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सिटी लाइव वॉट्सएप ग्रुप बना थानों में काम करवाने के नाम पर ठगने वाला साथी सहित काबू

युवक का काम कराने के नाम पर ठगे थे 1.20 लाख रुपए

सिटी लाइव वॉट्सएप ग्रुप बना थानों में काम करवाने के नाम पर ठगने वाला साथी सहित काबू

ठगी का मामला : सिटी लाइव वॉट्सएप ग्रुप बना थानों में काम करवाने के नाम पर ठगने वाला साथी सहित काबू युवक का काम कराने के नाम पर ठगे थे 1.20 लाख रुप

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ठगी का मामला : सिटी लाइव वॉट्सएप ग्रुप बना थानों में काम करवाने के नाम पर ठगने वाला साथी सहित काबू

युवक का काम कराने के नाम पर ठगे थे 1.20 लाख रुपए

खन्ना : (पी9 ब्यूरो) : 

वॉट्सएप पर सिटी लाइव नाम से ग्रुप बना लोगों की समस्याएं हल करवाने के नाम पर लाखों ठगने वाले डायरेक्टर परमजीत सिंह वालिया को साथी मनिंदर सिंह समेत पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने पुलिस के नाम पर खन्ना के परमजीत से 1.20 लाख रुपए ठगे थे। पीड़ित परमजीत सिंह ने बताया कि कुछ समय पहले उसकी एक युवती से दोस्ती हुई थी, जोकि बाद में खत्म हो गई। वह उसे पुलिस के पास शिकायत करने की धमकी देने लगी। वह डिप्रेशन में रहने लगा तो दोस्तों ने उसे सिटी लाइव ग्रुप चलाने वाले परमजीत वालिया से मिलवाया।

वालिया ने उससे थाने के अफसरों से अच्छे संबंध हैं, यह कहकर झांसे में लिया था। बकायदा उसे डीएसपी ऑफिस भी लेकर गए। पहले उससे किश्तों में कुछ पैसे ले लिए गए, लेकिन काफी समय बीतने के बाद जब काम नहीं हुआ तो वालिया से अपने पैसे वापस मांगे तो वह धमकाने लगा कि वह उसे केस में फंसा देगा, उसकी पर्सनल फोटो उसके पास है। अगर वह उसे तंग करेगा तो वह इसकी शिकायत पुलिस को देकर पर्चा दर्ज करा देगा। इसके चलते उसने पुलिस को शिकायत दी।

वॉट्सएप पर ग्रुप बनाने वाले ग्रेजुएट वालिया ने पुलिस केे नाम पर ठगी की योजना बनाई थी। कुछ समय पहले खन्ना में भाई का चालान होने पर शहर की पूरी ट्रैफिक पुलिस टीम की बदली करवाने के बाद चर्चा में आए खन्ना की नई आबादी इलाके के वालिया का हौसला इतना बुलंद था कि उसने इसका फायदा उठाकर वॉट्सएप ग्रुप बना लिया। इसमें पुलिस अफसरों के साथ लोगों को भी जोड़ा।

छोटे से बड़े अफसर की कर चुका शिकायत

लोगों की समस्याएं हल करवाने के नाम पर छोटे से लेकर बड़े पुलिस अफसर तक की चंडीगढ़ में डीजीपी ऑफिस, सीएम तक को शिकायत की। लोकल पुलिस में रौब जमाने के साथ साथ वालिया ने अपने घर के साथ ही दफ्तर बना लिया, जहां लोगों को बुला दरबार जमाता था। रौब झाड़ने के लिए संबंधित अधिकारी को फोन करना आम बात थी।

काम करने से मना करने पर अधिकारी की शिकायत चंडीगढ़ में आला अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री तक को की जाती थी। वालिया ने एक दोस्त को प्रिंसिपल सेक्रेटरी खुद ही लगा दिया था। दोनों मिलकर शहर में सुधार करने के साथ पीड़ितों को न्याय दिलाने का दावा करते थे।

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