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सरकार और किसानों के बीच 5वें दौर की बातचीत आज दोपहर 2 बजे

सरकार और किसानों के बीच 5वें दौर की बातचीत आज दोपहर 2 बजे

किसान आंदोलन का 10वां दिन : सरकार और किसानों के बीच 5वें दौर की बातचीत आज दोपहर 2 बजे, 8 दिसंबर को भारत बंद का ऐलान नई दिल्ली : (पी9 ब्यूरो) :

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किसान आंदोलन का 10वां दिन : सरकार और किसानों के बीच 5वें दौर की बातचीत आज दोपहर 2 बजे, 8 दिसंबर को भारत बंद का ऐलान

नई दिल्ली : (पी9 ब्यूरो) :

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के प्रदर्शन शनिवार को 10वें दिन भी जारी हैं। आज दोपहर 2 बजे से सरकार और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच 5वें दौर की बातचीत होगी। इससे पहले किसानों ने शुक्रवार को कहा कि अगर कानून वापस नहीं लिया गया तो वे 8 दिसंबर को भारत बंद करेंगे। किसानों ने सभी टोल प्लाजा पर कब्जे की भी चेतावनी दी है।
शुक्रवार को किसानों की मीटिंग के बाद उनके नेता हरविंदर सिंह लखवाल ने कहा- आने वाले दिनों में दिल्ली की बची हुई सड़कों को भी ब्लॉक करेंगे। किसान संगठन पहले ही कह चुके हैं कि 5 दिसंबर यानी शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले जलाए जाएंगे।

170 से ज्यादा किसान बीमार, कोरोना टेस्ट के लिए तैयार नहीं

टिकरी-कुंडली बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे 170 से ज्यादा किसान बुखार और खांसी से पीड़ित हैं। यहां लगे कैंपों में हजारों किसान दवा ले रहे हैं। अपील के बावजूद किसान कोरोना टेस्ट नहीं करवा रहे हैं। तीन किसानों की मौत हो चुकी है। समर्थन देने पहुंचे महम विधायक बलराज कुंडू कोरोना पॉजिटिव मिले। हरियाणा भाकियू के प्रवक्ता राकेश बैंस ने बताया- किसानों से अपील कर रहे हैं कि तबीयत खराब होते ही चेकअप करवा कर दवाई लें। जिन्हें बुखार है, वे कोरोना टेस्ट भी कराएं। करीब एक हजार किसान दवा ले चुके हैं।

केंद्र सुधारों पर राजी, किसान कानून वापसी पर अड़े

किसानों और केंद्र के बीच गुरुवार को चौथे दौर की बातचीत 7 घंटे चली। इसके बाद साफ हो गया था कि आंदोलन अभी थमेगा नहीं। क्रांतिकारी किसान यूनियन के लीडर दर्शनपाल ने कहा- केंद्र कानूनों में कुछ सुधार पर राजी है, पर हम नहीं। हमने उन्हें बता दिया है कि पूरे कानून में ही खामी है। लिहाजा, इन्हें वापस लिया जाए।

सरकार ने 7 घंटे में किसानों की 7 चिंताएं सुनीं, सिर्फ एक पर वादा किया

किसानों की चिंताएं                                                                   सरकार का जवाब

एम् एस पी यानी मिनिमम सपोर्ट प्राइस बंद तो नहीं हो जाएगी? एम् एस पी चल रही थी, चल रही है और आने वाले वक्त में भी चलती रहेगी।
एपीएम्सी यानी एग्रीकल्चर प्रोड्यूसर मार्केट कमेटी खत्म तो नहीं हो जाएगी? प्राइवेट मंडियां आएंगी, लेकिन हम एपीएम्सी को भी मजबूत बनाएंगे।
मंडी के बाहर ट्रेड के लिए पैन कार्ड तो कोई भी जुटा लेगा और उस पर टैक्स भी नहीं लगेगा। सरकार का वादा- ट्रेडर के रजिस्ट्रेशन को जरूरी करेंगे।
मंडी के बाहर ट्रेड पर कोई टैक्स नहीं लगेगा? एपीएम्सी मंडियों और प्राइवेट मंडियों में टैक्स एक जैसा बनाने पर विचार करेंगे।
विवाद एसडीएम की कोर्ट में न जाए, वह छोटी अदालत है। ऊपरी अदालत में जाने का हक देने पर विचार करेंगे।
नए कानूनों से छोटे किसानों की जमीन बड़े लोग हथिया लेंगे। किसानों की सुरक्षा पूरी है। फिर भी शंकाएं हैं तो समाधान के लिए तैयार हैं।
बिजली संशोधित बिल और पराली जलाने पर सजा पर भी हमारा विरोध है। सरकार विचार करने पर पूरी तरह राजी है।

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