Homeचण्डीगढ़

बेअदबी मामले में बयानबाजी :

सांसद बिट्‌टू व विधायक वेरका ने सिद्धू को घेरा

बेअदबी मामले में बयानबाजी :

बेअदबी मामले में बयानबाजी : ये वो सरदार जी हैं जो पहले दूसरों के लिए ताली ठोक सत्ता का आनंद लेते रहे, अब भागने की तैयारी में: रवनीत बिट्‌टू सा

लाकडाउन की पाबंदियों पर पुनर्विचार करे प्रशासन : अतुल कपूर, हर्ष बाहरी
माँ चिंतपूर्णी यात्रा की 14वी मासिक बस रवाना : अतुल कपूर
पंजाब में आज से सरकारी बसों का चक्का जाम :

बेअदबी मामले में बयानबाजी : ये वो सरदार जी हैं जो पहले दूसरों के लिए ताली ठोक सत्ता का आनंद लेते रहे, अब भागने की तैयारी में: रवनीत बिट्‌टू

सांसद बिट्‌टू व विधायक वेरका ने सिद्धू को घेरा

चंडीगढ़ : (पी9 ब्यूरो) :

बेअदबी के मामले में एसआईटी की नाकामी को लेकर उठे सवालों पर कांग्रेस विधायक नवजोत सिंह सिद्धू की तरफ से पिछले दिनों सरकार पर कसे गए तंज का जवाब लुधियाना से सांसद रवनीत सिंह बिट्‌टू ने सोशल मीडिया पर लाइव होकर दिया। बिट्‌टू ने सिद्धू का नाम लिए बिना कहा कि सरकार सबके फैसले पर चलती है, किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं होती, जो भागता है भाग जाए कैबिनेट को जनता में जाकर सरकार की छवि को साफ करना चाहिए। बिट्‌टू ने कहा कि ये वो सरदार जी हैं जो 2016 में दूसरे राज्यों में जाकर इसी केंद्र सरकार की कैंपेन करते थे, ठोको ताली कहते थे। नवंबर 2016 में इन्होंने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की। साढ़े चार साल कांग्रेस में रहे, अब भी यही है। बिट्‌टू ने कहा कि छड्‌ड के भज्जन वाले नू लीडर नहीं कहते। लीडर वह है जो उस घडी से निकलने पर विचार करें। भागते तो कायर हैं। भागने से कुछ नहीं बनेगा, लोग उसे भी माफ नहीं करेंगे जिसने पहले दूसरों के राज भाग से आनंद लिया, फिर कांग्रेस के राज में आनंद लिया और अब लोगों को भड़काता है। वहीं विधायक राजकुमार वेरका ने भी सिद्धू के खिलाफ हाईकमान को खत लिखकर नेता को पार्टी विरोधी बयान देने से रोकने की मांग की है।

सिद्धू बोले- क्या गृह मंत्री के लिए बेअदबी मामले प्राथमिकता नहीं है

नवजोत सिंह सिद्धू ने शुक्रवार को एसआईटी इश्यू पर गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी का हवाला देते हुए कैप्टन पर तंज कसा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि – क्या बेअदबी का मामला गृह मंत्री की प्राथमिकता नहीं है? जिम्मेदारी से भागने व एडवोकेट जनरल को बलि का बकरा बनाने का मतलब यही है कि एग्जैक्टिव का सुपरवाइजरी कंट्रोल नहीं है। एडवोकेट जनरल को फिर कौन कंट्रोल करता है। कानूनी टीम तो मात्र इन जिम्मेदारियों को दूसरे पर डालने की गेम में प्यादा मात्र है।

COMMENTS

WORDPRESS: 0
DISQUS: 0