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रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स व बचपन बचाओ आंदोलन ने मुक्त कराए 11 बच्चे

रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स व बचपन बचाओ आंदोलन ने मुक्त कराए 11 बच्चे

रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स व बचपन बचाओ आंदोलन ने मुक्त कराए 11 बच्चे लुधियाना : (पी9 ब्यूरो) :  लॉक डाउन के धीरे धीरे खुलने के बाद पंजाब से गयी

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रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स व बचपन बचाओ आंदोलन ने मुक्त कराए 11 बच्चे

लुधियाना : (पी9 ब्यूरो) : 

लॉक डाउन के धीरे धीरे खुलने के बाद पंजाब से गयी लेबर का वापिस आना शरू हो गया है। ये पंजाब व लुधियाना की इंडस्ट्री के लिए अच्छी खबर है लेकिन लेबर के साथ कुछ दलाल लोगो ने बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड आदि से छोटे छोटे बच्चों को बहला-फुसला कर काम करवाने हेतु लाना भी शुरू कर दिया है। बचपन बचाओ आंदोलन ने बताया कि बचपन बचाओ आंदोलन पिछले दिनों में दिल्ली, उत्तरप्रदेश, राज्यस्थान, हरियाणा आदि राज्यो की पुलिस के साथ सैकडों बच्चो की ट्रैफिकिंग रोकने में कामयाब रहा है। इसकी कड़ी में आज बचपन बचाओ आंदोलन ने लुधियाना की रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के साथ माता वैष्णो देवी जा रही रेलगाड़ी नम्बर 05655 की गुप्त सूचना के आधार पर चेकिंग की और 11 ट्रैफिकिंग के शिकार बच्चों को मुक्त कराया।

बचपन बचाओ आंदोलन को गुप्त सूचना मिली थी कि ट्रेन संख्या 05655 में कटिहार से लुधियाना के लिए दलाल कुछ बच्चों की ट्रैफिकिंग करके ले जा रहे है। इसी के आधार पर बचपन बचाओ आंदोलन ने RPF लुधियाना के अनिल जी को सूचित किया और चेकिंग का प्लान बनाया। अम्बाला से ही  RPF की टीम ने ट्रेन में चढ़कर लुधियाना तक ट्रेन को स्कैन किया व सूचना को सही पा कर इसकी जानकारी लुधियाना रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स को दी। जिसके बाद लुधियाना में समूह टीम द्वारा रेड कर 11 बच्चों को मुक्त कराया गया। इस संयुक्त कार्यवाही में बचपन बचाओ आंदोलन की तरफ से दिनेश कुमार, रेलवे चाइल्ड लाइन लुधियाना, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स ने पूरी मेहनत लगाकर 11 बच्चों को 8 बाल तस्करों के चँगुल से आज़ाद कराया। मुक्त कराए सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया।

बच्चों को लाने वाले दलालो ने बताया कि पंजाब में पूरी तरह इंडस्ट्री खुल गयी है, हम पहले यही पर काम करते थे, लेकिन लॉक डाउन के कारण हमें वापिस जाना पड़ा। वहां जाकर और भी बुरा हाल हो गया। जब वापिस आने लगे तो गाँव के अन्य लोगो ने अपने बच्चों को हमारे साथ काम लगवाने भेज दिया। यहाँ पर बहुत सी फैक्टरियां है जहां आसानी से बच्चों को काम पर रख लेते है। इसलिए हम बच्चों को काम सीखाने अपने साथ ले आये।

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