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लोकहित में दी शिकायतों को लेकर 84 वर्षीय बजुर्ग बैठा धरने पर

लोकहित में दी शिकायतों को लेकर 84 वर्षीय बजुर्ग बैठा धरने पर

लोकहित में दी शिकायतों को लेकर 84 वर्षीय बजुर्ग बैठा धरने पर-कहा कार्रवाई करो वर्ना आत्महत्या की अनुमति दो लुधियाना : (पी9 ब्यूरो) :   बल्ल

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लोकहित में दी शिकायतों को लेकर 84 वर्षीय बजुर्ग बैठा धरने पर-कहा कार्रवाई करो वर्ना आत्महत्या की अनुमति दो

लुधियाना : (पी9 ब्यूरो) :  

बल्लोके पंचायत के 84 वर्षीय बलराज शर्मा मंगलवार को डीसी दफ्तर आ बैनर लगाकर धरने पर बैठ गए। बलराज शर्मा अपने साथ शिकायतों का एक पुलिंदा लेकर आए जिसे उन्होंने पूर्व में अलग-अलग अथारिटीज को दिया था। 15 जून को उन्होंने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, कांग्रेस प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ व कई अफसरों को एक चेतावनी भरा पत्र लिखाकर भेजा था। इस पत्र में उन्होंने लिखा था कि छह साल से उन्होंने जो शिकायतें दी हैं उन पर 15 दिन में कार्रवाई की जाए। अगर आपने कार्रवाई नहीं की तो मैं समझूंगा कि आप मुझे आत्म हत्या करने की अनुमति दे रहे हैं। बलराज ने प्रशासन को फिर चेतावनी दी है कि जुलाई के पहले सप्ताह तक उनका अल्टीमेटम पूरा हो जाएगा, तब तक कार्रवाई नहीं की तो वह लोकहित में आत्महत्या करने से गुरेज नहीं करेंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री, कांग्रेस प्रधान व तमाम अफसर जिम्मेदार होंगे।
बलराज शर्मा ने कहा कि वह 70 साल से कांग्रेस का झंडा उठाकर पार्टी के साथ हैं। अपनी पार्टी की सरकार से उम्मीद थी कि उनकी शिकायत पर भ्रष्ट अफसरों पर कार्रवाई होगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बलराज शर्मा ने बताया कि छह साल पहले तात्कालीन विधायक दर्शन सिंह शिवालिक ने बल्लोके में सड़क निर्माण के लिए पत्थर बिछवाए थे लेकिन तभी सरकार बदल गई। नई सरकार आने पर इन सड़कों का काम रुक गया। कई बार शिकायत दी फिर भी कुछ नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि नगर निगम हैबोवाल के पास जहां लेजर वैली बन रही है, वह जमीन बल्लोके पंचायत की है और निगम उसे हड़प रहा है। 
इसी तरह, उन्होंने छह साल पहले एक अधिकारी के खिलाफ भ्रष्ट्राचार से संबंधित शिकायत दी थी, उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि जनहित के लिए वह लगातार शिकायतें करते रहे। लेकिन किसी स्तर पर सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वह खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। इसलिए उन्होंने आत्महत्या करने का एलान किया।

दोपहर बाद डीडीपीओ ने की सुनवाई

बलराज शर्मा ने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजा है लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। उन्होंने बताया कि वह सारे दस्तावेज व अपना सामान लेकर डीसी दफ्तर में धरने पर बैठे हैं। बलराज शर्मा ने बताया कि उन्होंने जुलाई के पहले सप्ताह तक का समय सरकार को दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी आत्महत्या के लिए मुख्यमंत्री से लेकर तमाम अधिकारी जिम्मेदार होंगे। दोपहर बाद डीडीपीओ बाहर आए और बुजुर्ग को अपने दफ्तर में ले गए और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर जरूर कार्रवाई होगी।

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