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वकीलों को थाने में पीटने का मामला : पुलिस ने मेडिकल करा दोनों को बताया ठीक

सीपी ऑफिस के बाहर दिया धरना तो बनाई एसआईटी

वकीलों को थाने में पीटने का मामला : पुलिस ने मेडिकल करा दोनों को बताया ठीक

वकीलों को थाने में पीटने का मामला : पुलिस ने मेडिकल करा दोनों को बताया ठीक, हालत देख कोर्ट ने बनाया मेडिकल बोर्ड, जांच में 17 जगह चोटें सीपी ऑफिस

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वकीलों को थाने में पीटने का मामला : पुलिस ने मेडिकल करा दोनों को बताया ठीक, हालत देख कोर्ट ने बनाया मेडिकल बोर्ड, जांच में 17 जगह चोटें

सीपी ऑफिस के बाहर दिया धरना तो बनाई एसआईटी

एसएचओ हैबोवाल समेत 3 लाइन हाजिर, एक एएसआई सस्पेंड

लुधियाना : (पी9 ब्यूरो) :

हैबोवाल में वकील दो सगे भाइयों सिद्धार्थ और मोहित चांदी द्वारा थाना हैबोवाल के एसएचओ व अन्य मुलाजिमों पर थर्ड डिग्री टार्चर करने का आरोप लगाया गया था। शनिवार को पुलिस द्वारा कराए मेडिकल को कोर्ट ने सही न बता दोबारा मेडिकल कराने के आदेश दिए थे। सोमवार को दोनों भाइयों का सिविल अस्पताल से मेडिकल एक्जामिन कराया गया। ये मेडिकल डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा किया गया। जिसमें डॉ. हरप्रीत सिंह. डॉ. वरुण सग्गड़, डॉ. आदित्य और डॉ. दविंदर कुमार शामिल थे।

मेडिकल रिपोर्ट से पता चला कि दोनों के शरीर पर 17 चोटों के निशान हैं। जिसमें सिद्धार्थ के सिर, पैर, पैर की अंगुलियां, पैर के नीचे, टांगे, पीठ और सिर पर 14 चोट के निशान मिले हैं। जिसमें 10 गहरी चोटें आई हैं। जबकि मोहित की पीठ, टांग व पैर पर चोटें आई हैं। मोहित के अनुसार उसके पैर व पीठ पर फैक्चर है। डॉक्टरों द्वारा उसे मंगलवार को एक्स-रे कराने को कहा गया है। वहीं दूसरी तरफ पुलिस द्वारा शनिवार को कराए गए मेडिकल में मोहित व सिद्धार्थ को मामूली दर्द होने की बात कही गई थी। जानकारी के अनुसार पुलिस ने दोनों वकील भाइयों का शनिवार दोपहर को सिविल अस्पताल से मेडिकल कराया।
जिसमें दोनों फीट होने और मामूली दर्द होने की बात कह मेडिकल रिपोर्ट करा अदालत में पेश किया। लेकिन कोर्ट द्वारा उनकी हालत देख मेडिकल गलत व अस्पष्ट बता डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा मेडिकल करने के आदेश दिए थे। वहीं, वकील भाइयों के साथ थर्ड डिग्री टाॅर्चर होने पर हालात बिगड़ते देख हरकत में आई पुलिस ने अपने मुलाजिमों पर कार्रवाई की। जिसके चलते थाना हैबोवाल के एसएचओ जसकंवल सिंह सेखों समेत तीन मुलाजिमों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। जबकि एक एएसआई शाम सिंह को सस्पें‌ड किया गया है।

एसएचओ हैबोवाल समेत 3 लाइन हाजिर, एक एएसआई सस्पेंड

इधर पीड़ित मोहित ने बताया कि 13 नवंबर की रात वे थाने पहुंचे तो मुलाजिमों ने दोनों भाइयों, सरपंच व दो अन्य लोगों को बहाने से अंदर बुलाकर बंद कर लिया। पहले तो एसएचओ जसकंवल सिंह आराम से बात करते रहे, लेकिन फिर पांचों को हवालात में बंद कर दिया। फिर वे उन्हें पीटने लगे। उनके कपड़े उतारकर पुरी रात नग्न अवस्था में रखा और मारपीट की। मोहित के अनुसार मुलाजिमों ने उन पर 5-6 डंडे मार मारकर तोड़ दिए थे। फिर एक मुलाजिम ने सिर पर पिस्तौल भी तानी, जबकि दूसरे एएसआई ने जमीन पर लेटाकर गले व छाती पर बूट रखकर दबाया।
महिला अफसर ने डंडों से पीटा : सिद्धार्थ ने बताया कि थाना हैबोवाल के एसएचओ द्वारा एक अन्य थाने की महिला एसएचओ को फोन कर उन्हें पकड़ने के बारे में बताया गया। इसके बाद वे महिला अफसर हैबोवाल थाने में देर रात पहुंची। उन्होंने आकर डंडे के साथ सभी के साथ मारपीट की। काफी देर तक टाॅर्चर करने के बाद वे चली गईं। सिद्धार्थ ने आरोप लगाया कि उक्त महिला एसएचओ का एरिया न होने के बावजूद वे थाने में आकर मारपीट करती रही। जबकि वकीलों द्वारा थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकालने की मांग की गई। तो पुलिस का कहना था कि कैमरे कई दिनों से बंद है।

एसआईटी कर रही मामले की जांच

एडीसीपी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है। वकीलों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को लेकर टीम इन्वेस्टिगेशन कर रही है। वहीं महिला एसएचओ आई थी या नहीं और कैमरे कब से बंद हैं, इसे चेक किया जा रहा है। – भगीरथ सिंह मीना, ज्वाइंट कमिश्नर।

पहले पुलिस मुलाजिमों को सिर्फ सस्पेंड करने पर भड़के वकील

जानकारी के अनुसार पुलिस द्वारा पहले मुलाजिमों को सस्पेंड कर खानापूर्ति कर दी गई। लेकिन मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद लुधियाना कोर्ट काॅम्प्लेक्स के सभी वकीलों द्वारा बार रूम में मीटिंग की गई। एडवोकेट वरूण गुप्ता के अनुसार एसएचओ व बाकी मुलाजिमों पर मामला दर्ज करने व डिसमिस करने की शिकायत देने के लिए सभी वकील पुलिस कमिश्नर ऑफिस पहुंचे।
लेकिन सीपी के न मिलने से वकीलों ने ऑफिस के बाहर ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान उनकी तरफ से नारेबाजी भी गई। करीब एक घंटा प्रदर्शन के बाद पांच सीनियर वकीलों द्वारा जाॅइंट कमिश्नर भगीरथ सिंह मीणा के साथ मीटिंग की गई। इसके बाद उन्होंने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी। जिसमें एडीसीपी समीर वर्मा व एसीपी गुरप्रीत सिंह होगें।

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