाेने से पहले शुक्रवार काे ही एटीएम में रुपए डाले गए थे। मंगलवार व बुधवार काे सुबह बैंक खुलने से पहले तक यह समस्या और भी बढ़ने की संभावना है।
प्रदर्शन में यह शामिल हुए : सभा काे एआईबीओसी के रंजन मक्कड़, एनओबीडब्ल्यू के राजेश बब्बर, महेश सिरोही, प्रणवी, नेहा यादव, मोनिका आदि ने भी संबोधित किया।

बैंकाें के निजीकरण काे कर्मचारी विराेधी बताया

प्रदर्शन के बाद रैली भी निकाली गई जाे रविंद्र पथ हाेते हुए गाेल बाजार से गांधी चौक पर पहुंची। यहां सीटू, एटक एवं अन्य संगठनों के साथ एक सामूहिक सभा में भी बैंक कर्मियों ने भाग लिया। यूएफबीयू के संयोजक हरीश नागपाल ने अपने संबोधन में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण किए जाने को कर्मचारी विरोधी तथा सरकार की निरंकुशता बताते सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। नागपाल ने बताया कि मंगलवार काे सुखाड़िया सर्किल स्थित पीएनबी शाखा के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा।

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