पीएम की सुरक्षा में चूक का बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध : लुधियाना में डीसी कार्यालय के सामने प्रदर्शन के बाद ज्ञापन सौंपेंगे भाजपा नेता, मांग- क
पीएम की सुरक्षा में चूक का बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध : लुधियाना में डीसी कार्यालय के सामने प्रदर्शन के बाद ज्ञापन सौंपेंगे भाजपा नेता, मांग- कड़ी कार्रवाई की जाए
लुधियाना : (पी9 ब्यूरो) :

पंजाब दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली रद्द होने और उनकी सुरक्षा में चूक के बाद प्रदेश में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। भारतीय जनता पार्टी की तरफ से कांग्रेस के खिलाफ रोष जाहिर किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बीजेपी की तरफ से आज डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के सामने रोष प्रदर्शन किया जाना है और इसके बाद डिप्टी कमिश्नर वरिंदर शर्मा को ज्ञापन सौंपकर राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की जाएगी। यह प्रदर्शन बाद दोपहर रखा गया है। इसमें जिला स्तर के सभी नेता शामिल होंगे। प्रदर्शन जिला अध्यक्ष पुष्पिंदर सिंगल की अगुवाई में किया जाएगा।
जिला अध्यक्ष पुष्पिंदर सिंगल का आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी की रैली को असफल बनाने के लिए कांग्रेस की तरफ से गुंडों का सहारा लिया गया। जगह-जगह पर जाम लगाए गए और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट भी की गई। यह पूरा घटनाक्रम सोची समझी साजिश के तहत हुआ है। देश के प्रधानमंत्री को 20 मिनट सड़क पर रुकना पड़ा और बिना भाषण दिए, प्राेजेक्टों का शिलान्यास किए वापस जाना पड़ा। यह पंजाब के विकास के हित में भी नहीं है, क्योंकि प्रधानमंत्री की तरफ 42000 करोड़ रुपए के प्रोजेक्टों का उदघाटन यहां किया जाना था।
भाजपा ने देर शाम निकाला मिशाल मार्च
भारतीय जनता पार्टी की तरफ से देरशाम पंजाब सरकार और कांग्रेस के खिलाफ मशाल मार्च निकाला गया था। रेलवे स्टेशन से शुरू होकर यह मार्च जगराओं पुल तक गया। भाजपा कार्याकर्ताओं ने हाथों में मशाल पकड़ी हुई थीं और वह सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे थे। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना था कि देश के प्रधानमंत्री की जिस तरह सुरक्षा में चूक हुई है, इसे बर्दाशत नहीं किया जा सकता है।
बुधवार को फिरोजपुर से वापस लौटे थे मोदी
कृषि कानून रद्द होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार पंजाब आए थे। उनकी तरफ से फिरोजपुर में बड़ी जन सभा को संबोधित किया जाना था। इसके अलावा उनकी तरफ से पीजीआई सैटेलाइट सेंटर का उद्घाटन किया जाना था। मगर रास्ते में आई बाधा के बाद वह वापस चले गए और इसे लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री बेहद गुस्से में यहां से गए थे। चुनाव सिर पर हैं और भारतीय जनता पार्टी इस बार शिरोमणि अकाली दल बादल से अलग होकर चुनाव लड़ रही है।

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