लुधियाना पुलिस का दावा, मेरठ में ड्रग्स माफिया से मिली 67 लाख ट्रामाडोल नशीली गोलियां, नेट बैंकिंग से दुबई में होती थी पेमेंट हेरोइन का नशा छुड़ान
लुधियाना पुलिस का दावा, मेरठ में ड्रग्स माफिया से मिली 67 लाख ट्रामाडोल नशीली गोलियां, नेट बैंकिंग से दुबई में होती थी पेमेंट
हेरोइन का नशा छुड़ाने को नशा मुक्ति केंद्रो में 6 माह से ट्रामाडोल की सप्लाई बंद, ड्रग माफिया बेच रहा
भाजपा नेता सतीश नागर के घर से मिली 1.29 लाख नशीली गोलियां मिलने के बाद बनी ड्रग चेन
लुधियाना : (पी9 ब्यूरो) :


छावनी मोहल्ला में भाजपा नेता सतीश नागर के किराये के घर से मिली 1.29 लाख नशीली गोलियों (ट्रामाडोल सॉल्ट) के लिंक से नशे के एक बड़े नेटवर्क को लुधियाना पुलिस ने ब्रेक किया है। एसीपी सेंट्रल वरियाम सिंह के नेतृत्व में वहां गई पुलिस ने नशीली दवाओं का जखीरा बरामद किया है। पंजाब पुलिस का दावा है कि मेरठ में रेड के दौरान 54 करोड़ रुपये की 67 लाख गोलियां बरामद की गई हैं। पुलिस ने फार्मास्यूटिकल कंपनी के अकाउंटेट को भी गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही वहां के चार आरोपी जान सैफी, फरजान सेठी, सूरज प्रकाश उर्फ छुट्टन और मोहम्मद सादिक को गिरफ्तार किया गया है। इस नेटवर्क को दुबई से ऑपरेट होने वाले कनेक्शन और बाकी के आरोपियों की तलाश में पुलिस जुट गई है।
अब तक इस ड्रग नेटवर्क में 6 एफआईआर हो चुकी हैं, जसमें 15 लोगों को नामजद किया जा चुका है। खास बात यह है कि जिस दवा को हेरोइन व अफीम का नशा छुड़ाने के लिए सरकारी नशा मुक्ति केंद्र इस्तेमाल करते थे, उसी ट्रामाडोल को अब नशेड़ी नशे के लिए इस्तेमाल करने लगे हैं। ड्रग माफिया अब बोरियां भरकर इसे पंजाब में तीन गुना दाम पर उतार रहा है और वह भी ऐसे समय में जब सरकारी अस्पतालों में इसकी सप्लाई 6 माह से ठप पड़ी है।
पंजाब में नशा बंद लेकिन बोरियों में 19 करोड़ की ड्रग्स 57 करोड़ में बेची जानी थी
नशे की इस चेन की शुरुआत 1 मार्च को लुधियाना से भाजपा नेता के किराये के घर से शुरू हुई। उसे ट्रेस करते हुए पुलिस मेरठ और फिर दुबई तक पहुंच गई। पूछताछ में पता चला, मेरठ के गोदाम दुबई में बैठे शख्स के हैं, जिसकी इजाजत से वहां दवाइयां स्टोर की जाती थीं। जिसके बाद वहां से चारों आरोपी अलग-अलग स्टेट में दवाइयां भेजने का काम करते थे।
इसलिए कुरियर कंपनी, माल लोड करने वाले टेंपू की मदद से इसे पंजाब, हरियाणा और राजस्थान भेजते थे। इस दौरान कुरियर और माल लोड करने वाले ट्रक के आगे आरोपियों की एक गाड़ी चलती थी, जोकि बाॅर्डर तक उन्हें छोड़कर आते थे।
पंजाब का किंगपिन अनूप शर्मा था, जोकि अपने गुर्गों की मदद से पंजाब के बार्डर से सामान लुधियाना तक पहुंचाता था। उक्त आरोपियों को पैसे आॅनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए ट्रांसफर किए जाते थे। सूत्र बताते है सीज खातों मेंं से एक में 95 लाख रूपए की ट्रांजेक्शन हो चुकी थी।
इल्लीगल दवाई को लीगल बनाने का गोरखधंधा
उक्त दवाई पंजाब में प्रतिबंधित है, इन दवाइयों को लीगल बनाने के लिए इन सप्लाई मैन्यूफैक्चरों, होलसेलरों और मेडिकल स्टोरों पर बेचा जा रहा था। जिन्हें प्रिंट रेट से तीन गुना दाम पर बेच रहे थे। उक्त आरोपी पंजाब में ही 20 करोड़ से ज्यादा की दवाइयां बेच चुके हैं।
इससे पहले 6 मार्च 2020 में बरनाला पुलिस ने 40 लाख नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामद किए थे। जिसका लिंक भी यूपी से था, लेकिन जिला मथुरा था। वहां के पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद अब मेरठ से 67 लाख नशीली गोलियां पकड़ी गई। इससे साफ है कि यूपी में नशीली दवाइयों की सप्लाई पंजाब में जोरों पर हो रही है।
लुधियाना में नशामुक्ति के लिए दिया जा रहा ट्रामाडोल
सेहत विभाग के नशा छुड़ाओ केंद्रे में हर रोज नशेड़ियों को उक्त दवाई उनके शरीर के हिसाब से दी जाती है। किसी को एक और ज्यादा एडिक्ट को 3 गोलियां। इस हिसाब से रोज की 2500 से 3 हजार के करीब गोलियों की लुधियाना में खपत है।
लुधियाना के सरकारी नशा मुक्ति केंद्र के डॉ विवेक गोयल के अनुसार पिछले 6 महीनों से इसकी सरकारी सप्लाई नहीं आ रही। लिहाजा अब इसका विकल्प नशामुक्ति के लिए दे दिया जा रहा है।
सतीश नागर की भूमिका पर सी.पी. चुप, बोले- अभी इंवेस्टिगेशन चल रही है
इस मामले में पुलिस ने सबसे पहले भाजपा नेता सतीश नागर के खिलाफ नशा तस्करी में शामिल होने का पर्चा दर्ज किया था। लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते उसे छोड़ दिया गया और एसआईटी बना दी, मगर 18 दिन बाद भी उसकी रिपोर्ट नहीं आई। जब पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल से नागर की भूमिका पर सवाल किया तो वह स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने कहा अभी इंवेस्टिगेशन चल रही है।
हैरत की बात ये है कि पुलिस ने जिससे क्लू लेकर इतनी बड़ी ड्रग चेन ब्रेक की उसकी भूमिका को उजागर करने से अब कतरा रही है। पुलिस द्वारा पिछले 18 दिन के ऑपरेशन में 15 लोगों को गिरफ्तार किया। जिसमें अनूप कुमार शर्मा से 1.29 लाख गोलियां, कुलदीप उर्फ बिजली से 850, बब्लू उर्फ बाबी से 760, कमलजीत सिंह उर्फ कमल से 825, कर्मजीत सिंह उर्फ प्रिंस से 790, कुलविंदर सिंह उर्फ बब्बू से 780 गोलियां बरामद हुई। इसके अलावा हेमंत, लवलीन शर्मा, हरजीत सिंह उर्फ राजिंदर, सुमित कुमार, गगनदीप पहले ही गिरफ्तार हो चुके है।

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